क्रिकेट खेलते समय हुआ झगड़ा,युवक के सिर में बैट मारा:कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा;10 साल बाद पीड़ित बयानों से पलटा,CRPC 344 के जारी किए नोटिस

अलवर के एससी-एसटी कोर्ट ने जानलेवा हमले के मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी को 3 साल की सजा सुनाई है। यह मामला लगभग 10 साल पुराना है, जिसमें क्रिकेट खेलते समय विवाद होने के बाद एक युवक पर बैट से हमला किया गया था, जिससे उसका सिर फट गया था। सरकारी वकील योगेंद्र खटाना ने बताया- 27 मार्च 2016 को कोतवाली थाने में रामजील ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि उनका पोता ललित अपने साथी मोहन के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान गेंद को लेकर कहासुनी हो गई और मामला झगड़े में बदल गया। सिर पर बैट से मारा था किशन कुमार और उसके साथियों ने ललित मीणा के सिर पर बैट से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अलवर से जयपुर रेफर किया गया था। दोषी को 11 साल की सजा पुलिस ने मामले में धारा 307 के तहत आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान एससी-एसटी कोर्ट की जज अनीत सिंधल ने 11 गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोपी किशन कुमार को दोषी मानते हुए 3 साल की सजा सुनाई। बयान से मुकरा पीड़ित, कोर्ट ने पक्षद्रोही घोषित किया पीड़ित ललित कुमार अपने बयान से मुकर गया, जिसके कारण कोर्ट ने उसे पक्षद्रोही घोषित कर दिया। अदालत ने सीआरपीसी की धारा 344 के तहत उसे नोटिस जारी किया है। झूठा बयान देने के मामले में उसके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी।

Apr 9, 2026 - 18:22
 0
क्रिकेट खेलते समय हुआ झगड़ा,युवक के सिर में बैट मारा:कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा;10 साल बाद पीड़ित बयानों से पलटा,CRPC 344 के जारी किए नोटिस
अलवर के एससी-एसटी कोर्ट ने जानलेवा हमले के मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी को 3 साल की सजा सुनाई है। यह मामला लगभग 10 साल पुराना है, जिसमें क्रिकेट खेलते समय विवाद होने के बाद एक युवक पर बैट से हमला किया गया था, जिससे उसका सिर फट गया था। सरकारी वकील योगेंद्र खटाना ने बताया- 27 मार्च 2016 को कोतवाली थाने में रामजील ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि उनका पोता ललित अपने साथी मोहन के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान गेंद को लेकर कहासुनी हो गई और मामला झगड़े में बदल गया। सिर पर बैट से मारा था किशन कुमार और उसके साथियों ने ललित मीणा के सिर पर बैट से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अलवर से जयपुर रेफर किया गया था। दोषी को 11 साल की सजा पुलिस ने मामले में धारा 307 के तहत आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान एससी-एसटी कोर्ट की जज अनीत सिंधल ने 11 गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोपी किशन कुमार को दोषी मानते हुए 3 साल की सजा सुनाई। बयान से मुकरा पीड़ित, कोर्ट ने पक्षद्रोही घोषित किया पीड़ित ललित कुमार अपने बयान से मुकर गया, जिसके कारण कोर्ट ने उसे पक्षद्रोही घोषित कर दिया। अदालत ने सीआरपीसी की धारा 344 के तहत उसे नोटिस जारी किया है। झूठा बयान देने के मामले में उसके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी।