निजी क्लीनिकों पर छापेमारी, डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च:आईएमए के बैनर तले सदर अस्पताल से प्रजातंत्र चौक तक प्रदर्शन

नवादा में जिला प्रशासन द्वारा निजी क्लीनिकों पर की गई छापेमारी के विरोध में शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बैनर तले चिकित्सकों ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च सदर अस्पताल परिसर से शुरू होकर शहर के प्रजातंत्र चौक तक पहुंचा और वहीं समाप्त हुआ। प्रदर्शन के दौरान चिकित्सकों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और छापेमारी की कार्रवाई वापस लेने की मांग की। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में चिकित्सक, दवा दुकानदार, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, निजी नर्सिंग होम के कर्मचारी और विभिन्न जांच घरों से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन की हालिया कार्रवाई से चिकित्सकों में गहरा आक्रोश है। उनका मानना था कि इस प्रकार की कार्रवाई से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। आईएमए नवादा के सचिव डॉ. शंभुक ने बताया कि दो दिन पहले जिला प्रशासन ने कई प्रतिष्ठित और मेडिकल काउंसिल से पंजीकृत डिग्रीधारी चिकित्सकों के क्लीनिकों पर छापेमारी की थी। इस दौरान उनके स्टाफ को भी हिरासत में लिया गया। डॉ. शंभुक ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई गैरकानूनी और अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी कर्मियों को तत्काल रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त किया जाए। डॉ. शंभुक ने कहा कि पंजीकृत चिकित्सकों के क्लीनिकों पर ऐसी कार्रवाई से पूरे चिकित्सक समुदाय में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो नवादा के सभी चिकित्सक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। चिकित्सकों ने प्रशासन से अपील की कि वे वार्ता के माध्यम से इस मामले का समाधान निकालें और जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के हित में सकारात्मक पहल करें।

Aug 1, 2026 - 22:14
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निजी क्लीनिकों पर छापेमारी, डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च:आईएमए के बैनर तले सदर अस्पताल से प्रजातंत्र चौक तक प्रदर्शन
नवादा में जिला प्रशासन द्वारा निजी क्लीनिकों पर की गई छापेमारी के विरोध में शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बैनर तले चिकित्सकों ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च सदर अस्पताल परिसर से शुरू होकर शहर के प्रजातंत्र चौक तक पहुंचा और वहीं समाप्त हुआ। प्रदर्शन के दौरान चिकित्सकों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और छापेमारी की कार्रवाई वापस लेने की मांग की। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में चिकित्सक, दवा दुकानदार, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, निजी नर्सिंग होम के कर्मचारी और विभिन्न जांच घरों से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन की हालिया कार्रवाई से चिकित्सकों में गहरा आक्रोश है। उनका मानना था कि इस प्रकार की कार्रवाई से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। आईएमए नवादा के सचिव डॉ. शंभुक ने बताया कि दो दिन पहले जिला प्रशासन ने कई प्रतिष्ठित और मेडिकल काउंसिल से पंजीकृत डिग्रीधारी चिकित्सकों के क्लीनिकों पर छापेमारी की थी। इस दौरान उनके स्टाफ को भी हिरासत में लिया गया। डॉ. शंभुक ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई गैरकानूनी और अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी कर्मियों को तत्काल रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त किया जाए। डॉ. शंभुक ने कहा कि पंजीकृत चिकित्सकों के क्लीनिकों पर ऐसी कार्रवाई से पूरे चिकित्सक समुदाय में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो नवादा के सभी चिकित्सक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। चिकित्सकों ने प्रशासन से अपील की कि वे वार्ता के माध्यम से इस मामले का समाधान निकालें और जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के हित में सकारात्मक पहल करें।