फरीदाबाद में CPWD की जमीन पर चलेगा बुलडोजर:26 जुलाई से तोड़फोड़; 30-40 साल से रह रहे लोगों ने मांगा पुनर्वास

फरीदाबाद सेक्टर 22 स्थित शिव नगर और मुजेसर इलाके में सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) की जमीन पर मकानों को खाली करने के नोटिस के बाद लोगों में हडकंप मचा हुआ है। लोगों का कहना है कि वह पिछले 30 से 40 सालों से यहां पर रह रहे है। जबकि दूसरी तरफ विभाग ने 26 जुलाई से तोड़फोड़ का काम शुरू करने का दावा किया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अभियंता सुरेश कुमार के मुताबिक मुजेसर, सारन और सेक्टर-22 में गर्वमेंट प्रैस की करीब 6 एकड़ जमीन है। करीब 25 साल पहले गर्वमेंट प्रैस बंद होने के बाद यह जमीन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को ट्रांसफर हो गई थी। विभाग की ओर से इस जमीन का कोई उपयोग नहीं किया गया। जिसके बाद यहां पर लोगों ने धीरे धीरे कब्जे कर लिए। कोर्ट का जमीन को खाली कराने का आदेश इसको लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से पहले भी नोटिस दिया गया था। जिसको लेकर लोग कोर्ट में चले गए। कोर्ट की ओर से भी अब जमीन को खाली करने का आदेश जारी किया गया है। एसडीएम त्रिलोकचंद ने बताया कि तोड़फोड़ से पहले नियम अनुसार लोगों को नोटिस जारी कर दिए गए है। उम्मीद है कि लोग तय समय में अवैध निर्माण को खाली कर देंगे। लोग बोले- सालों से यहां रह रहे नोटिस मिलने के बाद यंहा रहने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि वो सालों से यंहा पर रह रहे हैं। उनके तमाम दस्तावेज राशन कार्ड, बिजली कनेक्शन, वोटर कार्ड यहीं के पते पर बने हुए है। ऐसे में अचानक से उनको घरों को खाली करने के लिए कहा जा रहा है। वो लोग कहां पर जाककर रहेंगे। लोगों की मांग की उनको रहने के लिए जगह दी जाए।

Jul 15, 2026 - 11:43
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फरीदाबाद में CPWD की जमीन पर चलेगा बुलडोजर:26 जुलाई से तोड़फोड़; 30-40 साल से रह रहे लोगों ने मांगा पुनर्वास
फरीदाबाद सेक्टर 22 स्थित शिव नगर और मुजेसर इलाके में सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) की जमीन पर मकानों को खाली करने के नोटिस के बाद लोगों में हडकंप मचा हुआ है। लोगों का कहना है कि वह पिछले 30 से 40 सालों से यहां पर रह रहे है। जबकि दूसरी तरफ विभाग ने 26 जुलाई से तोड़फोड़ का काम शुरू करने का दावा किया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अभियंता सुरेश कुमार के मुताबिक मुजेसर, सारन और सेक्टर-22 में गर्वमेंट प्रैस की करीब 6 एकड़ जमीन है। करीब 25 साल पहले गर्वमेंट प्रैस बंद होने के बाद यह जमीन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को ट्रांसफर हो गई थी। विभाग की ओर से इस जमीन का कोई उपयोग नहीं किया गया। जिसके बाद यहां पर लोगों ने धीरे धीरे कब्जे कर लिए। कोर्ट का जमीन को खाली कराने का आदेश इसको लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से पहले भी नोटिस दिया गया था। जिसको लेकर लोग कोर्ट में चले गए। कोर्ट की ओर से भी अब जमीन को खाली करने का आदेश जारी किया गया है। एसडीएम त्रिलोकचंद ने बताया कि तोड़फोड़ से पहले नियम अनुसार लोगों को नोटिस जारी कर दिए गए है। उम्मीद है कि लोग तय समय में अवैध निर्माण को खाली कर देंगे। लोग बोले- सालों से यहां रह रहे नोटिस मिलने के बाद यंहा रहने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि वो सालों से यंहा पर रह रहे हैं। उनके तमाम दस्तावेज राशन कार्ड, बिजली कनेक्शन, वोटर कार्ड यहीं के पते पर बने हुए है। ऐसे में अचानक से उनको घरों को खाली करने के लिए कहा जा रहा है। वो लोग कहां पर जाककर रहेंगे। लोगों की मांग की उनको रहने के लिए जगह दी जाए।