साकेत कोर्ट में स्टाफ ने बिल्डिंग से कूदकर सुसाइड किया:नोट में लिखा- काम के दबाव ने मुझे तोड़ दिया; वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया

दिल्ली के साकेत कोर्ट परिसर में शुक्रवार को एक कर्मचारी ने बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली। मौके से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें लिखा था- ऑफिस में काम के दबाव के कारण आज मैं सुसाइड कर रहा हूं। मृतक की पहचान हरीश सिंह महार के रूप में हुई है। वह साकेत कोर्ट परिसर में अहलमद (अदालती रिकॉर्ड और केस फाइलों की देखरेख करने वाला क्लर्क) के पद पर तैनात था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी टीम साकेत कोर्ट परिसर पहुंची। हरीश की मौत के बाद साथी कर्मचारियों और वकीलों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सहकर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। सुसाइड नोट में लिखा... मेरा नाम हरीश सिंह महार है। आज मैं ऑफिस के काम के प्रेशर के कारण सुसाइड कर रहा हूं। मैं अपनी मर्जी से सुसाइड कर रहा हूं, इसके लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। जब से मैं अहलमद बना हूं, तब से मेरे मन में ये विचार आ रहे थे लेकिन मैंने किसी के साथ इन्हें शेयर नहीं किया। मुझे लगा था कि मैं सुसाइड के विचार पर काबू पा लूंगा, लेकिन मैं असफल रहा। 60 प्रतिशत दिव्यांग था सुसाइड नोट में आगे लिखा था- मैं 60 प्रतिशत दिव्यांग हूं और यह नौकरी मेरे लिए बहुत कठिन है और मैं दबाव के आगे टूट गया। जब से मैं अहलमद बना हूं, मुझे नींद नहीं आ रही है और मैं बहुत ज्यादा सोचने लगा हूं। अगर मैं समय से पहले रिटायरमेंट भी ले लूं तो मुझे अपना फंड और पेंशन 60 साल की उम्र में ही मिलेगी, इसलिए सुसाइड ही एकमात्र विकल्प है। मैं माननीय हाईकोर्ट से अपील करता हूं कि दिव्यांग व्यक्ति को हल्का काम दिया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी मेरी तरह पीड़ित न हो। घटना के बाद कोर्ट परिसर में प्रदर्शन घटना के बाद साकेत कोर्ट परिसर के बाहर कोर्ट स्टाफ और वकीलों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जस्टिस फॉर हरीश के नारे लगाए। साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव अनिल बसोया ने बताया कि घटना की जानकारी सुबह करीब 10 बजे मिली। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट में काम के ज्यादा दबाव का जिक्र किया गया है। पूरी बार एसोसिएशन कोर्ट स्टाफ के साथ खड़ी है और न्याय की मांग कर रही है। पुलिस ने कहा कि सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए… दिल्ली में मां ने दो बेटों के साथ की आत्महत्या, किराया नहीं चुका पाने की वजह से कोर्ट ने घर खाली करने का आदेश दिया था दिल्ली के कालकाजी इलाके में शुक्रवार दोपहर एक घर में एक ही परिवार के 3 लोगों ने आर्थिक तंगी की वजह से आत्महत्या कर ली। स्थानीय कोर्ट ने उन्हें किराया का घर शुक्रवार तक खाली करने के लिए कहा था। पुलिस के मुताबिक परिवार पिछले कई महीनों से 25 हजार रुपए मासिक किराया नहीं चुका पा रहा था। पूरी खबर पढ़िए…

Jan 10, 2026 - 12:59
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साकेत कोर्ट में स्टाफ ने बिल्डिंग से कूदकर सुसाइड किया:नोट में लिखा- काम के दबाव ने मुझे तोड़ दिया; वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया
दिल्ली के साकेत कोर्ट परिसर में शुक्रवार को एक कर्मचारी ने बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली। मौके से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें लिखा था- ऑफिस में काम के दबाव के कारण आज मैं सुसाइड कर रहा हूं। मृतक की पहचान हरीश सिंह महार के रूप में हुई है। वह साकेत कोर्ट परिसर में अहलमद (अदालती रिकॉर्ड और केस फाइलों की देखरेख करने वाला क्लर्क) के पद पर तैनात था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी टीम साकेत कोर्ट परिसर पहुंची। हरीश की मौत के बाद साथी कर्मचारियों और वकीलों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सहकर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। सुसाइड नोट में लिखा... मेरा नाम हरीश सिंह महार है। आज मैं ऑफिस के काम के प्रेशर के कारण सुसाइड कर रहा हूं। मैं अपनी मर्जी से सुसाइड कर रहा हूं, इसके लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। जब से मैं अहलमद बना हूं, तब से मेरे मन में ये विचार आ रहे थे लेकिन मैंने किसी के साथ इन्हें शेयर नहीं किया। मुझे लगा था कि मैं सुसाइड के विचार पर काबू पा लूंगा, लेकिन मैं असफल रहा। 60 प्रतिशत दिव्यांग था सुसाइड नोट में आगे लिखा था- मैं 60 प्रतिशत दिव्यांग हूं और यह नौकरी मेरे लिए बहुत कठिन है और मैं दबाव के आगे टूट गया। जब से मैं अहलमद बना हूं, मुझे नींद नहीं आ रही है और मैं बहुत ज्यादा सोचने लगा हूं। अगर मैं समय से पहले रिटायरमेंट भी ले लूं तो मुझे अपना फंड और पेंशन 60 साल की उम्र में ही मिलेगी, इसलिए सुसाइड ही एकमात्र विकल्प है। मैं माननीय हाईकोर्ट से अपील करता हूं कि दिव्यांग व्यक्ति को हल्का काम दिया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी मेरी तरह पीड़ित न हो। घटना के बाद कोर्ट परिसर में प्रदर्शन घटना के बाद साकेत कोर्ट परिसर के बाहर कोर्ट स्टाफ और वकीलों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जस्टिस फॉर हरीश के नारे लगाए। साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव अनिल बसोया ने बताया कि घटना की जानकारी सुबह करीब 10 बजे मिली। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट में काम के ज्यादा दबाव का जिक्र किया गया है। पूरी बार एसोसिएशन कोर्ट स्टाफ के साथ खड़ी है और न्याय की मांग कर रही है। पुलिस ने कहा कि सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए… दिल्ली में मां ने दो बेटों के साथ की आत्महत्या, किराया नहीं चुका पाने की वजह से कोर्ट ने घर खाली करने का आदेश दिया था दिल्ली के कालकाजी इलाके में शुक्रवार दोपहर एक घर में एक ही परिवार के 3 लोगों ने आर्थिक तंगी की वजह से आत्महत्या कर ली। स्थानीय कोर्ट ने उन्हें किराया का घर शुक्रवार तक खाली करने के लिए कहा था। पुलिस के मुताबिक परिवार पिछले कई महीनों से 25 हजार रुपए मासिक किराया नहीं चुका पा रहा था। पूरी खबर पढ़िए…