पूर्णिया यूनिवर्सिटी में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि:छात्र-छात्राओं ने याद किया वैज्ञानिक सोच, युवाओं को दिए सपनों का संदेश

पूर्णिया यूनिवर्सिटी में भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र राजद (SSAI) ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से शुरू हुआ कार्यक्रम कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर और डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की। इसके बाद सीनेट हॉल में दो मिनट का मौन रखकर महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि दी गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने डॉ. कलाम के सादगीपूर्ण जीवन, देशभक्ति और वैज्ञानिक सोच को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जिन्होंने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत को नई पहचान दिलाई। ‘सपने वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हैं’ का दिया संदेश विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. कलाम हमेशा युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देते थे। शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का प्रसिद्ध संदेश ‘सपने वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने नहीं देते’ आज भी करोड़ों युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। करोड़ों युवाओं के मार्गदर्शक थे डॉ. कलाम SSAI के पूर्णिया विश्वविद्यालय अध्यक्ष पीयूष पुजारा ने कहा कि डॉ. कलाम सिर्फ वैज्ञानिक और राष्ट्रपति नहीं थे, बल्कि करोड़ों युवाओं के मार्गदर्शक थे। उनका जीवन यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मजबूत इरादों और स्पष्ट लक्ष्य के साथ सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने छात्रों से डॉ. कलाम के आदर्शों को अपनाने, शोध और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। साथ ही कहा कि छात्र संगठन विद्यार्थियों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम करता रहेगा। छात्रों ने साझा किए विचार, देशभक्ति से गूंजा हॉल श्रद्धांजलि सभा में कई छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें सकारात्मक ऊर्जा देते हैं और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं। पूरा सीनेट हॉल डॉ. कलाम के प्रेरणादायी विचारों और देशभक्ति के माहौल से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

Jul 28, 2026 - 22:51
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पूर्णिया यूनिवर्सिटी में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि:छात्र-छात्राओं ने याद किया वैज्ञानिक सोच, युवाओं को दिए सपनों का संदेश
पूर्णिया यूनिवर्सिटी में भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र राजद (SSAI) ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से शुरू हुआ कार्यक्रम कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर और डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की। इसके बाद सीनेट हॉल में दो मिनट का मौन रखकर महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि दी गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने डॉ. कलाम के सादगीपूर्ण जीवन, देशभक्ति और वैज्ञानिक सोच को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जिन्होंने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत को नई पहचान दिलाई। ‘सपने वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हैं’ का दिया संदेश विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. कलाम हमेशा युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देते थे। शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का प्रसिद्ध संदेश ‘सपने वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने नहीं देते’ आज भी करोड़ों युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। करोड़ों युवाओं के मार्गदर्शक थे डॉ. कलाम SSAI के पूर्णिया विश्वविद्यालय अध्यक्ष पीयूष पुजारा ने कहा कि डॉ. कलाम सिर्फ वैज्ञानिक और राष्ट्रपति नहीं थे, बल्कि करोड़ों युवाओं के मार्गदर्शक थे। उनका जीवन यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मजबूत इरादों और स्पष्ट लक्ष्य के साथ सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने छात्रों से डॉ. कलाम के आदर्शों को अपनाने, शोध और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। साथ ही कहा कि छात्र संगठन विद्यार्थियों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम करता रहेगा। छात्रों ने साझा किए विचार, देशभक्ति से गूंजा हॉल श्रद्धांजलि सभा में कई छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें सकारात्मक ऊर्जा देते हैं और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं। पूरा सीनेट हॉल डॉ. कलाम के प्रेरणादायी विचारों और देशभक्ति के माहौल से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।