जमुई के जंगल में 250 जिलेटिन की छड़ें मिली:जमीन में छिपाकर रखा था विस्फोटक, एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त सर्च में खुलासा
जमुई के चिहरा थाना क्षेत्र की बरमोरिया पंचायत स्थित गुहिया जंगल में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के पुराने डंप का खुलासा किया है। गुप्त सूचना पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन में छिपाकर रखी गई 250 जिलेटिन की छड़ें बरामद की गईं। बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ाते हुए आसपास के जंगल की भी तलाशी ली गई। गुप्त सूचना पर जंगल में चला सर्च ऑपरेशन चिहरा थानाध्यक्ष रिंकू रजक के नेतृत्व में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस बल ने गुहिया जंगल में अभियान चलाया। जवानों ने संदिग्ध स्थानों पर तलाशी शुरू की। इसी दौरान जमीन के अंदर छिपाकर रखी गई जिलेटिन की छड़ें बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, विस्फोटक नक्सलियों के पुराने दौर में छिपाकर रखे गए होने की आशंका है। मौके पर पहुंची बीडीडीएस टीम विस्फोटक बरामद होने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद जमुई से बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। बीडीडीएस टीम ने बरामद जिलेटिन की छड़ों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी ली। 20 जून को भी मिला था नक्सली डंप गुहिया जंगल में नक्सली सामग्री मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 20 जून को भी सुरक्षाबलों ने इसी इलाके में भारी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली सामान बरामद किया था। पुलिस के अनुसार, दुर्गम जंगल का इस्तेमाल पहले नक्सलियों के ट्रेनिंग सेंटर के रूप में किया जाता था। पहले बरामद हुई थी बड़ी मात्रा में सामग्री 20 जून की कार्रवाई में नक्सलियों की काली वर्दी के 55 बेल्ट, इंसास और एके-47 राइफल की 23 सीलिंग कड़ी, एसएलआर और थ्री नॉट थ्री राइफल की 30 सीलिंग कड़ी बरामद हुई थी। इसके अलावा राइफल साफ करने की सामग्री, 850 नक्सली पंपलेट, चार नक्सली साहित्य की किताबें, प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी की रसीद बुक और नोटपैड भी मिले थे। पुराने ठिकानों की लगातार हो रही तलाश थानाध्यक्ष रिंकू रजक ने बताया कि नक्सली प्रभाव कम होने के बावजूद जंगल में छिपाकर रखे गए पुराने विस्फोटक और अन्य सामग्री खतरा बन सकते हैं। सुरक्षाबल ऐसे संभावित पुराने ठिकानों को चिह्नित कर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। अभियान में अवर निरीक्षक महेश सिंह, एसटीएफ टीम और चिहरा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
जमुई के चिहरा थाना क्षेत्र की बरमोरिया पंचायत स्थित गुहिया जंगल में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के पुराने डंप का खुलासा किया है। गुप्त सूचना पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन में छिपाकर रखी गई 250 जिलेटिन की छड़ें बरामद की गईं। बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ाते हुए आसपास के जंगल की भी तलाशी ली गई। गुप्त सूचना पर जंगल में चला सर्च ऑपरेशन चिहरा थानाध्यक्ष रिंकू रजक के नेतृत्व में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस बल ने गुहिया जंगल में अभियान चलाया। जवानों ने संदिग्ध स्थानों पर तलाशी शुरू की। इसी दौरान जमीन के अंदर छिपाकर रखी गई जिलेटिन की छड़ें बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, विस्फोटक नक्सलियों के पुराने दौर में छिपाकर रखे गए होने की आशंका है। मौके पर पहुंची बीडीडीएस टीम विस्फोटक बरामद होने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद जमुई से बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। बीडीडीएस टीम ने बरामद जिलेटिन की छड़ों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी ली। 20 जून को भी मिला था नक्सली डंप गुहिया जंगल में नक्सली सामग्री मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 20 जून को भी सुरक्षाबलों ने इसी इलाके में भारी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली सामान बरामद किया था। पुलिस के अनुसार, दुर्गम जंगल का इस्तेमाल पहले नक्सलियों के ट्रेनिंग सेंटर के रूप में किया जाता था। पहले बरामद हुई थी बड़ी मात्रा में सामग्री 20 जून की कार्रवाई में नक्सलियों की काली वर्दी के 55 बेल्ट, इंसास और एके-47 राइफल की 23 सीलिंग कड़ी, एसएलआर और थ्री नॉट थ्री राइफल की 30 सीलिंग कड़ी बरामद हुई थी। इसके अलावा राइफल साफ करने की सामग्री, 850 नक्सली पंपलेट, चार नक्सली साहित्य की किताबें, प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी की रसीद बुक और नोटपैड भी मिले थे। पुराने ठिकानों की लगातार हो रही तलाश थानाध्यक्ष रिंकू रजक ने बताया कि नक्सली प्रभाव कम होने के बावजूद जंगल में छिपाकर रखे गए पुराने विस्फोटक और अन्य सामग्री खतरा बन सकते हैं। सुरक्षाबल ऐसे संभावित पुराने ठिकानों को चिह्नित कर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। अभियान में अवर निरीक्षक महेश सिंह, एसटीएफ टीम और चिहरा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।