Silver-Gold Price Crash: चांदी 35 हजार और सोना 26 हजार रुपए टूटा, जानें वजह
Gold Silver Price : 4 लाख पार पहुंचने के बाद चांदी में जमकर मुनाफा वसूली हुई। आज सुबह 10 बजे चांदी 15,651 रुपए की गिरावट के साथ 3,84,242 रुपए प्रति किलो थी। इसी तरह आज सोने के दाम कम हुए। सोना 2,105 रुपए लुढ़ककर 1,67,298 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। ...
Gold Silver Price : 4 लाख पार पहुंचने के बाद चांदी में जमकर मुनाफा वसूली हुई। आज सुबह 10 बजे चांदी 15,651 रुपए की गिरावट के साथ 3,84,242 रुपए प्रति किलो थी। इसी तरह आज सोने के दाम कम हुए। सोना 2,105 रुपए लुढ़ककर 1,67,298 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस तरह चांदी मात्र 1 ही दिन में करीब 35,000 और सोना 26000 रुपए गिर गया। ALSO READ: बजट 2026: क्या सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों पर लगेगी लगाम? जानें क्या सस्ता होगा आपका गहना!
गुरुवार को वायदा बाजार में चांदी 4.20 लाख रुपए प्रति किलो और सोना 1.93 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया थी। हालांकि शाम को इसकी कीमतों में भारी गिरावट आई। शुक्रवार सुबह भी इसकी कीमतों में गिरावट का दौर जारी रहा।
क्यों गिरे सोने चांदी के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी शुक्रवार को सोने की कीमतों में नरमी आई। डॉलर की मजबूती से सोने दबाव में हैं। हालांकि भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच लोग अभी भी सुरक्षित निवेश की तलाश में है।
वैश्विक स्तर पर सोने-चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दिखी। बजट से पहले बाजार में अनिश्चितता रहती है, इसलिए निवेशक सुरक्षित पोजिशन लेने लगे। इस वजह से दोनों कीमती धातुओं में नई खरीद कम हुई।
अमेरिका और यूरोप में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी सोना चांदी सस्ता हुआ है। ऐसा माना जाता है कि जब बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है, तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर बॉन्ड की ओर जाते हैं। ALSO READ: Budget 2026 : क्या सस्ते होंगे सोने और चांदी, Economic Survey में सरकार ने दी जानकारी
यदि आप लंबे समय के लिए निवेश कर रहे हैं तो आमतौर पर सोना-चांदी को होल्ड करना बेहतर माना जाता है। लेकिन यदि आप शॉर्ट-टर्म ट्रेड कर रहे हैं तो उतार-चढ़ाव और तकनीकी संकेतों पर ध्यान देना भी जरूरी है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
कमोडिटी एक्सपर्ट योगेश बागौरा ने कहा कि अमेरिका और जापान ही गोल्ड, सिल्वर और शेयर बाजार में चल रही उठापटक के लिए जिम्मेदार है। जापान में मंदी का खतरा मंडरा रहा है। अगर जापान इसी तरह से इंटरेस्ट रेट बढ़ता रहा तो मेटल्स में गोल्ड, सिल्वर में तेजी बनी रहेगी। जापान का अमेरिकी बाजार में 600 बिलियन का इन्वेस्टमेंट है। जापान अपना जीडीपी कर्ज घटाने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। अगर वह इंटरेस्ट को बिना बढ़ाएं इसे रिकवर कर लें तो गोल्ड और सिल्वर में एक ठहराव देखने को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि जियो पोलिटिकल टेंशन के साथ ही जापान से क्लेरिफिकेशन आने तक रिटेल इन्वेस्टर को बाजार से दूरी ही रहना चाहिए। अभी गोल्ड, सिल्वर रिटेल इन्वेस्टर के लिए बिल्कुल भी नहीं है। बाजार फिलहाल बड़े लोगों के हाथ में है। अगर किसी को भी इन्वेस्टमेंट करना है तो वह अपने पेमेंट का 25% ही अभी इन्वेस्टमेंट करें और अपना माइंडसेट यह बना कर रखें कि आने वाले समय में 40 से 50% की गिरावट कभी भी आ जाती है।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
edited by : Nrapendra Gupta



