रहमान डकैत के भाई को किसने गोली मारी? 'धुरंधर' का खेल है जारी, फिर क्या गैंगवार से दहलने वाला है ल्यारी

30 जुलाई की शाम पाकिस्तान के ल्यारी का सिंघु लेन इलाका 40 साल का एक आदमी अपने घर के बाहर बैठा था। तभी दो मोटरसाइकिल सवार वहां से गुजरे और गुजरते हुए उस 40 साल के आदमी पर गोलियों की बरसात कर दी और मौके से फरार हो गए। उसके पेट में और सीने में कई गोलियां लगी। अब वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। ल्यारी का नाम सुनते ही आपने आईडिया लगा लिया होगा कि यह स्टोरी किसके बारे में है। जिस आदमी को गोलियां मारी गई हैं, उसका नाम है जुबैर बलोच। ल्यारी के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच का भाई जो फिलहाल पाकिस्तान की जेल में बंद है। रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की कहानी इसी उजैर बलोच के इर्द-गिर्द घूमती है। पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक जब जुबैर बलोच को गोली मारी गई तब वहां से गुजर रहे दो राहगीरों को भी गोली लगी जिनमें से एक की हालत गंभीर है। हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे जिसके कारण उनका चेहरा पहचान नहीं पाया गया। हमले के बाद पास के एक दुकानदार ने भी अपनी बंदूक निकाली और उन पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद वह वहां से भागते बने। इसे भी पढ़ें: Lyari में Gangster Uzair Baloch के भाई को मारी गोली, क्या फिर शुरू होगा खूनी Gang War?डॉन ने कराची साउथ जोन के डीआईजी सैयद असद रजा के हवाले से लिखा है कि अपने भाई उजैर की ही तरह जुबैर भी कई मामले में आरोपी है। उसका भी आपराधिक इतिहास है। 2012 में उसको सात अपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। 13 साल जेल में रहने के बाद 2025 में उसको रिहा कर दिया गया। डीआईजी का कहना है कि इस केस में कई एंगल्स हैं। लेकिन सबसे अहम है गिरोहों की आपसी दुश्मनी। इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर भी जुबैर और उजैर के कई दुश्मन हैं। इसी इलाके के एक सोशल वर्कर ने नाम ना बताने की शर्त पर डॉन को एक अलग एंगल बताया है जो पॉलिटिकल है। कुछ महीने पहले जुबैर एक राजनीतिक दल में शामिल हुआ था। पार्टी का नाम सामने नहीं आया है। लेकिन जुबैर ने अपने इलाके में इस पार्टी के झंडे फहराए थे। इस सोशल वर्कर ने यह भी बताया कि ल्यारी में कुछ अफवाहें फैली हुई हैं। यह अफवाह कराची ऑपरेशन को लेकर है। यह ऑपरेशन 2010 से लेकर 2020 तक चला। इसमें आतंकवादियों के साथ-साथ ल्यारी के गैंगस्टर्स को भी निशाना बनाया गया।इसे भी पढ़ें: Balochistan में छात्रों के गायब होने की घटनाएं तेज, Sami Baloch ने Pakistan सरकार को घेराइलाके के एक सोशल एक्टिविस्ट ने नाम न बताने की शर्त पर 'डॉन' को बताया कि ज़ुबैर कुछ महीने पहले एक "राजनीतिक पार्टी" में शामिल हुआ था और उसने अपने इलाके में उस पार्टी के झंडे भी लगाए थे। एक्टिविस्ट ने लियारी में फैली उन अफ़वाहों का भी ज़िक्र किया कि कराची ऑपरेशन के बाद दुबई और ईरान भाग गए कुछ गैंगस्टर, अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद वापस आ गए हैं, और इलाके के लोग पुरानी गैंग-वॉर के फिर से शुरू होने के डर में जी रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे और जब पास के एक दुकानदार ने जवाबी फायरिंग की, तो वे भाग गए। इससे पहले मार्च में, एक एंटी-टेररिज्म कोर्ट (ATC) ने हत्या, पुलिस एनकाउंटर और विस्फोटक रखने से जुड़े सात मामलों में उज़ैर बलोच की ज़मानत अर्ज़ियां खारिज कर दी थीं। उज़ैर और अन्य लोगों पर 2012 में कालाकोट पुलिस स्टेशन के इलाके में हथियारों और विस्फोटकों से कानून लागू करने वाले अधिकारियों पर हमला करने का आरोप था। अप्रैल 2020 में एक मिलिट्री कोर्ट ने उज़ैर बलोच को जासूसी का दोषी ठहराया था और उसे 12 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी।इसे भी पढ़ें: परमाणु संपन्न पाकिस्तान में छिड़ेगा गृहयुद्ध? ग्वादर मिलिट्री कैंप तबाह... मारे गये 30 से ज़्यादा सैनिक, बलूच विद्रोहियों की खुली चेतावनी!साल 2020 में जब उजैर बलोच को सजा सुनाई गई तब भी पाकिस्तान ने इस मामले में भारत को घसीटा। बलोच को लेकर कहा गया कि वह ईरान के साथ-साथ रॉ के लिए भी जासूसी कर रहा था। इस मामले में सीटीडी ने तीन और गैंगस्टर्स को भारत से जुड़ा हुआ बताया। ये तीन गैंगस्टर्स थे। मुदसिर जावेद, हारिस उर्फ़, लंगड़ा और अबू सुफियान। इनको 2020 में गिरफ्तार किया गया। सीटीडी के अनुसार यह सब लेरी के ही एक गैंगस्टर जाहिद उर्फ़ शटर के गिरोह में थे। सीटीडी का आरोप है कि जाहिद संयुक्त अरब अमीरात में रहता है और भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिए जासूसी करता है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि उजैर बलोच के बाद लेहारी में जो कुछ गैंगस्टर बचे हैं रॉ उनका इस्तेमाल टारगेट किलिंग्स के लिए करता है। अप्रैल 2020 में पाकिस्तान की एक मिलिट्री कोर्ट ने उजैर बलोच को जासूसी करने के लिए दोषी ठहराया और 12 साल की जेल की सजा सुनाई। लेकिन यह इकलौता मामला नहीं है जिसमें वो जेल काट रहा है। अवैध हथियार रखने, विस्फोट करने, अरसद पप्पू की हत्या के साथ-साथ दर्जनों मामले उसके खिलाफ चल रहे हैं।  

Aug 1, 2026 - 22:15
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रहमान डकैत के भाई को किसने गोली मारी? 'धुरंधर' का खेल है जारी, फिर क्या गैंगवार से दहलने वाला है ल्यारी
30 जुलाई की शाम पाकिस्तान के ल्यारी का सिंघु लेन इलाका 40 साल का एक आदमी अपने घर के बाहर बैठा था। तभी दो मोटरसाइकिल सवार वहां से गुजरे और गुजरते हुए उस 40 साल के आदमी पर गोलियों की बरसात कर दी और मौके से फरार हो गए। उसके पेट में और सीने में कई गोलियां लगी। अब वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। ल्यारी का नाम सुनते ही आपने आईडिया लगा लिया होगा कि यह स्टोरी किसके बारे में है। जिस आदमी को गोलियां मारी गई हैं, उसका नाम है जुबैर बलोच। ल्यारी के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच का भाई जो फिलहाल पाकिस्तान की जेल में बंद है। रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की कहानी इसी उजैर बलोच के इर्द-गिर्द घूमती है। पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक जब जुबैर बलोच को गोली मारी गई तब वहां से गुजर रहे दो राहगीरों को भी गोली लगी जिनमें से एक की हालत गंभीर है। हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे जिसके कारण उनका चेहरा पहचान नहीं पाया गया। हमले के बाद पास के एक दुकानदार ने भी अपनी बंदूक निकाली और उन पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद वह वहां से भागते बने। 

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डॉन ने कराची साउथ जोन के डीआईजी सैयद असद रजा के हवाले से लिखा है कि अपने भाई उजैर की ही तरह जुबैर भी कई मामले में आरोपी है। उसका भी आपराधिक इतिहास है। 2012 में उसको सात अपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। 13 साल जेल में रहने के बाद 2025 में उसको रिहा कर दिया गया। डीआईजी का कहना है कि इस केस में कई एंगल्स हैं। लेकिन सबसे अहम है गिरोहों की आपसी दुश्मनी। इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर भी जुबैर और उजैर के कई दुश्मन हैं। इसी इलाके के एक सोशल वर्कर ने नाम ना बताने की शर्त पर डॉन को एक अलग एंगल बताया है जो पॉलिटिकल है। कुछ महीने पहले जुबैर एक राजनीतिक दल में शामिल हुआ था। पार्टी का नाम सामने नहीं आया है। लेकिन जुबैर ने अपने इलाके में इस पार्टी के झंडे फहराए थे। इस सोशल वर्कर ने यह भी बताया कि ल्यारी में कुछ अफवाहें फैली हुई हैं। यह अफवाह कराची ऑपरेशन को लेकर है। यह ऑपरेशन 2010 से लेकर 2020 तक चला। इसमें आतंकवादियों के साथ-साथ ल्यारी के गैंगस्टर्स को भी निशाना बनाया गया।

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इलाके के एक सोशल एक्टिविस्ट ने नाम न बताने की शर्त पर 'डॉन' को बताया कि ज़ुबैर कुछ महीने पहले एक "राजनीतिक पार्टी" में शामिल हुआ था और उसने अपने इलाके में उस पार्टी के झंडे भी लगाए थे। एक्टिविस्ट ने लियारी में फैली उन अफ़वाहों का भी ज़िक्र किया कि कराची ऑपरेशन के बाद दुबई और ईरान भाग गए कुछ गैंगस्टर, अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद वापस आ गए हैं, और इलाके के लोग पुरानी गैंग-वॉर के फिर से शुरू होने के डर में जी रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे और जब पास के एक दुकानदार ने जवाबी फायरिंग की, तो वे भाग गए। इससे पहले मार्च में, एक एंटी-टेररिज्म कोर्ट (ATC) ने हत्या, पुलिस एनकाउंटर और विस्फोटक रखने से जुड़े सात मामलों में उज़ैर बलोच की ज़मानत अर्ज़ियां खारिज कर दी थीं। उज़ैर और अन्य लोगों पर 2012 में कालाकोट पुलिस स्टेशन के इलाके में हथियारों और विस्फोटकों से कानून लागू करने वाले अधिकारियों पर हमला करने का आरोप था। अप्रैल 2020 में एक मिलिट्री कोर्ट ने उज़ैर बलोच को जासूसी का दोषी ठहराया था और उसे 12 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी।

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साल 2020 में जब उजैर बलोच को सजा सुनाई गई तब भी पाकिस्तान ने इस मामले में भारत को घसीटा। बलोच को लेकर कहा गया कि वह ईरान के साथ-साथ रॉ के लिए भी जासूसी कर रहा था। इस मामले में सीटीडी ने तीन और गैंगस्टर्स को भारत से जुड़ा हुआ बताया। ये तीन गैंगस्टर्स थे। मुदसिर जावेद, हारिस उर्फ़, लंगड़ा और अबू सुफियान। इनको 2020 में गिरफ्तार किया गया। सीटीडी के अनुसार यह सब लेरी के ही एक गैंगस्टर जाहिद उर्फ़ शटर के गिरोह में थे। सीटीडी का आरोप है कि जाहिद संयुक्त अरब अमीरात में रहता है और भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिए जासूसी करता है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि उजैर बलोच के बाद लेहारी में जो कुछ गैंगस्टर बचे हैं रॉ उनका इस्तेमाल टारगेट किलिंग्स के लिए करता है। अप्रैल 2020 में पाकिस्तान की एक मिलिट्री कोर्ट ने उजैर बलोच को जासूसी करने के लिए दोषी ठहराया और 12 साल की जेल की सजा सुनाई। लेकिन यह इकलौता मामला नहीं है जिसमें वो जेल काट रहा है। अवैध हथियार रखने, विस्फोट करने, अरसद पप्पू की हत्या के साथ-साथ दर्जनों मामले उसके खिलाफ चल रहे हैं।