हरियाणा पुलिस की फॉरेंसिक लैब में होंगी 64 भर्तियां:DGP का प्रस्ताव- हिसार-पंचकूला में नया DNA डिवीजन; दो जिलों में RFSL का होगा विस्तार

हरियाणा पुलिस नए साल पर फोरेंसिक लैब में 64 नए पदों पर भर्ती करने जा रही है। इसके लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने प्रस्ताव तैयार किया है। नए साल के टारगेट फिक्स करते हुए पुलिस महानिदेशक ने इसका प्लान तैयार किया है। जिसके तहत एफएसएल, आरएफएसएल और जिला फोरेंसिक इकाइयों के लिए 86.38 करोड़ रुपए के आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। हिसार और पंचकूला में नए डीएनए डिवीजन स्थापित किए जाएंगे और भोंडसी व हिसार स्थित आरएफएसएल भवनों के विस्तार पर 32.58 करोड़ रुपए की स्वीकृत राशि का उपयोग तेजी से किया जाएगा। डीजीपी सिंघल ने कहा है कि हरियाणा पुलिस का लक्ष्य है कि हर प्रकार की फोरेंसिक रिपोर्ट अधिकतम 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए। 243 नए पद स्वीकृत हो चुके प्रदेश में फ़ोरेंसिक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा मानव संसाधन विस्तार किया। कुल 243 नए पद स्वीकृत किए गए, जिनमें से 97 पदों पर नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं और पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अधिक वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञों के जुड़ने से जांच की गति बढ़ी है, रिपोर्ट अधिक सटीक और वैज्ञानिक आधार पर तैयार हो रही हैं और फोरेंसिक कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गुरुग्राम आरएफएसएल में बनेगा नया डीएनए डिवीजन एफएसएल मधुबन के डीएनए डिवीजन को उन्नत किया गया और आरएफएसएल गुरुग्राम में नया डीएनए डिवीजन स्थापित किया गया, जिससे डीएनए परीक्षण क्षमता पहले की तुलना में बहुत अधिक बढ़ गई है। हिसार में बैलिस्टिक और दस्तावेज़ परीक्षण की नई प्रयोगशालाएं आरंभ होने से क्षेत्रीय स्तर पर ही तुरंत वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध होने लगी है। भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार अपराध स्थल पर 100 प्रतिशत फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जिससे प्रारंभिक जांच और भी मजबूत और प्रमाणिक बनी है। क्राइम स्पॉट के लिए 17 मोबाइल फोरेंसिक यूनिट्स मंजूर क्राइम स्पॉट पर तुरंत वैज्ञानिक सहायता पहुंचाने के लिए सूबे में 17 नई मोबाइल फोरेंसिक यूनिट्स स्वीकृत की गईं और 10 नई जिला फोरेंसिक लैब शुरू की गईं। राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय से प्राप्त चार आधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन को भी उपयोग में लाया गया है। इन वैन के कस्टमाइजेशन के लिए 6.71 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ये वैन जटिल अपराध स्थलों पर उच्चस्तरीय वैज्ञानिक जांच में सक्षम हुई हैं। इसके साथ हरियाणा देश में सबसे मजबूत फोरेंसिक फील्ड-रिस्पॉन्स नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल हो गया है। डिजिटल सिस्टम और आधुनिक उपकरणों से तेज और पारदर्शी रिपोर्टिंग साल 2025-26 में 15.83 करोड़ रुपए के मॉडर्न फोरेंसिक उपकरण लगाए गए, 3 करोड़ रुपए के उपकरणों के ऑर्डर जारी किए गए और 57.95 करोड़ रुपए से अधिक के उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है। ‘ट्रेकिया पोर्टल’ के माध्यम से फोरेंसिक प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है, जिससे केस ट्रैकिंग, रिपोर्ट तैयार करने और उनकी समीक्षा प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय हुई है।

Jan 9, 2026 - 11:51
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हरियाणा पुलिस की फॉरेंसिक लैब में होंगी 64 भर्तियां:DGP का प्रस्ताव- हिसार-पंचकूला में नया DNA डिवीजन; दो जिलों में RFSL का होगा विस्तार
हरियाणा पुलिस नए साल पर फोरेंसिक लैब में 64 नए पदों पर भर्ती करने जा रही है। इसके लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने प्रस्ताव तैयार किया है। नए साल के टारगेट फिक्स करते हुए पुलिस महानिदेशक ने इसका प्लान तैयार किया है। जिसके तहत एफएसएल, आरएफएसएल और जिला फोरेंसिक इकाइयों के लिए 86.38 करोड़ रुपए के आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। हिसार और पंचकूला में नए डीएनए डिवीजन स्थापित किए जाएंगे और भोंडसी व हिसार स्थित आरएफएसएल भवनों के विस्तार पर 32.58 करोड़ रुपए की स्वीकृत राशि का उपयोग तेजी से किया जाएगा। डीजीपी सिंघल ने कहा है कि हरियाणा पुलिस का लक्ष्य है कि हर प्रकार की फोरेंसिक रिपोर्ट अधिकतम 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए। 243 नए पद स्वीकृत हो चुके प्रदेश में फ़ोरेंसिक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा मानव संसाधन विस्तार किया। कुल 243 नए पद स्वीकृत किए गए, जिनमें से 97 पदों पर नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं और पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अधिक वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञों के जुड़ने से जांच की गति बढ़ी है, रिपोर्ट अधिक सटीक और वैज्ञानिक आधार पर तैयार हो रही हैं और फोरेंसिक कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गुरुग्राम आरएफएसएल में बनेगा नया डीएनए डिवीजन एफएसएल मधुबन के डीएनए डिवीजन को उन्नत किया गया और आरएफएसएल गुरुग्राम में नया डीएनए डिवीजन स्थापित किया गया, जिससे डीएनए परीक्षण क्षमता पहले की तुलना में बहुत अधिक बढ़ गई है। हिसार में बैलिस्टिक और दस्तावेज़ परीक्षण की नई प्रयोगशालाएं आरंभ होने से क्षेत्रीय स्तर पर ही तुरंत वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध होने लगी है। भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार अपराध स्थल पर 100 प्रतिशत फोरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जिससे प्रारंभिक जांच और भी मजबूत और प्रमाणिक बनी है। क्राइम स्पॉट के लिए 17 मोबाइल फोरेंसिक यूनिट्स मंजूर क्राइम स्पॉट पर तुरंत वैज्ञानिक सहायता पहुंचाने के लिए सूबे में 17 नई मोबाइल फोरेंसिक यूनिट्स स्वीकृत की गईं और 10 नई जिला फोरेंसिक लैब शुरू की गईं। राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय से प्राप्त चार आधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन को भी उपयोग में लाया गया है। इन वैन के कस्टमाइजेशन के लिए 6.71 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ये वैन जटिल अपराध स्थलों पर उच्चस्तरीय वैज्ञानिक जांच में सक्षम हुई हैं। इसके साथ हरियाणा देश में सबसे मजबूत फोरेंसिक फील्ड-रिस्पॉन्स नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल हो गया है। डिजिटल सिस्टम और आधुनिक उपकरणों से तेज और पारदर्शी रिपोर्टिंग साल 2025-26 में 15.83 करोड़ रुपए के मॉडर्न फोरेंसिक उपकरण लगाए गए, 3 करोड़ रुपए के उपकरणों के ऑर्डर जारी किए गए और 57.95 करोड़ रुपए से अधिक के उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है। ‘ट्रेकिया पोर्टल’ के माध्यम से फोरेंसिक प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है, जिससे केस ट्रैकिंग, रिपोर्ट तैयार करने और उनकी समीक्षा प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय हुई है।