चीनी की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने डीलरों पर लगाई 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा

नयी दिल्ली, 28 जुलाई सरकार ने मंगलवार को निर्देश दिया कि चीनी का कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रखेगा। इसके साथ ही सरकार ने चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने के अपने प्रयासों के तहत 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा भी लगा दी है। यह आदेश एक अगस्त, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा।इससे पहले, चीनी के डीलर पर कोई मात्रात्मक प्रतिबंध नहीं था। हालांकि, मंत्रालय चीनी मिलों के लिए मासिक बिक्री कोटा तय करता है। स्टॉक सीमा लगाने का निर्णय पिछले तीन महीनों में चीनी की एक्स-मिल कीमतें 39 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 45 रुपये प्रति किलोग्राम होने की पृष्ठभूमि में लिया गया है।एक गजट अधिसूचना में, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए यह प्रतिबंध लगाया। अधिसूचना में कहा गया, ‘‘...केंद्र सरकार निर्देश देती है कि चीनी का कोई भी डीलर ऐसे स्टॉक की प्राप्ति की तारीख से तीस दिन से अधिक की अवधि के लिए कोई स्टॉक नहीं रखेगा और देश भर में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक में नहीं रखेगा।’’ मानसून की कमी के पूर्वानुमान के बीच कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्र ने पहले ही चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार के फैसले पर, उद्योग निकाय इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा, ‘‘हम देश भर में एक स्थिर और अच्छी तरह से विनियमित चीनी आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने पर सरकार के निरंतर ध्यान बिन्दु का स्वागत करते हैं।अधिसूचना के अनुसार, यह आदेश सरकार के पास रखे गए चीनी स्टॉक, या राज्य सरकार द्वारा नामित डीलर या सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए स्टॉक रखने के लिए अधिकृत अधिकारी पर लागू नहीं होगा। मंत्रालय ने सभी डीलर से पोर्टल पर चीनी की स्टॉक स्थिति घोषित करने और नियमित रूप से अद्यतन करने को कहा है। मई में, भारत ने तत्काल प्रभाव से इस साल 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर नियंत्रण रखना था। सरकार ने सितंबर में समाप्त होने वाले विपणन वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है। एथनॉल के लिए उपलब्धता के बाद 2025-26 विपणन सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के लिए भारत का चीनी उत्पादन 279 लाख टन होने का अनुमान है, जो 2024-25 में 261 लाख टन से अधिक है।17 जुलाई को, चीनी उद्योग निकाय इस्मा और एनएफसीएसएफ ने जोर देकर कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक है और संस्थागत खरीदारों के साथ-साथ थोक और खुदरा व्यापारियों को हालिया मूल्य वृद्धि के बीच सट्टा खरीद से परहेज करना चाहिए।

Jul 28, 2026 - 22:53
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चीनी की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने डीलरों पर लगाई 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा

नयी दिल्ली, 28 जुलाई सरकार ने मंगलवार को निर्देश दिया कि चीनी का कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रखेगा। इसके साथ ही सरकार ने चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखने के अपने प्रयासों के तहत 4,000 क्विंटल की स्टॉक सीमा भी लगा दी है। यह आदेश एक अगस्त, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा।

इससे पहले, चीनी के डीलर पर कोई मात्रात्मक प्रतिबंध नहीं था। हालांकि, मंत्रालय चीनी मिलों के लिए मासिक बिक्री कोटा तय करता है। स्टॉक सीमा लगाने का निर्णय पिछले तीन महीनों में चीनी की एक्स-मिल कीमतें 39 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 45 रुपये प्रति किलोग्राम होने की पृष्ठभूमि में लिया गया है।

एक गजट अधिसूचना में, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और चीनी (नियंत्रण) आदेश, 2025 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए यह प्रतिबंध लगाया। अधिसूचना में कहा गया, ‘‘...केंद्र सरकार निर्देश देती है कि चीनी का कोई भी डीलर ऐसे स्टॉक की प्राप्ति की तारीख से तीस दिन से अधिक की अवधि के लिए कोई स्टॉक नहीं रखेगा और देश भर में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक में नहीं रखेगा।’’ मानसून की कमी के पूर्वानुमान के बीच कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्र ने पहले ही चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार के फैसले पर, उद्योग निकाय इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा, ‘‘हम देश भर में एक स्थिर और अच्छी तरह से विनियमित चीनी आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने पर सरकार के निरंतर ध्यान बिन्दु का स्वागत करते हैं।

अधिसूचना के अनुसार, यह आदेश सरकार के पास रखे गए चीनी स्टॉक, या राज्य सरकार द्वारा नामित डीलर या सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिए स्टॉक रखने के लिए अधिकृत अधिकारी पर लागू नहीं होगा। मंत्रालय ने सभी डीलर से पोर्टल पर चीनी की स्टॉक स्थिति घोषित करने और नियमित रूप से अद्यतन करने को कहा है। मई में, भारत ने तत्काल प्रभाव से इस साल 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर नियंत्रण रखना था। सरकार ने सितंबर में समाप्त होने वाले विपणन वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 16 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है। एथनॉल के लिए उपलब्धता के बाद 2025-26 विपणन सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के लिए भारत का चीनी उत्पादन 279 लाख टन होने का अनुमान है, जो 2024-25 में 261 लाख टन से अधिक है।

17 जुलाई को, चीनी उद्योग निकाय इस्मा और एनएफसीएसएफ ने जोर देकर कहा कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक है और संस्थागत खरीदारों के साथ-साथ थोक और खुदरा व्यापारियों को हालिया मूल्य वृद्धि के बीच सट्टा खरीद से परहेज करना चाहिए।