Meerut : मेरठ पुलिस लाइन में बनेगा कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर, 60 लाख रुपए होंगे खर्च, आम लोगों को भी मिलेगी सुविधा, AIIMS के एक्सपर्ट्स देंगे परामर्श
मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक ...
मेरठ पुलिस लाइन परिसर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही कैंसर स्क्रीनिंग एवं रेफरल सेंटर आकार लेता नजर आएगा। करीब 60 लाख रुपए की सांसद निधि से बनने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों के मन से कैंसर का भय खत्म करना, रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करना है। इस केंद्र पर पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी। जांच के दौरान कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा।
आज इस सेंटर के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की सांसद निधि से भवन और उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। ममता, गुड्डी समेत कई आशा कार्यकर्ताओं को कैंसर की चिकित्सा किट भी वितरित की गईं।
प्रदेश की पहली पुलिस लाइन में कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर
राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्रदेश की पहली पुलिस लाइन होगी, जहां कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कैंसर मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करने की अपील की।
अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि जागरूकता की कमी और समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई मामलों में कैंसर की पहचान देर से होती है। स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने के बाद शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान करने में मदद मिलेगी। इससे मरीज को समय रहते विशेषज्ञ उपचार के लिए भेजा जा सकेगा।
मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र का लाभ पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी मिलेगा। कैंसर की समय रहते पहचान होने पर उपचार की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने का रास्ता आसान होगा।
राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत ने कहा कि मेरठ पुलिस लाइन प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के इंचार्ज डाक्टर अंकुर त्यागी का विशेष योगदान है, इस कैंसर स्कैनिंग सेंटर खोलने के लिए। वह हमेशा कहते थे कि इस बीमार से लड़ने के लिए और सुलभ इलाज के लिए सेंटर होना चाहिए, आज भूमिपूजन कर दिया गया है, चार महीने में यह सेंटर अपना रूप ले लेगा, लेकिन तब तक अस्थायी सेंटर द्वारा सैंपल लेकर इलाज शुरू कर दिया जायेगा।
भवन और उपकरणों पर खर्च होंगे करीब 60 लाख रुपये
प्रस्ताव के अनुसार सेंटर के नए भवन के निर्माण पर 36.65 लाख रुपये और उपकरणों की खरीद पर 23.05 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह भवन और उपकरणों पर कुल करीब 59.70 लाख रुपए की राशि खर्च होगी।
केंद्र शुरू होने के बाद लोगों को प्रारंभिक जांच के लिए निजी संस्थानों या दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ समन्वय करते हुए आगे के उपचार के लिए भेजा जाएगा।
एम्स के विशेषज्ञों से मिलेगा परामर्श
सेंटर की एक खास सुविधा यह होगी कि जांच में कैंसर की पुष्टि होने या जटिल स्थिति सामने आने पर एम्स नई दिल्ली और झज्जर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से दूरभाष के माध्यम से परामर्श लिया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा।
सभी मरीजों की जांच और उपचार से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे मरीज के फॉलोअप और आगे के उपचार में चिकित्सकों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
मुंह से लेकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर तक की होगी स्क्रीनिंग
इस केंद्र में विभिन्न प्रकार के कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों से संबंधित कैंसर अन्य संदिग्ध कैंसर की प्रारंभिक जांच शामिल हैं। जांच के दौरान संदिग्ध मामला मिलने पर मरीज को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया जाएगा।
चार स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव
सेंटर के संचालन के लिए एक पुरुष स्टाफ नर्स, दो महिला स्टाफ नर्स, एक एक्स-रे तकनीशियन और एक लैब तकनीशियन की तैनाती का प्रस्ताव है। इससे स्क्रीनिंग, जांच और मरीजों को आगे रेफर करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।



