पंचकूला में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी कारोबारी से 1.93 लाख हड़पे:फ्रांस से एक्सपोर्ट ऑर्डर दिलाने का झांसा; एडवांस के नाम पर ऐंठी रकम
फ्रांस से आयुर्वेदिक उत्पादों का बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर दिलाने का झांसा देकर पंचकूला के एक कारोबारी से 1.93 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पहले कंपनी में रजिस्ट्रेशन करवाया, फिर एक्सपोर्ट के नाम पर अलग-अलग सर्टिफिकेट और दस्तावेज बनवाने का दबाव बनाया। फर्जी एडवांस पेमेंट की रसीद भेजकर और रकम जमा करवाई गई। जब पीड़ित को शक हुआ तो उसने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 में मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता बाबू राम (46) सेक्टर-20 पंचकूला में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का कारोबार करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर अश्वगंधा के कारोबार के बारे में जानकारी ली। शुरुआत में उन्होंने बात को नजरअंदाज कर दिया, लेकिन बाद में खुद को VIA Trade Mart का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने बेहतर कारोबार और विदेश में एक्सपोर्ट का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। पहले ₹3,540 में रजिस्ट्रेशन शिकायत के अनुसार, 2 जून को ₹3,540 देकर कंपनी में रजिस्ट्रेशन कराया गया। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी नंबर और उत्पादों की जानकारी लेकर प्रोफाइल तैयार की गई। फिर एक कथित सपोर्ट मैनेजर और एक्सपोर्ट टीम के सदस्य ने संपर्क कर फ्रांस की एक कंपनी का प्रोफाइल भेजा और दावा किया कि वहीं से बड़ा ऑर्डर मिलने वाला है। इसके बाद एक्सपोर्ट के लिए EDI, IEC, ISO, CBP और अन्य प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर अलग-अलग भुगतान करवाए गए। फर्जी डॉलर रसीद भेजकर किया गुमराह आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास दिलाने के लिए 60 हजार रुपये एडवांस पेमेंट आने का दावा किया और फर्जी अमेरिकी डॉलर (USD) भुगतान रसीद भी भेज दी। बाद में कहा गया कि भुगतान जारी करने के लिए एक और दस्तावेज जरूरी है, जिसके लिए और पैसे जमा कराने होंगे। इसी बहाने लगातार रकम ऐंठी जाती रही। एम्बेसी वेरिफिकेशन के नाम पर मांगे और पैसे, तब हुआ शक जब एडवांस पेमेंट खाते में नहीं पहुंची तो आरोपियों ने कहा कि पहले एम्बेसी वेरिफिकेशन करानी होगी, तभी भुगतान मिलेगा। इसके लिए भी अतिरिक्त रकम मांगी गई। इस पर बाबू राम को धोखाधड़ी का शक हुआ और उन्होंने 6 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
फ्रांस से आयुर्वेदिक उत्पादों का बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर दिलाने का झांसा देकर पंचकूला के एक कारोबारी से 1.93 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पहले कंपनी में रजिस्ट्रेशन करवाया, फिर एक्सपोर्ट के नाम पर अलग-अलग सर्टिफिकेट और दस्तावेज बनवाने का दबाव बनाया। फर्जी एडवांस पेमेंट की रसीद भेजकर और रकम जमा करवाई गई। जब पीड़ित को शक हुआ तो उसने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 में मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता बाबू राम (46) सेक्टर-20 पंचकूला में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का कारोबार करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर अश्वगंधा के कारोबार के बारे में जानकारी ली। शुरुआत में उन्होंने बात को नजरअंदाज कर दिया, लेकिन बाद में खुद को VIA Trade Mart का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने बेहतर कारोबार और विदेश में एक्सपोर्ट का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। पहले ₹3,540 में रजिस्ट्रेशन शिकायत के अनुसार, 2 जून को ₹3,540 देकर कंपनी में रजिस्ट्रेशन कराया गया। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी नंबर और उत्पादों की जानकारी लेकर प्रोफाइल तैयार की गई। फिर एक कथित सपोर्ट मैनेजर और एक्सपोर्ट टीम के सदस्य ने संपर्क कर फ्रांस की एक कंपनी का प्रोफाइल भेजा और दावा किया कि वहीं से बड़ा ऑर्डर मिलने वाला है। इसके बाद एक्सपोर्ट के लिए EDI, IEC, ISO, CBP और अन्य प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर अलग-अलग भुगतान करवाए गए। फर्जी डॉलर रसीद भेजकर किया गुमराह आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास दिलाने के लिए 60 हजार रुपये एडवांस पेमेंट आने का दावा किया और फर्जी अमेरिकी डॉलर (USD) भुगतान रसीद भी भेज दी। बाद में कहा गया कि भुगतान जारी करने के लिए एक और दस्तावेज जरूरी है, जिसके लिए और पैसे जमा कराने होंगे। इसी बहाने लगातार रकम ऐंठी जाती रही। एम्बेसी वेरिफिकेशन के नाम पर मांगे और पैसे, तब हुआ शक जब एडवांस पेमेंट खाते में नहीं पहुंची तो आरोपियों ने कहा कि पहले एम्बेसी वेरिफिकेशन करानी होगी, तभी भुगतान मिलेगा। इसके लिए भी अतिरिक्त रकम मांगी गई। इस पर बाबू राम को धोखाधड़ी का शक हुआ और उन्होंने 6 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।