जालोर अवैध मजारों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग:चीफ व्हिप जोगेश्वर गर्ग ने उप मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
जालोर के ऐतिहासिक किले की तलहटी से किले तक जाने वाले मार्ग पर स्थित मजारों को लेकर सार्वजनिक जानकारी की मांग उठी है। राजस्थान विधानसभा के सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी को पत्र लिखकर पुरातत्व विभाग से तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त कर उसे जनता के लिए जारी करने का अनुरोध किया है। पत्र में मजारों की वैधता और इतिहास स्पष्ट करने की बात कही गई है। मजारों को लेकर शिकायतें पत्र में जोगेश्वर गर्ग ने बताया कि किले तक जाने वाले रास्ते पर कई मजारें बनी हुई हैं। समय-समय पर इनको लेकर शिकायतें मिलती रही हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ मजारें अवैध तरीके से योजनाबद्ध रूप से बनाई गई हैं। मजार का अर्थ और जनहित गर्ग ने पत्र में उल्लेख किया कि मजार किसी व्यक्ति के दफन किए जाने से जुड़ा होता है। जनहित में यह जानना आवश्यक है कि इन मजारों में किसे, कब और किस कालखंड में दफनाया गया। जानकारी सार्वजनिक करने की मांग मुख्य सचेतक और विधायक जोगेश्वर गर्ग ने उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि जालोर किले की तलहटी से लेकर किले के मुख्य द्वार तक मौजूद सभी मजारों के संबंध में पुरातत्व विभाग से प्रमाणिक जानकारी प्राप्त कर उसे सार्वजनिक किया जाए। वैध और अवैध मजारों का स्पष्ट होना आवश्यक इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन-सी मजार ऐतिहासिक और वैध है और कौन-सी अवैध रूप से बनाई गई है। जोगेश्वर गर्ग ने उप मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर शीघ्र एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उचित निर्णय लिया जा सके।



