रोहतक में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से चरमराई सफाई व्यवस्था:शहर में लगे कचरे के ढेर, सड़कों पर ट्रालियों को कर रहे खाली
रोहतक में मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 10वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने शहर में कई स्थानों पर कचरे की ट्राली खाली करके विरोध जताया। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। वहीं, प्रशासन की तरफ से इसका कोई समाधान नहीं किया जा रहा। सफाई कर्मचारियों ने 1 मई से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की थी। जिसमें 5 हजार रुपए जोखिम भत्ता देने, पेट्रोल व मोबाइल का खर्च देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, हादसे का शिकार हुए फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के परिवार को आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को 10 दिन हो गए, लेकिन अभी तक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में कर्मचारी कभी नगर निगम के गेट, कभी पुलिस थानों के आगे तो कभी नेताओं की कोठी के पास कचरे को डालकर विरोध जता रहे है। ऐसे में शहर के अंदर गंदगी के ढेर लग गए है। डंपिंग प्वाइंट पर लगा कचरे का ढेर
नगर निगम की तरफ से शहर में कई स्थानों पर डंपिंग प्वाइंट बना रखे है, जहां गंदगी के ढेर लगे हुए है। पिछले 10 दिन से कचरा नहीं उठने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, नगर निगम प्रशासन इसका समाधान करने में अब तक नाकाम साबित हुआ है। घरों से कचरा उठाने वाली नहीं पहुंच रही गाड़ी
नगर निगम की तरफ से हर घर से कचरा उठाने के लिए गाड़ियां लगा रखी है, जिसका ठेका एक कंपनी को दे रखा है। लेकिन पिछले कई दिनों से घरों से कचरा उठाने वाली गाड़ी भी नहीं पहुंच रही, जिसके कारण लोग अपने घरों का कचरा भी अब सड़कों पर डालने के लिए विवश हो गए हैं। मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान शंभू टांक ने बताया कि मांगों को लेकर 10 दिन से हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों व सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कर्मचारियों की सभी मांगे पूरी नहीं हो जाती।
रोहतक में मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 10वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने शहर में कई स्थानों पर कचरे की ट्राली खाली करके विरोध जताया। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। वहीं, प्रशासन की तरफ से इसका कोई समाधान नहीं किया जा रहा। सफाई कर्मचारियों ने 1 मई से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की थी। जिसमें 5 हजार रुपए जोखिम भत्ता देने, पेट्रोल व मोबाइल का खर्च देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, हादसे का शिकार हुए फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के परिवार को आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को 10 दिन हो गए, लेकिन अभी तक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में कर्मचारी कभी नगर निगम के गेट, कभी पुलिस थानों के आगे तो कभी नेताओं की कोठी के पास कचरे को डालकर विरोध जता रहे है। ऐसे में शहर के अंदर गंदगी के ढेर लग गए है। डंपिंग प्वाइंट पर लगा कचरे का ढेर
नगर निगम की तरफ से शहर में कई स्थानों पर डंपिंग प्वाइंट बना रखे है, जहां गंदगी के ढेर लगे हुए है। पिछले 10 दिन से कचरा नहीं उठने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, नगर निगम प्रशासन इसका समाधान करने में अब तक नाकाम साबित हुआ है। घरों से कचरा उठाने वाली नहीं पहुंच रही गाड़ी
नगर निगम की तरफ से हर घर से कचरा उठाने के लिए गाड़ियां लगा रखी है, जिसका ठेका एक कंपनी को दे रखा है। लेकिन पिछले कई दिनों से घरों से कचरा उठाने वाली गाड़ी भी नहीं पहुंच रही, जिसके कारण लोग अपने घरों का कचरा भी अब सड़कों पर डालने के लिए विवश हो गए हैं। मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान शंभू टांक ने बताया कि मांगों को लेकर 10 दिन से हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों व सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कर्मचारियों की सभी मांगे पूरी नहीं हो जाती।