इसराइल के PM बेंजामिन नेतन्याहू को है प्रोस्टेट कैंसर, पहली बार खोला हेल्थ सीक्रेट, अब तक क्यों नहीं बताई यह बात?
Benjamin Netanyahu : इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सालाना मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने चुपचाप प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करवाया ...
Benjamin Netanyahu : इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सालाना मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने चुपचाप प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करवाया है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार, 24 अप्रैल को बताया कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर का पता चला। कैंसर के शुरुआती चरण का उनका इलाज भी सफलतापूर्वक हो चुका है। उन्होंने अपनी सालाना मेडिकल जांच के नतीजे भी सार्वजनिक किए। उन्होंने बताया कि उनके प्रोस्टेट से जुड़ी एक छोटी मेडिकल समस्या थी, जिसका अब पूरी तरह इलाज हो चुका है।
रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में क्यों की देरी?
उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने बढ़े हुए बिनाइन प्रोस्टेट के लिए एक सफल सर्जरी करवाई थी और तब से वह नियमित जांच करवा रहे हैं। हाल ही में जांच के दौरान उनके प्रोस्टेट में एक बहुत छोटा सा ट्यूमर मिला, जो एक शुरुआती स्टेज का मैलिग्नेंट ट्यूमर था। अच्छी बात यह रही कि यह न तो फैला था और न ही शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचा था। नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में करीब 2 महीने की देरी करने का अनुरोध किया था, ताकि यह उस समय सामने न आए जब युद्ध अपने चरम पर था और इसका गलत इस्तेमाल न हो सके।
सार्वजनिक की सालाना मेडिकल रिपोर्ट
इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सालाना मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने चुपचाप प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करवाया है। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार, 24 अप्रैल को बताया कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर का पता चला। कैंसर के शुरुआती चरण का उनका इलाज भी सफलतापूर्वक हो चुका है। उन्होंने अपनी सालाना मेडिकल जांच के नतीजे भी सार्वजनिक किए।
उन्होंने बताया कि उनके प्रोस्टेट से जुड़ी एक छोटी मेडिकल समस्या थी, जिसका अब पूरी तरह इलाज हो चुका है। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने बढ़े हुए बिनाइन प्रोस्टेट के लिए एक सफल सर्जरी करवाई थी और तब से वह नियमित जांच करवा रहे हैं। हाल ही में जांच के दौरान उनके प्रोस्टेट में एक बहुत छोटा सा ट्यूमर मिला, जो एक शुरुआती स्टेज का मैलिग्नेंट ट्यूमर था।
एक स्वास्थ्य चुनौती से जूझ रहे थे नेतन्याहू
अच्छी बात यह रही कि यह न तो फैला था और न ही शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचा था। नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में करीब 2 महीने की देरी करने का अनुरोध किया था, ताकि यह उस समय सामने न आए जब युद्ध अपने चरम पर था और इसका गलत इस्तेमाल न हो सके। उन्होंने बताया कि दो महीने पहले उन्हें पहली बार पता चला था कि उन्हें कैंसर है लेकिन उन्होंने ये जानकारी लोगों से छिपाए रखी ताकि ईरान इसका इस्तेमाल प्रोपेगैंडा के तौर पर न कर सके।
नेतन्याहू ने खुलासा किया कि पिछले कुछ समय से वे एक स्वास्थ्य चुनौती से जूझ रहे थे, लेकिन अब वे पूरी तरह स्वस्थ और फिट हैं। जुलाई 2023 में नेतन्याहू को एक पेसमेकर लगाया गया था। उन्हें अचानक अस्पताल में भर्ती कराया गया था क्योंकि डॉक्टरों के अनुसार उन्हें "अस्थायी हार्ट ब्लॉक" की समस्या हो गई थी। इसराइल के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले नेतन्याहू की दिसंबर 2024 में बढ़े हुए प्रोस्टेट के लिए सर्जरी हुई थी।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और यूके के पूर्व प्रधानमंत्री भी इस कैंसर का रह चुके हैं शिकार
नेतन्याहू का शुरुआती चरण के प्रोस्टेट कैंसर के लिए रेडिएशन थेरेपी से इलाज किया गया। हालांकि न तो मेडिकल रिपोर्ट में और न ही नेतान्याहू ने इसको लेकर कोई जानकारी दी है कि यह इलाज कब हुआ था? प्रधानमंत्री कार्यालय ने उस समय इस ऑपरेशन के बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी दी थी। इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और यूके के पूर्व प्रधानमंत्री भी इस कैंसर का शिकार रह चुके हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ये कैंसर रहा हो, उनमें जोखिम और बढ़ जाता है।
इसके अलावा मोटापा, धूम्रपान, शारीरिक रूप से कम मेहनत करना और हाई-फैट डाइट भी इसके खतरे को बढ़ाने वाले माने जाते हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता कि प्रोस्टेट कैंसर तब होता है जब प्रोस्टेट ग्रंथि की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव होने लगते हैं। यही बदलाव कोशिकाओं को असामान्य रूप से तेजी से बढ़ने में मदद करते हैं। ये कोशिकाएं धीरे-धीरे ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यही ट्यूमर बाद में शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है। प्रोस्टेट कैंसर को लेकर सबसे बड़ी समस्या ये है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर बहुत स्पष्ट नहीं होते। जब बीमारी का पता चलता है कि तब तक कैंसर काफी बढ़ चुका होता है।
Edited By : Chetan Gour



