सोनीपत के नए बस स्टैंड पर लगी मुहर:जाट जोशी में ही बनेगा आधुनिक बस अड्डा; डीपीआर तैयार करने के आदेश जारी

लंबे समय से सोनीपत के नए बस स्टैंड के स्थान को लेकर चल रही चर्चाओं और अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि सोनीपत का नया बस स्टैंड जाट जोशी गांव की परिवहन विभाग की जमीन पर ही बनाया जाएगा। विधायक निखिल मदान ने बुधवार को चंडीगढ़ में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राज शेखर वुनड्रू और निदेशक वीरेंद्र दहिया से मुलाकात कर परियोजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में विभाग ने नए बस स्टैंड के निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। बस स्टैंड का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। जबकि इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी डीआईएमटीएस (DIMTS) को सौंपी गई है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस बस स्टैंड में यात्रियों के लिए बेहतर इंतजाम, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अलग क्षेत्र विकसित किया जाएगा। जाट जोशी में ही बनेगा नया बस स्टैंड, अटकलों पर विराम विधायक निखिल मदान ने बताया कि परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नया बस स्टैंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित जाट जोशी गांव की परिवहन विभाग की अपनी जमीन पर ही बनाया जाएगा। बीच में केएमपी एक्सप्रेसवे के पास बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन वहां विभाग के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं थी और अन्य तकनीकी मापदंडों पर भी वह स्थान उपयुक्त नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने जाट जोशी की जमीन पर ही परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। 9.33 एकड़ भूमि पर विकसित होगी परियोजना परिवहन विभाग की कुल 9.33 एकड़ भूमि पर यह परियोजना विकसित की जाएगी। इसमें से करीब 6.33 एकड़ क्षेत्र में मुख्य बस स्टैंड बनाया जाएगा, जबकि शेष लगभग 3 एकड़ भूमि पर इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, इलेक्ट्रिक बस डिपो और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण, डीपीआर तैयार करेगी DIMTS बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राज शेखर वुनड्रू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द तैयार की जाए। इसके लिए डीआईएमटीएस एजेंसी बस स्टैंड का डिजाइन, लेआउट और निर्माण का पूरा खाका तैयार करेगी। डीपीआर पूरी होने के बाद पीपीपी मॉडल के तहत टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। 200 से 250 बसों के संचालन की होगी व्यवस्था नए बस स्टैंड को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाएगा। यहां एक समय में लगभग 200 से 250 बसों के संचालन की व्यवस्था होगी। यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, विश्राम कक्ष, टिकट काउंटर, बेहतर यात्री सुविधाएं और सुव्यवस्थित बस संचालन प्रणाली विकसित की जाएगी। इलेक्ट्रिक बसों के लिए बनेगा चार्जिंग स्टेशन परियोजना में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। बची हुई भूमि पर अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को बढ़ावा दिया जा सके। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के लिए अलग से आवश्यक आधारभूत ढांचा भी तैयार किया जाएगा। वाहन पार्किंग और कमर्शियल स्पेस भी होगा विकसित बस स्टैंड परिसर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी अलग क्षेत्र विकसित होगा, जहां दुकानों और अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठानों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे यात्रियों को सुविधाएं मिलने के साथ-साथ परियोजना आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। जल्द सामने आएगा बस स्टैंड का डिजाइन बैठक में विभाग ने नए बस स्टैंड के निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे और परियोजना को तेज गति से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया बस स्टैंड आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा और सोनीपत की बढ़ती आबादी तथा भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।

Jul 22, 2026 - 20:11
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सोनीपत के नए बस स्टैंड पर लगी मुहर:जाट जोशी में ही बनेगा आधुनिक बस अड्डा; डीपीआर तैयार करने के आदेश जारी
लंबे समय से सोनीपत के नए बस स्टैंड के स्थान को लेकर चल रही चर्चाओं और अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि सोनीपत का नया बस स्टैंड जाट जोशी गांव की परिवहन विभाग की जमीन पर ही बनाया जाएगा। विधायक निखिल मदान ने बुधवार को चंडीगढ़ में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राज शेखर वुनड्रू और निदेशक वीरेंद्र दहिया से मुलाकात कर परियोजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में विभाग ने नए बस स्टैंड के निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। बस स्टैंड का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। जबकि इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी डीआईएमटीएस (DIMTS) को सौंपी गई है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस बस स्टैंड में यात्रियों के लिए बेहतर इंतजाम, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अलग क्षेत्र विकसित किया जाएगा। जाट जोशी में ही बनेगा नया बस स्टैंड, अटकलों पर विराम विधायक निखिल मदान ने बताया कि परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नया बस स्टैंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित जाट जोशी गांव की परिवहन विभाग की अपनी जमीन पर ही बनाया जाएगा। बीच में केएमपी एक्सप्रेसवे के पास बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन वहां विभाग के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं थी और अन्य तकनीकी मापदंडों पर भी वह स्थान उपयुक्त नहीं पाया गया। इसके बाद विभाग ने जाट जोशी की जमीन पर ही परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। 9.33 एकड़ भूमि पर विकसित होगी परियोजना परिवहन विभाग की कुल 9.33 एकड़ भूमि पर यह परियोजना विकसित की जाएगी। इसमें से करीब 6.33 एकड़ क्षेत्र में मुख्य बस स्टैंड बनाया जाएगा, जबकि शेष लगभग 3 एकड़ भूमि पर इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, इलेक्ट्रिक बस डिपो और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण, डीपीआर तैयार करेगी DIMTS बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राज शेखर वुनड्रू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द तैयार की जाए। इसके लिए डीआईएमटीएस एजेंसी बस स्टैंड का डिजाइन, लेआउट और निर्माण का पूरा खाका तैयार करेगी। डीपीआर पूरी होने के बाद पीपीपी मॉडल के तहत टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। 200 से 250 बसों के संचालन की होगी व्यवस्था नए बस स्टैंड को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाएगा। यहां एक समय में लगभग 200 से 250 बसों के संचालन की व्यवस्था होगी। यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, विश्राम कक्ष, टिकट काउंटर, बेहतर यात्री सुविधाएं और सुव्यवस्थित बस संचालन प्रणाली विकसित की जाएगी। इलेक्ट्रिक बसों के लिए बनेगा चार्जिंग स्टेशन परियोजना में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। बची हुई भूमि पर अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को बढ़ावा दिया जा सके। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के लिए अलग से आवश्यक आधारभूत ढांचा भी तैयार किया जाएगा। वाहन पार्किंग और कमर्शियल स्पेस भी होगा विकसित बस स्टैंड परिसर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी अलग क्षेत्र विकसित होगा, जहां दुकानों और अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठानों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे यात्रियों को सुविधाएं मिलने के साथ-साथ परियोजना आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। जल्द सामने आएगा बस स्टैंड का डिजाइन बैठक में विभाग ने नए बस स्टैंड के निर्माण को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे और परियोजना को तेज गति से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया बस स्टैंड आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा और सोनीपत की बढ़ती आबादी तथा भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।