ईरान के बाद कौन होगा अमेरिका का अगला निशाना, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा
Who will be America's next target after Iran : अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अभी जल्द किसी अंजाम की ओर पहुंचता नहीं दिख रहा है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए देश को निशाने बनाने के प्लान का खुलासा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ...
Who will be America's next target after Iran : अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अभी जल्द किसी अंजाम की ओर पहुंचता नहीं दिख रहा है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए देश को निशाने बनाने के प्लान का खुलासा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता ईरान में चल रहे युद्ध को समाप्त करना है। उन्होंने संकेत दिया कि इसके बाद अमेरिका क्यूबा के साथ संबंधों पर ध्यान देगा। ट्रंप ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जमकर तारीफ की। उन्होंने रुबियो से कहा, मार्को, आप शानदार काम कर रहे हैं। क्यूबा के मामले में भी आपने बहुत अच्छा काम किया है।
ट्रंप ने इशारा किया कि क्यूबा से जुड़ी कुछ नई बातें जल्द ही सामने आ सकती हैं। हालांकि क्यूबा इस जंग से पहले ही अमेरिका के ऊर्जा ब्लॉकेड का सामना कर रहा है। इसकी शुरुआत अमेरिका के वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद हुई, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बंधक बना लिया गया। वेनेजुएला क्यूबा का मुख्य तेल सप्लायर रहा है। क्यूबा में भी हमले की आशंका डराने लगी है।
ALSO READ: क्या ईरान और इजरायल युद्ध से दुनिया पर मंडरा रहा है परमाणु युद्ध का खतरा? कई लोगों को डर है कि ट्रंप का अगला टारगेट क्यूबा हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो दोनों ही खुलेआम हवाना में कम्युनिस्ट शासन की बदलने की मंशा जाहिर कर चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि क्यूबा अमेरिका के साथ बातचीत करना चाह रहा है। उन्होंने कहा, क्यूबा बहुत बुरी तरह से डील करना चाहता है।
क्या है क्यूबा विवाद?
अमेरिका और क्यूबा के संबंध पिछले कई दशकों से तनावपूर्ण रहे हैं। 1959 में फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में हुई क्रांति के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। शीतयुद्ध के दौरान अमेरिका ने क्यूबा पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, जिनमें से कई आज भी लागू हैं। अब ट्रंप के बयान से वाशिंगटन की नीति में बदलाव की संभावना दिख रही है।
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ईरान के साथ जंग में ट्रंप ने क्यों लिया चर्चिल का नाम?
ट्रंप ने एक बयान में कहा है कि ब्रितानी प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर कोई विंस्टन चर्चिल नहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति अक्सर अपने विरोधियों से टकराव के कारण सुर्खियों में रहती रही है। लेकिन इस बार विवाद उन देशों के साथ सामने आया है जिन्हें लंबे समय से अमेरिका का सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है, ये देश हैं ब्रिटेन, स्पेन और कनाडा।
अमेरिका-इसराइल के ईरान के साथ युद्ध को लेकर बढ़ते तनाव के बीच इन तीनों देशों के अमेरिका के साथ रिश्तों में खटास के संकेत साफ़ दिख रहे हैं। ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर इन देशों के नेताओं की आलोचना की है, कुछ मामलों में कड़े बयान दिए हैं और यहां तक संकेत दिया है कि वह आर्थिक या कूटनीतिक क़दम उठा सकते हैं।
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ट्रंप का बड़ा दावा- ईरान की नेवी खत्म हो चुकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे संयुक्त सैन्य अभियान में बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की नेवी खत्म हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी बलों ने ईरान की 24 से अधिक जहाजों को डुबो दिया है, जिसमें कई बड़े और महत्वपूर्ण युद्धपोत शामिल हैं।
ट्रंप ने इसे अद्भुत सफलता करार देते हुए कहा, उनकी नेवी खत्म हो गई है। 3 दिनों में 24 जहाज खो चुके हैं, जो बहुत बड़ी संख्या है। हम बाकी पर भी हमला कर रहे हैं और वो जल्द ही समुद्र की तलहटी में होंगे।
ईरान के आसमान पर इसराइल का कब्जा
ट्रंप के बयान से इतर इसराइल ने ईरान के आसमान पर अपना नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया है। इसराइली चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा है कि अमेरिका के साथ मिलकर चल रही संयुक्त जंग के छठे दिन इसराइल की सेना ने ईरान के आसमान पर लगभग पूरी एयर सुपीरियरिटी हासिल कर ली है।
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ट्रंप ने ईरान को फिर दी चेतावनी
ट्रंप ने कहा, मैं एक बार फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस के सभी सदस्यों से हथियार डालने की अपील करता हूं। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो वे मारे जाएंगे। उन्होंने कहा, अब समय है कि आप ईरानी लोगों के लिए खड़े हों और अपने देश को वापस लेने में उनकी मदद करें या तो सरेंडर कर दो।
उन्होंने कहा, हम आपको बख़्श देंगे या फिर अपनी निश्चित मौत चुन लो। ट्रंप ने दुनियाभर में मौजूद ईरानी राजनयिकों से भी शरण मांगने को कहा है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि आप हमारे साथ मिलकर एक नया और बेहतर ईरान बनाने में मदद करें।
Edited By : Chetan Gour



