उत्तराखंड पुलिस ने धूप में खड़ा कर किया टार्चर:रोहतक में बोला पीड़ित हेमंत, टैक्सी माफिया व पुलिस की मिलीभगत से बना अराजकता का माहौल
रोहतक के विकास नगर में रहने वाले सर्राफा व्यापारी हेमंत ने उत्तराखंड में हुए दुर्व्यवहार के बारे में बताते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। एक घंटा धूप में खड़ा करके कहा कि अगर हिला तो तेरी टांगे तोड़ देंगे। टैक्सी माफिया व पुलिस की मिलीभगत के कारण वहां अराजकता का माहौल बनता जा रहा है। सर्राफा व्यापारी हेमंत ने कहा कि वह पंचकेदार की यात्रा पर गया था। चमोली में होटल के अंदर दिल्ली, मध्यप्रदेश व बनारस के साथी मिले, जिन्होंने तुंगनाथ चोपटा तक जाने के लिए लिफ्ट मांगी। वह गाड़ी में चारों को लिफ्ट देते हुए 14 किलोमीटर दूर मंडल की तरफ लेकर गया तो वहां टैक्सी यूनियन के गुंडों ने फिल्मी स्टाइल में उसकी गाड़ी के आगे बाइक लगाकर रोक लिया। पुलिस ने वापस भेजा गोपेश्वर
पीड़ित हेमंत ने बताया कि टैक्सी यूनियन के गुंडों ने कहा कि सवारी लेकर आगे नहीं जाने देंगे। इसके साथ ही आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की। इसके बाद मंडल की चौकी में गए, वहां पुलिस से बात की, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की और वापस गोपेश्वर भेज दिया। गोपेश्वर में थाना प्रभारी ने किया अमानवीय व्यवहार
पीड़ित हेमंत ने कहा कि गोपेश्वर में थाना प्रभारी ने अमानवीय व्यवहार किया। एक घंटा धूप में खड़ा रखा। गाड़ी के सारे कागज देखने के बाद मिस बिहेवियर का चालान काट दिया। लोकल टैक्सी माफिया के साथ पुलिस पूरी तरह मिली हुई थी। उसकी हरियाणा नंबर की गाड़ी देखकर टैक्सी वालों ने निशाना बनाया था। पुलिस अपराधी बनाने में लगी रही
हेमंत ने बताया कि थाने में ऐसा व्यवहार किया कि जैसे वह कोई जानवर है। ऐसा लगा कि वह किसी ओर देश में आ गया और भारत का नागरिक ही नहीं है। पुलिस लगातार मुझे अपराधी बनाने में लगी हुई थी। जो यात्री साथ थे, वो रोने लगे और कहा कि हमने लिफ्ट मांगी थी। पुलिस जबरन उसे ड्राइवर बनाने में लगी थी। उत्तराखंड जाने वाले लोग रहे सावधान
पीड़ित हेमंत ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों व पुलिस ने मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित किया, जो आज भी दिमाग में चल रहा है। अब भविष्य में उत्तराखंड जाने को लेकर भी डर लगने लगा है। जो लोग यात्रा के लिए जा रहे है, वह उत्तराखंड के लोगों से बचकर रहे। क्योंकि वहां के लोग हाथापाई करने के लिए उतारू है।
रोहतक के विकास नगर में रहने वाले सर्राफा व्यापारी हेमंत ने उत्तराखंड में हुए दुर्व्यवहार के बारे में बताते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। एक घंटा धूप में खड़ा करके कहा कि अगर हिला तो तेरी टांगे तोड़ देंगे। टैक्सी माफिया व पुलिस की मिलीभगत के कारण वहां अराजकता का माहौल बनता जा रहा है। सर्राफा व्यापारी हेमंत ने कहा कि वह पंचकेदार की यात्रा पर गया था। चमोली में होटल के अंदर दिल्ली, मध्यप्रदेश व बनारस के साथी मिले, जिन्होंने तुंगनाथ चोपटा तक जाने के लिए लिफ्ट मांगी। वह गाड़ी में चारों को लिफ्ट देते हुए 14 किलोमीटर दूर मंडल की तरफ लेकर गया तो वहां टैक्सी यूनियन के गुंडों ने फिल्मी स्टाइल में उसकी गाड़ी के आगे बाइक लगाकर रोक लिया। पुलिस ने वापस भेजा गोपेश्वर
पीड़ित हेमंत ने बताया कि टैक्सी यूनियन के गुंडों ने कहा कि सवारी लेकर आगे नहीं जाने देंगे। इसके साथ ही आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की। इसके बाद मंडल की चौकी में गए, वहां पुलिस से बात की, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की और वापस गोपेश्वर भेज दिया। गोपेश्वर में थाना प्रभारी ने किया अमानवीय व्यवहार
पीड़ित हेमंत ने कहा कि गोपेश्वर में थाना प्रभारी ने अमानवीय व्यवहार किया। एक घंटा धूप में खड़ा रखा। गाड़ी के सारे कागज देखने के बाद मिस बिहेवियर का चालान काट दिया। लोकल टैक्सी माफिया के साथ पुलिस पूरी तरह मिली हुई थी। उसकी हरियाणा नंबर की गाड़ी देखकर टैक्सी वालों ने निशाना बनाया था। पुलिस अपराधी बनाने में लगी रही
हेमंत ने बताया कि थाने में ऐसा व्यवहार किया कि जैसे वह कोई जानवर है। ऐसा लगा कि वह किसी ओर देश में आ गया और भारत का नागरिक ही नहीं है। पुलिस लगातार मुझे अपराधी बनाने में लगी हुई थी। जो यात्री साथ थे, वो रोने लगे और कहा कि हमने लिफ्ट मांगी थी। पुलिस जबरन उसे ड्राइवर बनाने में लगी थी। उत्तराखंड जाने वाले लोग रहे सावधान
पीड़ित हेमंत ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों व पुलिस ने मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित किया, जो आज भी दिमाग में चल रहा है। अब भविष्य में उत्तराखंड जाने को लेकर भी डर लगने लगा है। जो लोग यात्रा के लिए जा रहे है, वह उत्तराखंड के लोगों से बचकर रहे। क्योंकि वहां के लोग हाथापाई करने के लिए उतारू है।