गया में ‘एक पेड़ नीतीश जी के नाम’ अभियान शुरू:कूजापी गांव में सैकड़ों पौधे लगाए, हर घर से एक व्यक्ति जोड़ने की अपील
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर गया में पर्यावरण को बचाने की एक अनोखी पहल शुरू हुई है। अक्सर वृक्षारोपण को सरकारी कार्यक्रम मानकर लोग इससे दूरी बना लेते हैं। लेकिन इस बार गयाजी में राजनीति से इतर इस मुहिम को सीधे लोगों के भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ा गया है। जनता दल (यूनाइटेड) ने एक पेड़ नीतीश जी के नाम – हरित बिहार, समृद्ध बिहार अभियान की शुरुआत की है। इसका मकसद लोगों में यह भावना जगाना है कि एक पौधा लगाना किसी अपने को सम्मान देने और आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारने जैसा है। कूजापी गांव में सैकड़ों पौधे लगाए गए
इसी सोच के साथ मंगलवार को गया के केवली उच्च माध्यमिक विद्यालय और कूजापी गांव में सैकड़ों पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में नेताओं के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी बड़े उत्साह से हिस्सा लिया। सभी ने न केवल पौधे रोपे, बल्कि उन्हें बचाने की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प भी लिया। इस मौके पर जदयू के जिलाध्यक्ष ई. अजय कुशवाहा ने कहा कि पेड़ लगाना सिर्फ एक औपचारिकता या भाषण का विषय नहीं है। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित कल बनाने की नींव है। अगर हम अब पौधे नहीं लगाएंगे, तो कल हमारे बच्चों को साफ हवा और पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। हर घर से एक व्यक्ति इससे जुड़ेगा
जल-जीवन-हरियाली अभियान तभी सफल होगा जब हर घर से एक व्यक्ति इससे जुड़ेगा। अभियान को हर आम नागरिक तक पहुंचाने के लिए एक विशेष घोषणा भी की गई है। कोई भी व्यक्ति जो पेड़ लगाने का इच्छुक है। उसे जदयू जिलाध्यक्ष की ओर से मुफ्त में पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। संगठन का मानना है कि पैसों की कमी या पौधों की अनुपलब्धता किसी के संकल्प के बीच बाधा नहीं बननी चाहिए। कार्यक्रम में जदयू के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिलकर लोगों से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। इस दौरान मधुसूदन राय, रामलखन स्वर्णकार, कुंडल वर्मा, धनंजय शर्मा, अरुण राव, शंकर चौधरी, प्रभात राव, राकेश पांडे, मो. तबरेज खान, मो. मशूद ख़ान, गीता देवी, देवरानी देवी और राजू वर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर गया में पर्यावरण को बचाने की एक अनोखी पहल शुरू हुई है। अक्सर वृक्षारोपण को सरकारी कार्यक्रम मानकर लोग इससे दूरी बना लेते हैं। लेकिन इस बार गयाजी में राजनीति से इतर इस मुहिम को सीधे लोगों के भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ा गया है। जनता दल (यूनाइटेड) ने एक पेड़ नीतीश जी के नाम – हरित बिहार, समृद्ध बिहार अभियान की शुरुआत की है। इसका मकसद लोगों में यह भावना जगाना है कि एक पौधा लगाना किसी अपने को सम्मान देने और आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारने जैसा है। कूजापी गांव में सैकड़ों पौधे लगाए गए
इसी सोच के साथ मंगलवार को गया के केवली उच्च माध्यमिक विद्यालय और कूजापी गांव में सैकड़ों पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में नेताओं के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी बड़े उत्साह से हिस्सा लिया। सभी ने न केवल पौधे रोपे, बल्कि उन्हें बचाने की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प भी लिया। इस मौके पर जदयू के जिलाध्यक्ष ई. अजय कुशवाहा ने कहा कि पेड़ लगाना सिर्फ एक औपचारिकता या भाषण का विषय नहीं है। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित कल बनाने की नींव है। अगर हम अब पौधे नहीं लगाएंगे, तो कल हमारे बच्चों को साफ हवा और पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। हर घर से एक व्यक्ति इससे जुड़ेगा
जल-जीवन-हरियाली अभियान तभी सफल होगा जब हर घर से एक व्यक्ति इससे जुड़ेगा। अभियान को हर आम नागरिक तक पहुंचाने के लिए एक विशेष घोषणा भी की गई है। कोई भी व्यक्ति जो पेड़ लगाने का इच्छुक है। उसे जदयू जिलाध्यक्ष की ओर से मुफ्त में पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। संगठन का मानना है कि पैसों की कमी या पौधों की अनुपलब्धता किसी के संकल्प के बीच बाधा नहीं बननी चाहिए। कार्यक्रम में जदयू के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिलकर लोगों से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। इस दौरान मधुसूदन राय, रामलखन स्वर्णकार, कुंडल वर्मा, धनंजय शर्मा, अरुण राव, शंकर चौधरी, प्रभात राव, राकेश पांडे, मो. तबरेज खान, मो. मशूद ख़ान, गीता देवी, देवरानी देवी और राजू वर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।