गायत्री परिवार ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर किया जागरूक:शैक्षणिक संस्थानों में तम्बाकू के दुष्प्रभावों पर दी जानकारी
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के निर्देश पर गायत्री परिवार सिरोही ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया। इस अवसर पर शहर के शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना था। गायत्री परिवार की ट्रस्टी इंद्रा खत्री ने बताया कि गायत्री परिवार अपने विभिन्न आंदोलनों और कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को नशे और दुर्व्यसनों के प्रति जागरूक करने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि आज समाज में नशे ने गहरी जड़ें जमा ली हैं, और गायत्री परिवार आम जनता तथा युवा पीढ़ी को इससे बचाने के लिए ऐसे व्यसन मुक्त कार्यक्रम आयोजित करता है। सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी गणपत सिंह देवड़ा ने तम्बाकू, गुटखा, बीड़ी और सिगरेट के सेवन से होने वाले शारीरिक और आर्थिक नुकसानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जप करने की सलाह दी। देवड़ा ने बताया कि गायत्री मंत्र के लयबद्ध उच्चारण और कंपन से मस्तिष्क में सकारात्मक तरंगें उत्पन्न होती हैं, जो विचारों को नियंत्रित कर मानसिक शांति प्रदान करती हैं। गायत्री परिवार की यशस्विनी गोमतीवाल ने जानकारी दी कि अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में पूरे देश में "नशा मुक्त भारत अभियान" चला रहा है। योग शिक्षक आशीष सेन ने भी विद्यार्थियों को एकाग्रचित्त रहने के लिए नियमित योग अपनाने की सलाह दी। इस अवसर पर शिविर प्रभारी गजेंद्र सिंह, व्याख्याता राजेंद्र सिंह और धर्मिष्ठा अवस्थी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।



