गो सेवा से समृद्धि का मॉडल, यूपी में डेयरी सेक्टर बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार

Nandini Krishak Samriddhi Yojana: उत्तर प्रदेश में गो सेवा अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला एक सशक्त आर्थिक मॉडल बनकर उभरी है। योगी सरकार में डेयरी सेक्टर ने जिस तेजी से विस्तार किया ...

May 6, 2026 - 22:34
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गो सेवा से समृद्धि का मॉडल, यूपी में डेयरी सेक्टर बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार

UP Dairy Sector
Nandini Krishak Samriddhi Yojana: उत्तर प्रदेश में गो सेवा अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला एक सशक्त आर्थिक मॉडल बनकर उभरी है। योगी सरकार में डेयरी सेक्टर ने जिस तेजी से विस्तार किया है, उसने न केवल किसानों और युवाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर भी पैदा किए हैं।

“मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना” और “नंद बाबा दुग्ध मिशन” जैसी पहल ने इस बदलाव को जमीनी स्तर पर साकार किया है। आज प्रदेश के हजारों युवा डेयरी उद्यम के माध्यम से सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं, जो पहले कभी पारंपरिक पशुपालन में आसान नहीं माना जाता था।

योगी सरकार के सहयोग से देवेंद्र बने आत्मनिर्भर

मथुरा जिले के गांव रदोई निवासी देवेन्द्र सिंह का चयन नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में हुआ। उन्होंने आठ साहिवाल एवं दो गिर गोवंश खरीदकर डेयरी यूनिट स्थापित की। सरकार ने उन्हें योजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया। वर्तमान में उनकी डेयरी से औसतन 100 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन हो रहा है, जिससे उनका व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है। देवेन्द्र का कहना है कि योगी सरकार के सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला।

दुग्ध उत्पादन में यूपी देश में पहले स्थान पर

अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की है। देश के कुल दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब 16 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी वर्तमान में देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है।

स्वदेशी नस्लों ने बदली तस्वीर

साहिवाल और गिर नस्ल की गायें अधिक दूध उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। योगी सरकार ने इन नस्लों को बढ़ावा देकर डेयरी सेक्टर को नई दिशा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब स्थानीय स्तर पर आधुनिक डेयरी इकाइयां स्थापित हो रही हैं, जिनसे न केवल दूध का उत्पादन बढ़ा है बल्कि पशु आहार, परिवहन, दुग्ध संग्रहण और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

गांवों में रुक रहा पलायन, बढ़ रही आय

प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर युवाओं को डेयरी सेक्टर से जोड़कर आर्थिक मुख्यधारा में लाया गया है। अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि यह वृद्धि योजनाबद्ध विकास और मुख्यमंत्री के जमीनी प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में आई यह तेजी उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का प्रतीक बन चुकी है। आय बढ़ने से युवा गांवों से पलायन नहीं कर रहे हैं।

अब गो सेवा से आर्थिक समृद्धि

ग्रामीण युवाओं का कहना है कि पहले पशुपालन सीमित आय का जरिया माना जाता था, लेकिन अब यही क्षेत्र सम्मानजनक और स्थायी रोजगार का बड़ा माध्यम बन गया है। बड़े पैमाने पर युवा डेयरी यूनिट स्थापित कर खुद के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। गांवों में गो सेवा अब आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बनती दिखाई दे रही है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala