ट्रंप चले मामा की चाल! US इलेक्शन में आई 'लाड़ला वोटर' योजना, हर वोटर को मिलेंगे 5 हजार डालर

Trump Voter Scheme: दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही कितने ही ताकतवर हों, लेकिन नवंबर में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन ने उनकी नींद उड़ा रखी है। चुनाव जीतने के लिए ट्रंप किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। उनकी ...

Sep 12, 2026 - 21:48
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ट्रंप चले मामा की चाल! US इलेक्शन में आई 'लाड़ला वोटर' योजना, हर वोटर को मिलेंगे 5 हजार डालर

Trump Voter Scheme
Trump Voter Scheme: दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही कितने ही ताकतवर हों, लेकिन नवंबर में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन ने उनकी नींद उड़ा रखी है। चुनाव जीतने के लिए ट्रंप किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। उनकी नई घोषणा को देखकर को लगता है कि उन्होंने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 'लाड़ली बहना' योजना की नकल कर ली। उन्होंने वादा किया है कि यदि उनकी रिपब्लिकन पार्टी मिडटर्म इलेक्शन जीतती है ‍तो वे प्रत्येक मतदाता 5000 डॉलर (लगभग 4.2 लाख रुपए) रुपए नकद देंगे। 

 

दरअसल, मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 'लाड़ली बहना योजना' (Ladli Behna Scheme) ने जिस तरह चुनावों के समीकरण बदले थे, कुछ वैसा ही नजारा अब अमेरिका की राजनीति में देखने को मिल रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यवधि (Midterm election) चुनावों से ठीक पहले ऐसा ही दांव खेला है, जिसकी तुलना भारतीय राजनीति के कल्याणकारी और चुनावी दांव-पेचों से की जा रही है।

 इससे एक बात और सामने आ रही है कि ट्रंप को अपनी हार का डर सता रहा है। खास बात यह है कि शिवराज की इस योजना के बाद मध्य प्रदेश में भाजपा को बड़ी जीत मिली थी। इसके बाद भाजपा अन्य राज्यों में भी इस योजना को अपनाया। बंगाल विधानसभा चुनाव भी इसका एक उदाहरण है।  ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से क्यों नाराज हैं भारतीय-अमेरिकी? मिडटर्म इलेक्शन पर दिखेगा असर

क्या है ट्रंप डिविडेंड?

डलास में आयोजित रिपब्लिकन पार्टी के मिडटर्म कन्वेंशन में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि यदि अमेरिकी जनता रिपब्लिकन पार्टी को संसद (सदन और सेनेट) में बहुमत दिलाती है, तो देश के प्रत्येक वयस्क नागरिक को 5000 डॉलर (लगभग 4.2 लाख रुपए) की नकद राशि दी जाएगी। ट्रंप ने इस योजना को 'ट्रंप डिविडेंड' (Trump Dividend) का नाम दिया है।

शेयरधारकों की तरह जनता में बंटेगा मुनाफा

डलास में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर रिपब्लिकन जीतते हैं, तो आप जीतते हैं। जैसे कोई सफल कंपनी अपने शेयरधारकों को डिविडेंड (मुनाफा) देती है, वैसे ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का फायदा देश की जनता को सीधे मिलेगा। अगर हमारी पार्टी संसद में नियंत्रण बरकरार रखती है, तो हर अमेरिकी नागरिक को 5000 डॉलर मिलेंगे। ALSO READ: ईरान युद्ध जीतते ही सस्ता होगा तेल और गैस? ट्रंप ने बताया पूरा प्लान

 

ट्रंप के इस कदम को राजनीतिक विश्लेषक भारत में चुनावों के दौरान दी जाने वाली 'डायरेक्ट कैश ट्रांसफर' (नकद हस्तांतरण) योजनाओं जैसा मान रहे हैं। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की 'लाड़ली बहना' जैसी योजनाओं ने जिस तरह महिला व युवा मतदाताओं को आकर्षित किया था, ठीक उसी तर्ज पर ट्रंप अमेरिका के मध्यवर्ग और कामकाजी वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।

विपक्ष ने बताया 'वोटों की खरीद'

ट्रंप के इस भारी-भरकम ऐलान के बाद अमेरिकी राजनीति और अर्थशास्त्रियों के बीच हलचल तेज हो गई है। 

  • भारी वित्तीय बोझ : अमेरिका की वयस्क आबादी के हिसाब से इस योजना को लागू करने पर करीब 1.2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 100 लाख करोड़ रुपये) का खर्च आएगा।
  • विपक्ष का हमला : डेमोक्रेटिक पार्टी और कई प्रमुख नेताओं (जैसे कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजम) ने इस योजना की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप टैक्सपेयर्स के पैसों से खुलेआम 'वोट खरीदने' (Bribery) की कोशिश कर रहे हैं।
  • अर्थशास्त्रियों की चिंता : विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका पर पहले से ही 40 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का राष्ट्रीय कर्ज है। इतनी बड़ी रकम जनता के खातों में सीधे भेजने से महंगाई (Inflation) और बजट घाटा और ज्यादा बढ़ सकता है।

संसद की मंजूरी होगी जरूरी

हालांकि, ट्रंप ने इसका ऐलान तो कर दिया है, लेकिन इसे लागू करना इतना आसान नहीं होगा। अमेरिकी कानून के मुताबिक, जनता को नकद राशि भेजने से जुड़े किसी भी प्रस्ताव को अमरीकी कांग्रेस (संसद) से पास कराना अनिवार्य होता है। संसदीय चुनाव जीतने की छटपटाहट के बीच ट्रंप ने अपनी साख दांव पर लगा दी है। उन्होंने अपनी जनता से अपील करते हुए कहा कि समझिए कि इस चुनाव में सीधे मेरा नाम बैलेट पेपर पर है, इसलिए रिपब्लिकन पार्टी को भारी मतों से जिताएं। अब देखना यह होगा कि क्या अमेरिका के 'लाड़ले वोटर' ट्रंप के इस 5000 डॉलर वाले चुनावी दांव पर भरोसा जताते हैं या फिर यह वादा महज एक राजनीतिक शिगूफा बनकर रह जाएगा। 

क्या है शिवराज की लाड़ली बहना योजना? 

मध्य प्रदेश की 'लाड़ली बहना योजना' राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रमुख वित्तीय सहायता योजना है।  इस योजना की आधिकारिक घोषणा और शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 28 जनवरी 2023 को की गई थी।  महिलाओं के बैंक खातों में योजना की पहली किस्त 10 जून 2023 को भेजी गई थी।

 

योजना के तहत शुरुआत में पात्र महिलाओं को 1000 रुपए प्रति माह दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 रुपए प्रति माह कर दिया गया। पात्र महिलाओं को हर साल कुल 15000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इसके लिए महिला मध्य प्रदेश की मूल निवासी होनी चाहिए। आवेदक महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।