एट होम, पीए ने थपथपाई पीठ, राष्ट्रपति ने पूछा हाल:कृषिमंत्री और वैज्ञानिकों से साझा किए प्राकृतिक खेती के अनुभव, गदगद रेवाड़ी लौटे किसान यशपाल
दिल्ली में राष्ट्रपति के मेहमान बनकर लौटा रेवाड़ी के गांव कंवाली के किसान यशपाल खोला गदगद दिखे। 25 जनवरी सुबह दिल्ली आईसीएआर दिल्ली पहुंचे यशपाल की पत्नी अनीता कुमारी के साथ 26 की शाम एट होम कार्यक्रम में राष्ट्रपति ओर प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात हुई। पीएम नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक खेती में हरियाणा के योगदान को सहराते हुए यशपाल की पीठ थपथपाई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से व्यक्तिगत मुलाकात हुई। डॉ. सुब्रह्मण्यम हाल में कृषि मंत्री और वैज्ञानिकों की मौजूदगी में देशभर से आए 500 किसानों को संबोधित करने का मौका मिला। यशपाल बोले, ताउम्र रहेगी याद प्राकृतिक खेती से अपनी पहचान बनाने वाले यशपाल ने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से व्यक्ति रूप से मुलाकात और बातचीत के वो पल ताउम्र याद रहेंगे। प्रधानमंत्री प्राकृतिक खेती को लेकर काफी उत्सुक दिखे और उन्होंने क्बल मॉडल को प्रदेश और देश में विकसित करने का आश्वासन दिया है। प्राकृतिक खेती को लेकर पीएम ने हरियाणा को सराहा है। देश की बड़ी-बड़ी हस्तियों और कौने-कौने से आए किसानों से मिलना अपने आप में खास रहा। दिल्ली में ऐसे रहा कार्यक्रम अरावली किसान क्लब के प्रधान गांव कवाली निवासी यशपाल खोला को राष्ट्रपति भवन से 17 जनवरी को निमंत्रण मिला था। यशपाल पत्नी अनीता कुमारी के साथ 25 जनवरी को दिल्ली आईसीएआर पहुंचे। अधिकारियों और वैज्ञानिकों के साथ आईसीएआर को देखा। 26 को सुबह डॉ. सुब्रह्मण्यम में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व दोनों राज्यमंत्रियों से मुलाकात हुई। देशभर से पहुंचे 500 किसानों को संबोधित करने का मौका मिला। शाम को एट होम कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यक्तिगत मुलाकात हुई। 27 जनवरी की सुबह 27 जनवरी मोदीपुरम प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिकों से मिले। करीब दो घंटे तक एक दूसरे के साथ अपने अनुभवों को सांझा किया। शाम को वापस आईसीएआर पहुंचे। 28 जनवरी को वहीं से रेवाड़ी के लिए रवाना हुआ। शाम को फार्म पर पहुंचे और क्लब सदस्यों और ग्रामीणों मिले। कैंसर से पिता की हुई थी मौत यशपाल खोला ने 2014 में प्राकृतिक खेती की शुरूआत कर दी थी। 2018 में कैंसर से पिता की मौत के बाद पूरी तरह से इसे अपना लिया। उन्होंने न केवल खुद प्राकृतिक खेती को अपनाया। यशपाल प्राकृतिक उत्पादों की रिटेल मार्केटिंग का एक प्रभावी और प्रेरक मॉडल भी विकसित कर दूसरे किसानों को भी इसके लिए प्रेरित किया। साथ कदमताल कर रही अनीता यशपाल के परिवार में पत्नी अनीता के अलावा बेटी फलक राव, बेटा आरव और मां सुशीला देवी हैं। यशपाल ने बताया कि उन्होंने प्राकृतिक खेती तो 2014 में ही शुरू कर दी थी। जब 2018 में कैंसर से पिता की मौत हुई तो उसके बाद पूरी तरह से प्राकृतिक खेती करने और दूसरे किसानों को प्रेरित करने का निर्णय ले लिया था। जिसमें उनकी पत्नी अनीता साथ कदमताल कर रही हैं। एचएयू से लिया प्रशिक्षण यशपाल खोला अरावली किसान क्लब के प्रधान हैं। इसके साथ ही स्नातक एवं एचएयू से दो साल का डिप्लोमा किया और वे किसान रत्न अवार्डी हैं। वह न केवल प्राकृतिक तरीके से गेहूं और सब्जी और फल की पैदावार करते हैं, बल्कि उसकी मार्केटिंग भी करते हैं।



