पीओके चुनाव के पहले चरण में पीएमएल-एन ने जीतीं नौ सीटें, पीपीपी ने लगाया धांधली का आरोप

(एम. जुल्करनैन) इस्लामाबाद, 28 जुलाई पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हुए पहले चरण के चुनाव में सेना समर्थित पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने 13 में से 9 सीटों पर जीत हासिल की है। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सोमवार को हुए पहले चरण के मतदान में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे।बाकी बची चार सीट पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने जीत दर्ज की। दोनों पार्टियां केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दल हैं। पीओके की तथाकथित विधानसभा की 45 सीटों के लिए चुनाव 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच तीन चरणों में हो रहे हैं।भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख उसके अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। नयी दिल्ली का कहना है कि इन केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर पाकिस्तान का अवैध व जबरन कब्जा है। निर्वाचन आयोग द्वारा मंगलवार को जारी शुरुआती नतीजों के अनुसार, नवाज शरीफ और शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन ने नौ निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की, जबकि भुट्टो परिवार के नेतृत्व वाली पीपीपी ने चार सीट जीतीं।पीपीपी के वरिष्ठ नेता नैयर बुखारी ने सात सीट पर धांधली का आरोप लगाते हुए कहा, हमारी जीती हुई सीट पीएमएल-एन को दे दी गई हैं। पीपीपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मांग की कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में धांधली के आरोप लगे हैं, वहां जांच पूरी होने तक निर्वाचन आयोग नतीजे घोषित न करे। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने धांधली के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से हुए।उन्होंने कहा कि केवल एक निर्वाचन क्षेत्र में हिंसा की घटना हुई।

Jul 28, 2026 - 22:52
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पीओके चुनाव के पहले चरण में पीएमएल-एन ने जीतीं नौ सीटें, पीपीपी ने लगाया धांधली का आरोप

(एम. जुल्करनैन) इस्लामाबाद, 28 जुलाई पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हुए पहले चरण के चुनाव में सेना समर्थित पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने 13 में से 9 सीटों पर जीत हासिल की है। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सोमवार को हुए पहले चरण के मतदान में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे।

बाकी बची चार सीट पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने जीत दर्ज की। दोनों पार्टियां केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगी दल हैं। पीओके की तथाकथित विधानसभा की 45 सीटों के लिए चुनाव 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच तीन चरणों में हो रहे हैं।

भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख उसके अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। नयी दिल्ली का कहना है कि इन केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर पाकिस्तान का अवैध व जबरन कब्जा है। निर्वाचन आयोग द्वारा मंगलवार को जारी शुरुआती नतीजों के अनुसार, नवाज शरीफ और शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन ने नौ निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की, जबकि भुट्टो परिवार के नेतृत्व वाली पीपीपी ने चार सीट जीतीं।

पीपीपी के वरिष्ठ नेता नैयर बुखारी ने सात सीट पर धांधली का आरोप लगाते हुए कहा, हमारी जीती हुई सीट पीएमएल-एन को दे दी गई हैं। पीपीपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मांग की कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में धांधली के आरोप लगे हैं, वहां जांच पूरी होने तक निर्वाचन आयोग नतीजे घोषित न करे। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने धांधली के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से हुए।

उन्होंने कहा कि केवल एक निर्वाचन क्षेत्र में हिंसा की घटना हुई।