हिंद महासागर में तनाव चरम पर है, जहां अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी जहाज पर टॉरपीडो से हमला किया है। अमेरिका का दावा है कि उसने ऐसे कुल 20 जहाजों को निशाना बनाया है। इस बीच, श्रीलंका की नौसेना ने ईरानी जहाज 'IRIS डेना' से मदद की गुहार मिलने के बाद 32 लोगों की जान बचाई है। ईरान के भीतर भी हालात नाजुक हैं।
सरकारी मीडिया के अनुसार, दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की शोक सभा को फिलहाल टाल दिया गया है। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और तेल केंद्रों पर हमले तेज कर दिए हैं, ताकि अमेरिकी सेना को इस इलाके से बाहर निकाला जा सके। इसके जवाब में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल और गैस के मुख्य रास्ते 'होर्मुज स्ट्रेट' से सुरक्षित आवाजाही के लिए अमेरिकी नौसेना तैनात करने की बात कही है। इस भीषण युद्ध में अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका के हमलों में 940 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि ईरान की फायरिंग में इजरायल में 11 लोगों की मौत हुई है। वहीं, अमेरिका ने अपने 6 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है, जिनमें से 5 कुवैत पोर्ट पर हुए ड्रोन हमले का शिकार हुए।