चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्य का 90% काम पूरा:मार्च तक मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं; 8 लिफ्ट चालू
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन अब एयरपोर्ट की तरह आधुनिक और हाईटेक नजर आएगा। स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और मार्च के अंत तक यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। लंबे इंतजार और बार-बार बढ़ती डेडलाइन के बाद अब स्टेशन का नया स्वरूप धीरे-धीरे सामने आने लगा है। स्टेशन पर बनाए जा रहे विशाल कॉनकोर्स का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है। गुरुवार को कॉनकोर्स के दोनों ओर लगाई गई लिफ्टों की इंस्पेक्शन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए 8 लिफ्टों को चालू कर दिया गया है। इससे खासतौर पर बुजुर्ग यात्रियों, दिव्यांगों और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। इन लिफ्टों के जरिए यात्री प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 6 तक आसानी से पहुंच सकेंगे। कॉनकोर्स के दोनों ओर 4-4 लिफ्टों का प्रावधान किया गया है। चंडीगढ़ और पंचकूला को जोड़ेगा कॉनकोर्स रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह विशाल कॉनकोर्स चंडीगढ़ और पंचकूला साइड को आपस में जोड़ता है। इसका आकार करीब 72 मीटर × 80 मीटर रखा गया है। स्टेशन का पूरा डिजाइन एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को आधुनिक, सुविधाजनक और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके। रेलवे के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने कहा स्टेशन के कुल निर्माण कार्य का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। बाकी बचे फिनिशिंग और अन्य काम मार्च के अंत तक पूरे होने की संभावना है। कई बार बढ़ चुकी है डेडलाइन रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से संचालित इस प्रोजेक्ट की समय-सीमा पहले भी कई बार बढ़ाई जा चुकी है। वर्ष 2025 में अप्रैल, सितंबर और दिसंबर की डेडलाइन पूरी नहीं हो सकी थी। इससे पहले 2024 तक स्टेशन के पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद जताई गई थी। यात्रियों को मिली राहत रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इतने बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट में सख्त समय-सीमा तय करना मुश्किल होता है और काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि कॉनकोर्स को प्लेटफॉर्म नंबर 2, 3, 4, 5 और 6 तक आने-जाने के लिए खोल दिया गया है और यहां लगी सभी लिफ्टें भी शुरू कर दी गई हैं।
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन अब एयरपोर्ट की तरह आधुनिक और हाईटेक नजर आएगा। स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और मार्च के अंत तक यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। लंबे इंतजार और बार-बार बढ़ती डेडलाइन के बाद अब स्टेशन का नया स्वरूप धीरे-धीरे सामने आने लगा है। स्टेशन पर बनाए जा रहे विशाल कॉनकोर्स का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है। गुरुवार को कॉनकोर्स के दोनों ओर लगाई गई लिफ्टों की इंस्पेक्शन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए 8 लिफ्टों को चालू कर दिया गया है। इससे खासतौर पर बुजुर्ग यात्रियों, दिव्यांगों और बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। इन लिफ्टों के जरिए यात्री प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 6 तक आसानी से पहुंच सकेंगे। कॉनकोर्स के दोनों ओर 4-4 लिफ्टों का प्रावधान किया गया है। चंडीगढ़ और पंचकूला को जोड़ेगा कॉनकोर्स रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह विशाल कॉनकोर्स चंडीगढ़ और पंचकूला साइड को आपस में जोड़ता है। इसका आकार करीब 72 मीटर × 80 मीटर रखा गया है। स्टेशन का पूरा डिजाइन एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को आधुनिक, सुविधाजनक और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके। रेलवे के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने कहा स्टेशन के कुल निर्माण कार्य का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। बाकी बचे फिनिशिंग और अन्य काम मार्च के अंत तक पूरे होने की संभावना है। कई बार बढ़ चुकी है डेडलाइन रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से संचालित इस प्रोजेक्ट की समय-सीमा पहले भी कई बार बढ़ाई जा चुकी है। वर्ष 2025 में अप्रैल, सितंबर और दिसंबर की डेडलाइन पूरी नहीं हो सकी थी। इससे पहले 2024 तक स्टेशन के पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद जताई गई थी। यात्रियों को मिली राहत रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इतने बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट में सख्त समय-सीमा तय करना मुश्किल होता है और काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि कॉनकोर्स को प्लेटफॉर्म नंबर 2, 3, 4, 5 और 6 तक आने-जाने के लिए खोल दिया गया है और यहां लगी सभी लिफ्टें भी शुरू कर दी गई हैं।