अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया कि ईरान उन्हें पद से हटाने की कोशिश कर रहा है क्योंकि उसे लगता है कि डेमोक्रेट्स तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाज़त देने के मामले में नरम रुख अपनाएंगे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनके नेतृत्व में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ युद्ध शुरू करने को लेकर उन्हें कोई "पछतावा" नहीं है। फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "वे मुझे हटाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि डेमोक्रेट्स उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने देंगे। उन्हें परमाणु हथियार नहीं मिलेगा।" जब उनसे ईरान के साथ युद्ध को लेकर किसी "पछतावे" के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने ज़ोर देकर कहा कि वह ठीक वैसा ही दोबारा करेंगे। उन्होंने दावा किया कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो उसने इज़राइल और मध्य पूर्व को "खत्म" कर दिया होता। ट्रंप ने कहा मैं 'पछतावा' शब्द में यकीन नहीं रखता। आप हमेशा खुद से थोड़ा सवाल कर सकते हैं। और कुछ लोगों ने मुझसे ऐसा पूछा भी है। अगर मुझे यह दोबारा करना पड़े, तो मैं ठीक वैसा ही करूंगा जैसा मैंने किया था। मैंने उनकी परमाणु क्षमता खत्म कर दी।
उन्होंने कहा मान लीजिए हम आराम से चल रहे हैं और अचानक ईरान के पास परमाणु हथियार आ जाता है। वे उसका इस्तेमाल करेंगे। वे सनकी हैं। मैं उनसे निपटता रहा हूँ। और वे उसका इस्तेमाल करेंगे। वे इज़राइल को खत्म कर देते। वे मिडिल ईस्ट को खत्म कर देते। और वे हमारे कुछ शहरों पर हमला करना शुरू कर देते। ट्रंप ने यह भी कहा कि शेयर बाज़ार "ऑल-टाइम हाई" पर हैं और "लगातार ऊपर जा रहे हैं", जबकि तेल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने फॉक्स न्यूज़ से कहा, "अभी शेयर बाज़ार ऑल-टाइम हाई पर है।
इस कार्यकाल के दौरान 81 बार ऐसा हुआ है। यह सब इस छोटे से टकराव के दौरान हुआ है। हम इसे टकराव कहते हैं। यह अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है। जब मैंने शुरुआत की थी, तब की तुलना में यह बहुत ज़्यादा है।" इससे पहले, ट्रंप ने कहा था कि रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का नाम बदलकर "ट्रंप स्ट्रेट" (Trump Strait) रखने के उनके कदम से ईरान का नेतृत्व "बहुत खुश" होगा। वह डलास में रिपब्लिकन पार्टी के मध्यावधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध "जीत रहा है" और उन्होंने इस टकराव को तेल की कीमतों और उस रणनीतिक जलमार्ग से जोड़ा, जिससे दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है।