उत्तराखंड में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़ों में सुनहरे भविष्य के संकेत
Uttarakhand Economic Survey: उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक तस्वीर पेश की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में राज्य ...
Uttarakhand Economic Survey: उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक तस्वीर पेश की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में राज्य ने विकास के कई नए आयाम छुए हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक, प्रदेश में प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक आय 3.60 लाख रुपए तक पहुंचने की संभावना है।
अर्थव्यवस्था की रफ्तार : 8.2% विकास दर का लक्ष्य
प्रमुख सचिव-नियोजन आर. मीनाक्षीसुंदरम ने सचिवालय में मीडिया को बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था वर्तमान में फर्राटा भर रही है। विकास दर में 1% के इजाफे के साथ इसके 8.2% रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा राज्य की बढ़ती आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। इसके साथ ही राज्य के राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2001 में जो राजस्व महज 1057 करोड़ रुपए था, वह अब बढ़कर 25 हजार 61 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
पर्यटन और रोजगार : विकास के नए इंजन
उत्तराखंड में पर्यटन क्षेत्र ने पिछले ढाई दशक में जबरदस्त उछाल देखा है। राज्य गठन के समय होटलों की संख्या 4 हजार 803 थी, जो अब बढ़कर 10 हजार 509 हो गई है। होम स्टे की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 5 वर्षों में इनकी संख्या 3 हजार 955 से बढ़कर 6 हजार 161 हो गई है। रोजगार के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है। श्रम बल सहभागिता (15-59 आयु वर्ग) जो वर्ष 2000-01 में मात्र 45% थी, वह 2025 में बढ़कर 64.4% पर आ चुकी है।
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के सकारात्मक आंकड़े सरकार के सतत विकास के प्रयासों का परिणाम हैं। जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तराखंड विकास के पथ पर अग्रसर है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala



