SEBI ने ZEEL पर दो महीने और Subhash Chandra पर लगाया प्रतिबंध
नयी दिल्ली, एक अगस्त सेबी ने एस्सेल समूह की इकाइयों द्वारा लिए गए ऋण को सुरक्षित करने के लिए जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जेडईईएल) की हैदराबाद स्थित भूमि को अनधिकृत रूप से गिरवी रखने के मामले में कंपनी को दो महीने और इसके मानद चेयरमैन सुभाष चंद्रा तथा प्रबंध निदेशक एवं सीईओ पुनीत गोयनका को एक साल के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा नियामक ने उन पर कुल 1.48 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह जानकारी शुक्रवार देर रात पारित 150 पन्नों के अंतिम आदेश के अनुसार सामने आई है।नियामक ने जीईईएल पर 30 लाख रुपये, चंद्रा पर 60 लाख रुपये और गोयनका पर 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला 27 दिसंबर, 2018 को हुए एक जमा और घोषणा समझौते से संबंधित है, जिसके तहत एस्सेल होम और एस्सेल समूह से जुड़ी अन्य उधारकर्ता इकाइयों द्वारा लिए गए ऋण के लिए सुरक्षा के रूप में जीईईएल की हैदराबाद स्थित संपत्ति के मूल स्वामित्व दस्तावेज इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (आईएचएफएल) को सौंप दिए गए थे। सेबी ने कहा कि जीईईएल की संपत्ति का उपयोग एक संबंधित-पक्ष लेनदेन था और कंपनी अपनी ऑडिट समिति से पूर्व मंजूरी पाने में विफल रही, जिससे एलओडीआर (सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं) नियमों का उल्लंघन हुआ।नियामक ने आगे कहा कि गोयनका और चंद्रा को यह जानकारी होने के बावजूद कि हैदराबाद स्थित जमीन को सुरक्षा के रूप में रखा गया था और मूल दस्तावेज जून 2020 तक ऋणदाता के पास थे, जीईईएल ने अपने वित्तीय विवरणों में आवश्यक खुलासे नहीं किए।
नयी दिल्ली, एक अगस्त सेबी ने एस्सेल समूह की इकाइयों द्वारा लिए गए ऋण को सुरक्षित करने के लिए जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जेडईईएल) की हैदराबाद स्थित भूमि को अनधिकृत रूप से गिरवी रखने के मामले में कंपनी को दो महीने और इसके मानद चेयरमैन सुभाष चंद्रा तथा प्रबंध निदेशक एवं सीईओ पुनीत गोयनका को एक साल के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा नियामक ने उन पर कुल 1.48 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह जानकारी शुक्रवार देर रात पारित 150 पन्नों के अंतिम आदेश के अनुसार सामने आई है।
नियामक ने जीईईएल पर 30 लाख रुपये, चंद्रा पर 60 लाख रुपये और गोयनका पर 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला 27 दिसंबर, 2018 को हुए एक जमा और घोषणा समझौते से संबंधित है, जिसके तहत एस्सेल होम और एस्सेल समूह से जुड़ी अन्य उधारकर्ता इकाइयों द्वारा लिए गए ऋण के लिए सुरक्षा के रूप में जीईईएल की हैदराबाद स्थित संपत्ति के मूल स्वामित्व दस्तावेज इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (आईएचएफएल) को सौंप दिए गए थे। सेबी ने कहा कि जीईईएल की संपत्ति का उपयोग एक संबंधित-पक्ष लेनदेन था और कंपनी अपनी ऑडिट समिति से पूर्व मंजूरी पाने में विफल रही, जिससे एलओडीआर (सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं) नियमों का उल्लंघन हुआ।
नियामक ने आगे कहा कि गोयनका और चंद्रा को यह जानकारी होने के बावजूद कि हैदराबाद स्थित जमीन को सुरक्षा के रूप में रखा गया था और मूल दस्तावेज जून 2020 तक ऋणदाता के पास थे, जीईईएल ने अपने वित्तीय विवरणों में आवश्यक खुलासे नहीं किए।



