राबड़ी देवी पर दलितों की जमीन हड़पने का आरोप:मोतिहारी में शिक्षा मंत्री ने विपक्ष को घेरा,कहा- सरकारी आवास निजी संपत्ति नहीं
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी रविवार को मोतिहारी पहुंचे। विभिन्न स्थानों पर उनका जोरदार स्वागत किया गया, जिसमें पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार, निगम पार्षद धीरज जायसवाल और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहिबुल हक जैसे नेता शामिल थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी और विपक्ष पर निशाना साधा। जमीन हड़पने और घर पर कब्जा करने के आरोप राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली न करने के बयान पर मंत्री तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि उनका पुराना इतिहास रहा है। मंत्री ने आरोप लगाया कि "शुरू से ही इन लोगों पर दलितों की जमीन हड़पने और घर पर कब्जा करने के आरोप लगते रहे हैं।" उन्होंने बताया कि चंपारण के दलित विधायक नंदन किशोर राम को सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बनाया गया है और उन्हें यह सरकारी आवास आवंटित किया गया है। इसके बावजूद आवास खाली नहीं किया जा रहा है। नैतिकता के आधार पर खाली कर देना चाहिए मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकारी आवास निजी संपत्ति नहीं, बल्कि सरकार की संपत्ति होती है, जिसे आवश्यकतानुसार आवंटित किया जाता है। पूर्व आवंटी को नैतिकता के आधार पर इसे खाली कर देना चाहिए। यह उनके कर्मों का परिणाम पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर भी मंत्री तिवारी ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि "यह उनके कर्मों का परिणाम है, उन्होंने बंगाल में जो किया है, उसी का फल उन्हें मिल रहा है।" इस बयान के जरिए उन्होंने टीएमसी और उसके नेतृत्व पर निशाना साधा। महागठबंधन पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद वहां की जनता काफी खुश है। उन्होंने दावा किया कि नई सरकार के आने से राज्य में विकास और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन महागठबंधन के नेताओं को यह बात पच नहीं रही है। मंत्री के इस दौरे और बयानों को लेकर स्थानीय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है, और आने वाले दिनों में इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।
बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी रविवार को मोतिहारी पहुंचे। विभिन्न स्थानों पर उनका जोरदार स्वागत किया गया, जिसमें पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार, निगम पार्षद धीरज जायसवाल और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहिबुल हक जैसे नेता शामिल थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी और विपक्ष पर निशाना साधा। जमीन हड़पने और घर पर कब्जा करने के आरोप राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली न करने के बयान पर मंत्री तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि उनका पुराना इतिहास रहा है। मंत्री ने आरोप लगाया कि "शुरू से ही इन लोगों पर दलितों की जमीन हड़पने और घर पर कब्जा करने के आरोप लगते रहे हैं।" उन्होंने बताया कि चंपारण के दलित विधायक नंदन किशोर राम को सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बनाया गया है और उन्हें यह सरकारी आवास आवंटित किया गया है। इसके बावजूद आवास खाली नहीं किया जा रहा है। नैतिकता के आधार पर खाली कर देना चाहिए मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकारी आवास निजी संपत्ति नहीं, बल्कि सरकार की संपत्ति होती है, जिसे आवश्यकतानुसार आवंटित किया जाता है। पूर्व आवंटी को नैतिकता के आधार पर इसे खाली कर देना चाहिए। यह उनके कर्मों का परिणाम पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर भी मंत्री तिवारी ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि "यह उनके कर्मों का परिणाम है, उन्होंने बंगाल में जो किया है, उसी का फल उन्हें मिल रहा है।" इस बयान के जरिए उन्होंने टीएमसी और उसके नेतृत्व पर निशाना साधा। महागठबंधन पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद वहां की जनता काफी खुश है। उन्होंने दावा किया कि नई सरकार के आने से राज्य में विकास और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन महागठबंधन के नेताओं को यह बात पच नहीं रही है। मंत्री के इस दौरे और बयानों को लेकर स्थानीय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है, और आने वाले दिनों में इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।