कैथल के नवोदय स्कूल में मॉक ड्रिल:प्रशासन ने किया आपदाओं से बचाव का अभ्यास, सायरन सुनते ही दौड़े कर्मचारी

कैथल जिले में जवाहर नवोदय स्कूल तितरम में प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल की गई। जब सायरन की आवाज सुनाई दी, तो जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर दिखाई दी। सभी ने अपना-अपना कार्य करना शुरू कर दिया। स्कूल परिसर में एनडीआरएफ की टीम द्वारा मेडिकल पोस्ट, कमांड पोस्ट, कम्युनिकेशन पोस्ट व एनडीआरएफ स्टोर की स्थापना की। जैसे-जैसे सूचना मिलती गई, वैसे ही विभागों द्वारा भवन में फंसे बच्चों को बचाने के लिए कार्य करने में जुट गए। डीसी की देखरेख में अभ्यास यह मॉक ड्रिल डीसी अपराजिता की देखरेख में जिला प्रशासन द्वारा जवाहर नवोदय स्कूल तितरम में आयोजित की गई, जिसमें एडीसी सुशील कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा जिला प्रशासन में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। आपदा में स्कूल भवन में फंसे बच्चों को तुरंत प्रभाव से रेस्क्यू कर उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल में भिजवाया गया। बच्चों को स्कूल भवन से बाहर निकाला एनडीआरएफ की टीम में ऑब्जर्वेशन असिस्टेंट अनिल कुमार, टीम कमांडर संदीप, एसआई धर्मेश कुमार के साथ-साथ 31 सदस्यीय की टीम शामिल रही। सायरन के बाद मॉक ड्रिल में सबसे पहले स्कूल की रेस्क्यू टीम ने बच्चों को स्कूल भवन से सुरक्षित बाहर निकालने का काम किया। इसके बाद स्कूल परिसर में लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची, जिन्होंने तुरंत प्रभाव से क्षेत्र में लगी आग को काबू में किया। जिला रेडक्रॉस विभाग व माई भारत केंद्र के वॉलंटियर्स ने भी भवन में फंसे बच्चों को बाहर सुरक्षित निकालने का काम किया। भवन की छत से बच्चों को नीचे लाया गया जैसे ही उन्हें भवन में फंसे बच्चों के बारे में सूचना मिलती है, तो तुरंत पुलिस विभाग के टीम सदस्यों ने पूरी बच्चों को रेस्क्यू करते हुए और एम्बुलेंस तक पहुंचाने का कार्य किया। एनडीआरएफ की टीम ने कटर चलाकर भवन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। साथ ही रस्सी के माध्यम से भवन की छत से पीड़ित बच्चों को नीचे लाया गया। एडीसी सुशील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी कोई आपदा आती है, तो इससे निपटने के लिए मॉक ड्रिल का समय-समय पर आयोजित करना हम सबके लिए बहुत ही जरूरी है।

Jan 22, 2026 - 15:48
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कैथल के नवोदय स्कूल में मॉक ड्रिल:प्रशासन ने किया आपदाओं से बचाव का अभ्यास, सायरन सुनते ही दौड़े कर्मचारी
कैथल जिले में जवाहर नवोदय स्कूल तितरम में प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल की गई। जब सायरन की आवाज सुनाई दी, तो जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर दिखाई दी। सभी ने अपना-अपना कार्य करना शुरू कर दिया। स्कूल परिसर में एनडीआरएफ की टीम द्वारा मेडिकल पोस्ट, कमांड पोस्ट, कम्युनिकेशन पोस्ट व एनडीआरएफ स्टोर की स्थापना की। जैसे-जैसे सूचना मिलती गई, वैसे ही विभागों द्वारा भवन में फंसे बच्चों को बचाने के लिए कार्य करने में जुट गए। डीसी की देखरेख में अभ्यास यह मॉक ड्रिल डीसी अपराजिता की देखरेख में जिला प्रशासन द्वारा जवाहर नवोदय स्कूल तितरम में आयोजित की गई, जिसमें एडीसी सुशील कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा जिला प्रशासन में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। आपदा में स्कूल भवन में फंसे बच्चों को तुरंत प्रभाव से रेस्क्यू कर उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल में भिजवाया गया। बच्चों को स्कूल भवन से बाहर निकाला एनडीआरएफ की टीम में ऑब्जर्वेशन असिस्टेंट अनिल कुमार, टीम कमांडर संदीप, एसआई धर्मेश कुमार के साथ-साथ 31 सदस्यीय की टीम शामिल रही। सायरन के बाद मॉक ड्रिल में सबसे पहले स्कूल की रेस्क्यू टीम ने बच्चों को स्कूल भवन से सुरक्षित बाहर निकालने का काम किया। इसके बाद स्कूल परिसर में लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची, जिन्होंने तुरंत प्रभाव से क्षेत्र में लगी आग को काबू में किया। जिला रेडक्रॉस विभाग व माई भारत केंद्र के वॉलंटियर्स ने भी भवन में फंसे बच्चों को बाहर सुरक्षित निकालने का काम किया। भवन की छत से बच्चों को नीचे लाया गया जैसे ही उन्हें भवन में फंसे बच्चों के बारे में सूचना मिलती है, तो तुरंत पुलिस विभाग के टीम सदस्यों ने पूरी बच्चों को रेस्क्यू करते हुए और एम्बुलेंस तक पहुंचाने का कार्य किया। एनडीआरएफ की टीम ने कटर चलाकर भवन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। साथ ही रस्सी के माध्यम से भवन की छत से पीड़ित बच्चों को नीचे लाया गया। एडीसी सुशील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी कोई आपदा आती है, तो इससे निपटने के लिए मॉक ड्रिल का समय-समय पर आयोजित करना हम सबके लिए बहुत ही जरूरी है।