फतेहाबाद में मेडिकल स्टोर संचालकों का प्रदर्शन:हड़ताल पर गए 1100 केमिस्ट, ऑनलाइन दवा ब्रिकी का विरोध, बोले- तेज होगा संघर्ष

फतेहाबाद जिले में केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल की गई। केमिस्ट एसोसिएशन के जिला प्रधान कन्हैया लाल अरोड़ा के नेतृत्व में जिले के लगभग 1100 मेडिकल स्टोर बंद रहे। सुबह 8 बजे से ही संगठन के पदाधिकारियों ने दुकानों को बंद कराना सुनिश्चित किया। जिला प्रधान कन्हैया लाल अरोड़ा ने बताया कि ऑनलाइन दवा व्यापार में लगातार वृद्धि से स्थानीय केमिस्टों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसी के विरोध में यह देशव्यापी एक दिवसीय बंद बुलाया गया था। बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी अरोड़ा ने जानकारी दी कि इस हड़ताल में देशभर के लगभग 12 लाख 40 हजार से अधिक केमिस्ट शामिल हुए। कर्मचारियों को मिलाकर यह आंकड़ा एक करोड़ से अधिक पहुंच जाता है। उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम बनाने और स्थानीय केमिस्टों के हितों की रक्षा करने की मांग की। हड़ताल के कारण जिले भर में मरीजों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को इस बंद से बाहर रखा गया था। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द इस मामले पर संज्ञान नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

May 20, 2026 - 12:32
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फतेहाबाद में मेडिकल स्टोर संचालकों का प्रदर्शन:हड़ताल पर गए 1100 केमिस्ट, ऑनलाइन दवा ब्रिकी का विरोध, बोले- तेज होगा संघर्ष
फतेहाबाद जिले में केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल की गई। केमिस्ट एसोसिएशन के जिला प्रधान कन्हैया लाल अरोड़ा के नेतृत्व में जिले के लगभग 1100 मेडिकल स्टोर बंद रहे। सुबह 8 बजे से ही संगठन के पदाधिकारियों ने दुकानों को बंद कराना सुनिश्चित किया। जिला प्रधान कन्हैया लाल अरोड़ा ने बताया कि ऑनलाइन दवा व्यापार में लगातार वृद्धि से स्थानीय केमिस्टों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसी के विरोध में यह देशव्यापी एक दिवसीय बंद बुलाया गया था। बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी अरोड़ा ने जानकारी दी कि इस हड़ताल में देशभर के लगभग 12 लाख 40 हजार से अधिक केमिस्ट शामिल हुए। कर्मचारियों को मिलाकर यह आंकड़ा एक करोड़ से अधिक पहुंच जाता है। उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम बनाने और स्थानीय केमिस्टों के हितों की रक्षा करने की मांग की। हड़ताल के कारण जिले भर में मरीजों को दवाइयों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को इस बंद से बाहर रखा गया था। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द इस मामले पर संज्ञान नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।