महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान, BJP ने घेरा राहुल गांधी को

अपने बयानों के लिए अक्सर विवादों में रहने वाले भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक शर्मनका बयान समाने आया है। मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने बेहद शर्मनाक बयान देते हुए कहा कि अगर खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग ...

Jan 17, 2026 - 14:44
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महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान, BJP ने घेरा राहुल गांधी को

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भोपाल। अपने बयानों के  लिए अक्सर विवादों में रहने वाले भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक  शर्मनका बयान समाने आया है। मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने बेहद शर्मनाक बयान देते हुए  कहा कि अगर खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है, रेप हो सकता है। 

 

इतना ही नहीं कांग्रेस विधायक ने बकायदा रेप की थ्योरी बताते हुए कहा कि रेप की एक थ्योरी यह है कि अगर कोई खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और रेप हो सकता है। लेकिन एसटी, एससी, ओबीसी समाज में कोई खूबसूरत लड़की नहीं होती, फिर भी उनके साथ रेप होते हैं। इसके साथ ही कांग्रेस विधायक ने कहा कि  रेप कोई एक व्यक्ति नहीं कर सकता, कम से कम चार-पांच लोग करते हैं। इसीलिए चार महीने और दस महीने की बच्चियों तक के साथ रेप होते हैं। इसका कारण यह है कि वह दिमाग में सोचते हैं कि लड़की के साथ में सहवास करूंगा तो मुझे इस तीर्थ का फल मिलेगा। इस कारण एएससी-एसटी-ओबीसी बच्चियों का रेप हो रहा है।

 

इसके साथ ही कांग्रेस विधायक ने बकायदा धर्मग्रंथों का हवाला देते हुए रेप के साथ सेक्स की थ्योरी भी बताई। उन्होंने धर्मग्रंथों में लिखा है कि अगर कोई तीर्थ नहीं जा पाता तो एससी की महिलाओं के साथ सहवास करने से तीर्थ का फल मिलता है। ऐसे लोग जो तीर्थ नहीं जा पाते, वे धर्मग्रंथों के अनुसार चलते हैं, घर पर रहते हैं और रात के अंधेरे में शेड्यूल कास्ट की लड़की को पकड़ते हैं और फिर उसके साथ सहवास करते हैं।

 

भाजपा ने राहुल से मांगा जवाब-कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के शर्मनाक बयान को लेकर भाजपा ने आपत्तिजनक बताते हुए राहुल गांधी से जवाब मांगा है। कांग्रेस मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का बयान कोई जुबानी फिसलन नहीं, बल्कि बीमार, विकृत और आपराधिक सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन है।महिलाओं को “खूबसूरती” के तराज़ू पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को “तीर्थ फल” कहना—यह बयान नहीं, अपराधी मानसिकता की स्वीकारोक्ति है। धिक्कार है! यह स्त्री-द्वेष, दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है।

भाजपा नेता ने आगे कहा कि आज जब राहुल गांधी मध्यप्रदेश आ रहे हैं, देश जानना चाहता है,क्या यही कांग्रेस की असली सोच है? क्या यही “संविधान बचाओ” का पाखंड है? जीतू पटवारी और उमंग सिंघार अब चुप्पी नहीं चलेगी—या तो तत्काल माफी और निष्कासन, या स्वीकार करें कि कांग्रेस महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता के साथ खड़ी है।नारी देवी है, प्रयोग की वस्तु नहीं। महिलाओं का अपमान कभी स्वीकार नहीं। अपमान बर्दाश्त नहीं।