Epstein Files का नया बम, ईरान से युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप पर यौन उत्पीड़न के आरोप

एक तरफ अमेरिका और इजराइल ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के न्याय विभाग ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के कुछ ऐसे दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं, जो अब तक दुनिया की नजरों से दूर थे। इसमें एक महिला ने अमेरिकी ...

Mar 7, 2026 - 01:08
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Epstein Files का नया बम, ईरान से युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप पर यौन उत्पीड़न के आरोप

Epstein files एक तरफ अमेरिका और इजराइल ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के न्याय विभाग ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के कुछ ऐसे दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं, जो अब तक दुनिया की नजरों से दूर थे। इन नए रिकॉर्ड्स में एफबीआई (FBI) द्वारा एक महिला के साथ किए गए इंटरव्यू का विवरण है, जिसने नाबालिग रहते हुए यौन शोषण का शिकार होने के चौंकाने वाले दावे किए हैं।  इसमें एक महिला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 

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NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कैरोलिना की एक महिला ने 2019 में जांचकर्ताओं को बताया था कि वह एपस्टीन की शिकार रही है। उसने आरोप लगाया कि 1980 के दशक में जब उसकी उम्र 13 से 15 साल के बीच थी तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उसका यौन उत्पीड़न किया था।

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महिला ने FBI को बताया कि एपस्टीन उसे न्यूयॉर्क या न्यू जर्सी की एक "बहुत ऊंची इमारत" में लेकर गया था, जहाँ ट्रंप ने कथित तौर पर उसके साथ गलत काम किया। महिला का कहना है कि एपस्टीन ने उसकी मां को ब्लैकमेल किया था और सालों तक उसे शारीरिक और मौखिक धमकियां  मिलती रहीं।

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व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने क्या कहा 

अधिकारियों ने एपस्टीन मामले में ट्रंप पर किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या आरोप तय नहीं किए हैं। व्हाइट हाउस ने न्याय विभाग के उस पुराने बयान का हवाला दिया है जिसमें इन दावों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया गया था।

 

न्याय विभाग का कहना है कि "इन फाइलों में जनता द्वारा भेजे गए कई फर्जी दस्तावेज और वीडियो भी शामिल हो सकते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ लगाए गए दावे सनसनीखेज और निराधार हैं, जो 2020 के चुनाव से ठीक पहले FBI को सौंपे गए थे। यदि इनमें रत्ती भर भी सच्चाई होती, तो अब तक इन्हें हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा चुका होता। 

 

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47,000 से ज्यादा फाइलें जांच के घेरे में

 

न्याय विभाग ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि वे पीड़ितों की गोपनीयता और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। इसी कारण 47,635 फाइलों को फिलहाल ऑफलाइन कर दिया गया है ताकि उनकी गहन समीक्षा की जा सके और आपत्तिजनक सामग्री को हटाया जा सके। अभी भी 100 से अधिक महत्वपूर्ण फाइलें वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हैं। Edited by : Sudhir Sharma