भगवा पहन 'चोरी' का ड्रामा पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश पर बनारस में FIR दर्ज
FIR against Rahul and Pappu Yadav: संसद परिसर में किया गया एक 'प्रतीकात्मक ड्रामा' अब सियासी और कानूनी गले की फांस बनता नजर आ रहा है। अयोध्या राम मंदिर के 'चढ़ावा चोरी' के विरोध में भगवा वस्त्र पहनकर दानपात्र के साथ प्रदर्शन करना निर्दलीय सांसद ...
FIR against Rahul and Pappu Yadav: संसद परिसर में किया गया एक 'प्रतीकात्मक ड्रामा' अब सियासी और कानूनी गले की फांस बनता नजर आ रहा है। अयोध्या राम मंदिर के 'चढ़ावा चोरी' के विरोध में भगवा वस्त्र पहनकर दानपात्र के साथ प्रदर्शन करना निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद को भारी पड़ गया है। धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में धर्मनगरी वाराणसी के कोतवाली थाने में संतों की शिकायत पर इन तीनों दिग्गज नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पूरा विवाद संसद भवन परिसर में हुए एक अनोखे विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि सांसद पप्पू यादव भगवा वेश धारण कर हाथ में एक सांकेतिक 'दानपात्र' लेकर बैठे थे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उस दानपात्र में कुछ पैसे डाले, जिसके तुरंत बाद पप्पू यादव दानपात्र लेकर भागते हुए दिखाई दिए। इस पूरे ड्रामे के जरिए विपक्षी नेताओं का मकसद अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे को उठाना था, लेकिन विरोध जताने का यह अंदाज अब एक नए विवाद की वजह बन गया है। ALSO READ: अयोध्या की आड़ में देश की अस्मिता और आस्था पर हो रहा प्रहार : योगी आदित्यनाथ
संतों का गुस्सा और दर्ज हुई FIR
भगवा कपड़ों में 'चोरी' का सीन फिल्माने पर हिंदू संगठनों और साधु-संतों का गुस्सा भड़क उठा है। बनारस के संतों का कहना है कि पवित्र भगवा वस्त्रों को चोरी जैसे कृत्य से जोड़कर पूरे हिंदू समाज और सनातन धर्म का अपमान किया गया है। संतों की इसी नाराजगी के बाद वाराणसी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
बीजेपी और VHP आक्रामक
इस घटना के बाद से भाजपा (BJP) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हमला बोलते हुए पूछा कि क्या विपक्षी नेता किसी अन्य धर्म के प्रतीकात्मक कपड़ों में चोरी का ऐसा कोई नाटक करने की हिम्मत कर सकते थे? वीएचपी नेता आलोक कुमार ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया है। दूसरी ओर, लखनऊ में विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर अखिलेश यादव और पप्पू यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले भी फूंके। ALSO READ: अयोध्या में आस्था बरकरार, रामलला दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
इस ड्रामे के सियासी मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद परिसर में किया गया यह विरोध प्रदर्शन 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन पर ही भारी पड़ सकता है। इसे भाजपा और हिंदू संगठन 'हिंदुत्व और सनातन के अपमान' के तौर पर भुनाने में जुट गए हैं। ऐसे में रक्षात्मक मुद्रा में आई कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के लिए इस विवाद से पार पाना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।



