कुरुक्षेत्र में 1998 कैंडिडेट्स ने दी NEET परीक्षा:53 रहे एब्सेंट; परीक्षार्थी बोले- बायोलॉजी आसान तो फिजिक्स रही मॉडरेट, NCERT बेस्ड रहा पेपर
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रविवार को हुई नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। प्रशासन और पुलिस की सख्ती के बीच परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही। परीक्षा के लिए जिले में 5 परीक्षा केंद्र बनाए थे। परीक्षा के लिए 2051 कैंडिडेट्स को एडमिट कार्ड जारी किए गए थे, जिनमें से 1998 कैंडिडेट्स परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 53 अनुपस्थित रहे। बायोमैट्रिक के साथ कैंडिडेट्स को परीक्षा केंद्र में एंट्री दी गई। कैंडिडेट्स समय से पहले ही अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। दोपहर डेढ़ बजे के बाद किसी को एंट्री नहीं दी गई। CCTV कैमरों से निगरानी परीक्षा में नकल को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही पुख्ता तैयारी कर रखी थी। सभी केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी की गई। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में आम लोगों की आवाजाही को बंद कर दिया गया था। परीक्षा केंद्र के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया था, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना ना रहे। कैंडिडेट्स बोले- पेपर आसान, लेकिन लंबा परीक्षा देकर बाहर लौटे कैंडिडेट्स के चेहरे पर संतोष और खुशी नजर आई। ज्यादातर कैंडिडेट्स ने बताया कि पेपर का लेवल ज्यादा कठिन नहीं था, लेकिन सवालों की संख्या और लंबाई ज्यादा थी। इस कारण टाइम पर एग्जाम को मैनेज करना चुनौती भरा रहा। एग्जाम में बायोलॉजी सब्जेट काफी आसान रहा। फिजिक्स रही मॉडरेड साथ ही फिजिक्स का सब्जेक्ट मॉडरेट रहा। फिजिक्स सॉल्व करने में ज्यादा टाइम नहीं लगा। वहीं केमिस्ट्री भी ठीक-ठाक रही। पेपर लंबा था, इसलिए टाइम मैनेजमेंट जरूरी था। सेंटर पर व्यवस्था भी अच्छी थी। झांसा से आई कशिश ने बताया कि वह करीब एक साल से एग्जाम की तैयारी कर रही है। पेपर को लेकर पहले काफी नर्वस थी। भाषा थोड़ी टफ रही- मोनी शर्मा पिहोवा की कैंडिडेट मोनी शर्मा ने बताया कि एग्जाम में 12वीं तक के लेवल सवाल पूछे गए थे। भाषा थोड़ी टफ थी। पूरा एग्जाम NCERT बेस्ड था। पूरा पेपर 720 नंबर का आया था, जिसमें 180 सवाल पूछे गए थे और हर सवाल 4 नंबर का था।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रविवार को हुई नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। प्रशासन और पुलिस की सख्ती के बीच परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही। परीक्षा के लिए जिले में 5 परीक्षा केंद्र बनाए थे। परीक्षा के लिए 2051 कैंडिडेट्स को एडमिट कार्ड जारी किए गए थे, जिनमें से 1998 कैंडिडेट्स परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 53 अनुपस्थित रहे। बायोमैट्रिक के साथ कैंडिडेट्स को परीक्षा केंद्र में एंट्री दी गई। कैंडिडेट्स समय से पहले ही अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। दोपहर डेढ़ बजे के बाद किसी को एंट्री नहीं दी गई। CCTV कैमरों से निगरानी परीक्षा में नकल को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही पुख्ता तैयारी कर रखी थी। सभी केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी की गई। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में आम लोगों की आवाजाही को बंद कर दिया गया था। परीक्षा केंद्र के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया था, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना ना रहे। कैंडिडेट्स बोले- पेपर आसान, लेकिन लंबा परीक्षा देकर बाहर लौटे कैंडिडेट्स के चेहरे पर संतोष और खुशी नजर आई। ज्यादातर कैंडिडेट्स ने बताया कि पेपर का लेवल ज्यादा कठिन नहीं था, लेकिन सवालों की संख्या और लंबाई ज्यादा थी। इस कारण टाइम पर एग्जाम को मैनेज करना चुनौती भरा रहा। एग्जाम में बायोलॉजी सब्जेट काफी आसान रहा। फिजिक्स रही मॉडरेड साथ ही फिजिक्स का सब्जेक्ट मॉडरेट रहा। फिजिक्स सॉल्व करने में ज्यादा टाइम नहीं लगा। वहीं केमिस्ट्री भी ठीक-ठाक रही। पेपर लंबा था, इसलिए टाइम मैनेजमेंट जरूरी था। सेंटर पर व्यवस्था भी अच्छी थी। झांसा से आई कशिश ने बताया कि वह करीब एक साल से एग्जाम की तैयारी कर रही है। पेपर को लेकर पहले काफी नर्वस थी। भाषा थोड़ी टफ रही- मोनी शर्मा पिहोवा की कैंडिडेट मोनी शर्मा ने बताया कि एग्जाम में 12वीं तक के लेवल सवाल पूछे गए थे। भाषा थोड़ी टफ थी। पूरा एग्जाम NCERT बेस्ड था। पूरा पेपर 720 नंबर का आया था, जिसमें 180 सवाल पूछे गए थे और हर सवाल 4 नंबर का था।