पंजाब विधानसभा में भगवंत मान पर शराब पीकर आने का आरोप, BJP बोली- लोकतंत्र का अपमान
पंजाब में विपक्ष का मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा में शराब पीकर आने का आरोप लगाया है। इसके लिए विपक्ष ने शराब और डोपिंग टेस्ट की मांग भी उठाई है। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा समेत कई अन्य विधायकों ने यह मांग उठाई है। ...
पंजाब में विपक्ष का मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा में शराब पीकर आने का आरोप लगाया है। इसके लिए विपक्ष ने शराब और डोपिंग टेस्ट की मांग भी उठाई है। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा समेत कई अन्य विधायकों ने यह मांग उठाई है। बाजबा ने स्पीकर को पत्र भी लिखा है।
भाजपा नेता आरपी सिंह ने शिरोमणि अकाली दल द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कथित तौर पर शराब पीकर विधानसभा में आने के आरोप पर कहा कि भगवंत मान की आदत छूट नहीं रही। वे विधानसभा के अंदर शराब पीकर चले गए, ऐसी जानकारी आ रही है।
अफसोस है कि उन्होंने पूरे पंजाब को शर्मिंदा किया है। वे राज्य के मुख्यमंत्री हैं और पूरा पंजाब इससे शर्मसार हुआ है। अपेक्षा करते हैं कि अरविंद केजरीवाल इस पर कोई चिंता करेंगे और उनका इस्तीफा लेंगे। मान बोले- आम
आदमी पार्टी के विधायकों के टूटने की चर्चा पूरी तरह बेबुनियाद
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंत्रिमंडल पर भरोसा जताते हुए कॉन्फिडेंस मोशन (विश्वास प्रस्ताव) पेश किया। विश्वास मत विधानसभा में सर्व सम्मति (विपक्ष की गैरहाजिरी) से पारित हुआ। इसके साथ ही आप में टूट की अटकलों पर विराम लग गया। 94 विधायकों वाली आम आदमी पार्टी के 88 एमएलए ने समर्थन किया। वहीं, आप के 6 विधायकों ने वोट नहीं किया। दो विधायक जेल में हैं और चार विधायक गैर हाजिर रहे।
मान ने कहा कि इन दिनों अफवाहों का बाजार गर्म है और नकारात्मक खबरें तेजी से फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायकों के टूटने की चर्चा पूरी तरह बेबुनियाद है और लोगों में भ्रम पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि उनकी सरकार पूरी तरह स्थिर, एकजुट और जनहित के एजेंडे पर काम कर रही है जबकि विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। Edited by : Sudhir Sharma



