ऑल इंडिया पुलिस बास्केटबॉल प्रतियोगिता का समापन:करनाल रेंज महिला, एचएपी पुरुष वर्ग में विजेता; आईजी ने विजेताओं को किया पुरस्कृत
करनाल में हरियाणा पुलिस द्वारा आयोजित ऑल इंडिया पुलिस बास्केटबॉल प्रतियोगिता का बुधवार को समापन हो गया। समापन समारोह में करनाल मंडल के पुलिस महानिरीक्षक अशोक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिता में 13 टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें 9 पुरुष और 4 महिला टीमें शामिल थीं। महिला वर्ग में करनाल रेंज ने पहला और प्रशिक्षण रेंज ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि पुरुष वर्ग में एचएपी प्रथम और संयुक्त रेंज दूसरे स्थान पर रही। खेल से स्वास्थ्य के साथ अनुशासन भी मजबूत होता है : आईजी आईजी अशोक कुमार ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल पुलिस कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं। खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए खेल सिर्फ जीत-हार या प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ और तनावमुक्त जीवनशैली का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अखिल भारतीय पुलिस खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होनी हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों और टीमों को तैयार किया जा रहा है। बास्केटबॉल के साथ-साथ वॉलीबॉल की टीमें भी तैयार की गई हैं। हरियाणा की टीमों को पदक के लिए तैयार किया जा रहा आईजी अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री हरियाणा ने खेलों के संबंध में पुलिस महानिदेशक हरियाणा को निर्देश दिए थे। इसके बाद उन्हें इन खेलों की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनका उद्देश्य हरियाणा की टीमों को आगामी अखिल भारतीय पुलिस खेलों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है, ताकि प्रदेश की टीमें अच्छा प्रदर्शन कर पदक जीत सकें। उन्होंने युवाओं से ज्यादा से ज्यादा खेलों में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने के साथ उनका स्वास्थ्य भी बेहतर बनाते हैं। ओलिंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकार प्रोत्साहित करती है। इससे खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ उन्हें रोजगार के अवसर भी मिलते हैं। उन्होंने भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा का उदाहरण भी दिया। हार-जीत से ज्यादा जरूरी खेल भावना आईजी ने कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा हैं, लेकिन खेल भावना, अनुशासन और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश ही खिलाड़ी की असली पहचान है। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान में सीखी टीम भावना और अनुशासन को पुलिस ड्यूटी में भी अपनाने का आह्वान किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रतिभा, उत्साह और खेल भावना का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में अशोक कुमार ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे।
करनाल में हरियाणा पुलिस द्वारा आयोजित ऑल इंडिया पुलिस बास्केटबॉल प्रतियोगिता का बुधवार को समापन हो गया। समापन समारोह में करनाल मंडल के पुलिस महानिरीक्षक अशोक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिता में 13 टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें 9 पुरुष और 4 महिला टीमें शामिल थीं। महिला वर्ग में करनाल रेंज ने पहला और प्रशिक्षण रेंज ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि पुरुष वर्ग में एचएपी प्रथम और संयुक्त रेंज दूसरे स्थान पर रही। खेल से स्वास्थ्य के साथ अनुशासन भी मजबूत होता है : आईजी आईजी अशोक कुमार ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल पुलिस कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं। खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए खेल सिर्फ जीत-हार या प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ और तनावमुक्त जीवनशैली का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अखिल भारतीय पुलिस खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होनी हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों और टीमों को तैयार किया जा रहा है। बास्केटबॉल के साथ-साथ वॉलीबॉल की टीमें भी तैयार की गई हैं। हरियाणा की टीमों को पदक के लिए तैयार किया जा रहा आईजी अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री हरियाणा ने खेलों के संबंध में पुलिस महानिदेशक हरियाणा को निर्देश दिए थे। इसके बाद उन्हें इन खेलों की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनका उद्देश्य हरियाणा की टीमों को आगामी अखिल भारतीय पुलिस खेलों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है, ताकि प्रदेश की टीमें अच्छा प्रदर्शन कर पदक जीत सकें। उन्होंने युवाओं से ज्यादा से ज्यादा खेलों में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने के साथ उनका स्वास्थ्य भी बेहतर बनाते हैं। ओलिंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकार प्रोत्साहित करती है। इससे खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ उन्हें रोजगार के अवसर भी मिलते हैं। उन्होंने भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा का उदाहरण भी दिया। हार-जीत से ज्यादा जरूरी खेल भावना आईजी ने कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा हैं, लेकिन खेल भावना, अनुशासन और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश ही खिलाड़ी की असली पहचान है। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान में सीखी टीम भावना और अनुशासन को पुलिस ड्यूटी में भी अपनाने का आह्वान किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रतिभा, उत्साह और खेल भावना का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में अशोक कुमार ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे।