हरियाणा में डायरेक्ट एसएमओ भर्ती विवाद गहराया:एसोसिएशन की आज CS से मीटिंग; 8-9 को हड़ताल पर अड़े डॉक्टर, HM से वार्ता विफल
हरियाणा में डायरेक्ट एसएमओ भर्ती मामले पर आज हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी के साथ मीटिंग होने जा रही है। एक दिन पहले ही एसोसिएशन की मीटिंग स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई थी। इसमें भी कोई फैसला नहीं हुआ, इस कारण एसोसिएशन ने 8 और 9 दिसंबर को सभी मेडिकल सर्विसेज बंद करने का अपना फैसला जारी रखा है। इससे पहले एसोसिएशन के सरकारी डॉक्टर्स अपनी मांगों के समर्थन में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखते हुए पेन-डाउन हड़ताल कर चुके हैं। हालांकि इसके विपरीत सरकार ने दावा किया था कि 30% से ज्यादा डॉक्टर हड़ताल पर नहीं गए थे। 50% जिलों में कोई हड़ताल नहीं हुई। हेल्थ मिनिस्टर के साथ कल हो चुकी मीटिंग एसोसिएशन के स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के चंडीगढ़ स्थित निवास पर एक मीटिंग आयोजित की गई थी। मीटिंग के दौरान एक्शन कमेटी, एचसीएमएस ने दो मुख्य और लंबे समय से लंबित मुद्दों को प्रस्तुत किया। इसमें पहला मुद्दा डायरेक्ट एसएमओ भर्ती को रोकना था। इसके अलावा पहले से अनुमोदित संशोधित एसीपी संरचना की अधिसूचना जारी करना शामिल था। 16 महीने से दोनों मांगों का नहीं हुआ समाधान ख्यालिया ने बताया कि इन दोनों मुद्दों पर पिछले 16 महीनों से कोई समाधान नहीं हुआ है। इन दोनों मांगों पर सरकार द्वारा पिछले वर्ष ही सहमति, स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री महोदया से इन मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निवेदन किया। स्वास्थ्य मंत्री हमारे मुद्दों से सहमत और आश्वस्त तो हुई, लेकिन समाधान के संबंध में कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया। डायरेक्ट एसएमओ भर्ती रोकने का मुद्दा मुख्यमंत्री स्तर पर दोबारा चर्चा के लिए भेजा जाएगा और उसी के उपरांत कोई निर्णय लिया जाएगा। विज ने भर्ती नहीं होने के दिए थे आदेश ख्यालिया ने बताया, 3 जून 2021 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आदेश दिया था कि एसएमओ की सीधी भर्ती नहीं की जाएगी और मौजूदा डॉक्टरों को पदोन्नति के अवसर दिए जाएंगे। अब सरकार एसएमओ की सीधी भर्ती करने की योजना बना रही है।एसोसिएशन ने संशोधित एसीपी ढांचे को अधिसूचित करने में देरी पर भी चिंता जताई, जिससे उनका वेतनमान मौजूदा 8 हजार 700 रुपए से बढ़कर 9 हजार 500 रुपए हो जाएगा, जिससे वे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के बराबर हो जाएंगे। इसलिए कर रहे सीधी भर्ती का विरोध एसोसिएशन के राज्य कोषाध्यक्ष डॉ. दीपक गोयल ने बताया, वर्तमान में एक सिविल सर्जन भी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर से कम वेतन पाता है। मुख्यमंत्री ने संशोधित ढांचे को मंजूरी दे दी है, लेकिन वित्त विभाग ने अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की है। उन्होंने बताया कि वे स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक से मिले थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा- हमने अपनी समस्याओं को उठाने के लिए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से समय मांगा है।
हरियाणा में डायरेक्ट एसएमओ भर्ती मामले पर आज हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी के साथ मीटिंग होने जा रही है। एक दिन पहले ही एसोसिएशन की मीटिंग स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई थी। इसमें भी कोई फैसला नहीं हुआ, इस कारण एसोसिएशन ने 8 और 9 दिसंबर को सभी मेडिकल सर्विसेज बंद करने का अपना फैसला जारी रखा है। इससे पहले एसोसिएशन के सरकारी डॉक्टर्स अपनी मांगों के समर्थन में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखते हुए पेन-डाउन हड़ताल कर चुके हैं। हालांकि इसके विपरीत सरकार ने दावा किया था कि 30% से ज्यादा डॉक्टर हड़ताल पर नहीं गए थे। 50% जिलों में कोई हड़ताल नहीं हुई। हेल्थ मिनिस्टर के साथ कल हो चुकी मीटिंग एसोसिएशन के स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के चंडीगढ़ स्थित निवास पर एक मीटिंग आयोजित की गई थी। मीटिंग के दौरान एक्शन कमेटी, एचसीएमएस ने दो मुख्य और लंबे समय से लंबित मुद्दों को प्रस्तुत किया। इसमें पहला मुद्दा डायरेक्ट एसएमओ भर्ती को रोकना था। इसके अलावा पहले से अनुमोदित संशोधित एसीपी संरचना की अधिसूचना जारी करना शामिल था। 16 महीने से दोनों मांगों का नहीं हुआ समाधान ख्यालिया ने बताया कि इन दोनों मुद्दों पर पिछले 16 महीनों से कोई समाधान नहीं हुआ है। इन दोनों मांगों पर सरकार द्वारा पिछले वर्ष ही सहमति, स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री महोदया से इन मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निवेदन किया। स्वास्थ्य मंत्री हमारे मुद्दों से सहमत और आश्वस्त तो हुई, लेकिन समाधान के संबंध में कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया। डायरेक्ट एसएमओ भर्ती रोकने का मुद्दा मुख्यमंत्री स्तर पर दोबारा चर्चा के लिए भेजा जाएगा और उसी के उपरांत कोई निर्णय लिया जाएगा। विज ने भर्ती नहीं होने के दिए थे आदेश ख्यालिया ने बताया, 3 जून 2021 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आदेश दिया था कि एसएमओ की सीधी भर्ती नहीं की जाएगी और मौजूदा डॉक्टरों को पदोन्नति के अवसर दिए जाएंगे। अब सरकार एसएमओ की सीधी भर्ती करने की योजना बना रही है।एसोसिएशन ने संशोधित एसीपी ढांचे को अधिसूचित करने में देरी पर भी चिंता जताई, जिससे उनका वेतनमान मौजूदा 8 हजार 700 रुपए से बढ़कर 9 हजार 500 रुपए हो जाएगा, जिससे वे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के बराबर हो जाएंगे। इसलिए कर रहे सीधी भर्ती का विरोध एसोसिएशन के राज्य कोषाध्यक्ष डॉ. दीपक गोयल ने बताया, वर्तमान में एक सिविल सर्जन भी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर से कम वेतन पाता है। मुख्यमंत्री ने संशोधित ढांचे को मंजूरी दे दी है, लेकिन वित्त विभाग ने अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की है। उन्होंने बताया कि वे स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक से मिले थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा- हमने अपनी समस्याओं को उठाने के लिए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से समय मांगा है।