तुष्टिकरण की राजनीति वाली कांग्रेस को कब से मियां पर दिक्कत होने लगी? : भट्ट*

तुष्टिकरण की राजनीति वाली कांग्रेस को कब से मियां पर दिक्कत होने लगी? : भट्ट*

Sep 16, 2026 - 22:14
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तुष्टिकरण की राजनीति वाली कांग्रेस को कब से मियां पर दिक्कत होने लगी? : भट्ट*

*तुष्टिकरण की राजनीति वाली कांग्रेस को कब से मियां पर दिक्कत होने लगी? : भट्ट* 

 *कांग्रेस का दोगलापन सनातनी जानते हैं, अब मुस्लिम भाइयों को भी समझना चाहिए: भाजपा* 

 *कांग्रेस को देवभूमि में मिंया कहलाने में शर्मिंदगी, लेकिन राहुल को अन्य राज्यों में अच्छा लगा : भट्ट* 

देहरादून 13 सितंबर। भाजपा ने राहुल मियाँ को लेकर कांग्रेसी आपत्तियों पर तंज कसते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों को कब से मियां शब्द पर दिक्कत होने लगी? प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, अवैध धर्मांतरण, मदरसों, धार्मिक अतिक्रमणों, लव जिहाद, लैंड जिहाद सबको कांग्रेस संरक्षण देती है लेकिन मियां कहलाना पसंद नहीं। कांग्रेस का यह दोगलापन हिंदू तो पहले से जानते हैं, अब मुस्लिम भाइयों को भी समझ लेना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जो कहा वो तो राहुल गांधी और कांग्रेस की सच्चाई है। अब कांग्रेस पार्टी राज्यवार, विषयवार, क्षेत्रानुसार, राजनैतिक आधार पर मौका देखकर अपना पक्ष और बयान बदलती रहती है, लेकिन जनता और भारतीय जनता पार्टी नही। क्या कांग्रेस के नेता इस कड़वे सच से मुंह फेर सकते हैं कि उन्होंने तुष्टिकरण के लिए प्रदेश में यूसीसी लागू होने का विरोध किया, क्या बता सकते हैं क्यों राज्य के कठोर धर्मांतरण कानून का विरोध किया, क्यों दंगरोधी कानून की राज में रोड़े अटकाए, क्यों अवैध धार्मिक अतिक्रमणों पर कार्रवाई को रोका, क्यों लव जिहाद एवं लैंड जिहाद के विरुद्ध ऐक्शन पर भ्रम फैलाया, क्यों अवैध मदरसों को वैचारिक संरक्षण देने का प्रयास किया, क्यों डेमोग्राफी बदलने वाली साजिशों के हक में तर्क रखे, क्यों धर्म आधारित मुस्लिम यूनिवर्सिटी की वकालत की। 

ऐसे आरोपों के क्रम में कहा, राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व और सहयोगियों का तो क्या कहना? मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए इन सभी ने सनातन विरोध की सभी हदों को पीछे छोड़ दिया। मुस्लिम समाज को खुश करने के लिए राम मंदिर का विरोध किया और वहां मस्जिद बनाने की वकालत की। न्यायालय में जाकर प्रभु राम के अस्तित्व नही होने का एफिडेविट दिया। तुष्टीकरण के लिए डेंगू, कोरोना बताकर सनातन समाप्ति की कसमे खायी गई। इनका पूरा सोशल मीडिया तो अक्सर रोज इफ्तारी की दावत और टोपी पहनने से भरे रहते हैं। 

उन्होंने हैरानी जताई कि अब उसी कांग्रेस के नेताओं को मिंया कहलाने में शर्मिंदगी महसूस हो रही है। जबकि इनके एक राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत तो कह रहे थे कि मियां तो उनके यहां पिता को कहते हैं। उन्होंने सच ही कहा कि कांग्रेस में पिता को मियां या मियां को पिता बनाने की राजनैतिक मजबूरी रहती होगी। लेकिन उत्तराखंड के कांग्रेसी प्रदेश की जनता को धोखा देना चाहते हैं तभी वे मियां कहलाने पर आपत्ति जता रहे हैं। जबकि हो सकता है राहुल गांधी को किसी अन्य राज्य में ऐसा कहलाना अच्छा लगे। 

श्री भट्ट ने कहा, सनातनी समाज सुविधावादी हिन्दू बनने वाली कांग्रेस को अच्छी तरह पहचानती है, अब मुस्लिम समाज को भी कांग्रेस के दोगलेपन को समझना चाहिए। फिलहाल चुनाव देखकर देवभूमि में कांग्रेस अपना चोला बदलने की लाख कोशिश करें, लेकिन जनता की नजरों में इनकी फितरत नहीं बदल सकती है।