शंकराचार्य विवाद के बीच गरजे CM योगी, किसे बताया कालनेमि, कौन था यह मायावी राक्षस?
CM Yogi on Shankaracharya Congroversy : प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे तमाम कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे। हमें उनसे सावधान ...
CM Yogi on Shankaracharya Congroversy : प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे तमाम कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे। हमें उनसे सावधान रहना होगा। ALSO READ: Shankaracharya Avimukteshwaranand : धर्मनगरी प्रयागराज में गरमाई राजनीति, शंकराचार्य का आमरण अनशन और प्रशासन का नोटिस, क्या है पूरा मामला?
सीएम योगी ने सोनीपत में नाथ संप्रदाय के धार्मिक कार्यक्रम में कहा कि संत के लिए व्यक्तिगत संपत्ति कुछ नहीं होती। उसके लिए उसका धर्म ही संपत्ति होती है। उन्होंने कहा कि धर्म, राष्ट्र से बड़ा कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि किसी को परंपरा बाधित करने का हक नहीं है। उन्होंने धर्म को आचरण से साबित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति धर्म के खिलाफ आचरण करता है, चाहे वह किसी भी रूप में क्यों न हो, उसे सनातन परंपरा का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। हालांकि मुख्यमंत्री योगी ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उनके कालनेमि संबंधी बयान को इस विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
ऐसे तमाम कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे,
हमें उनसे सावधान रहना होगा... pic.twitter.com/AgyHSj39Ti — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 22, 2026
कौन था कालनेमि
कालनेमि का उल्लेख रामायण में मिलता है। वह एक मायावी राक्षस था, जिसने साधु का वेश धारण कर हनुमान को भ्रमित करने की कोशिश की थी। बाहर से वह धर्मात्मा और तपस्वी दिखाई देता था, लेकिन उसका उद्देश्य भगवान राम के कार्य में बाधा डालना था। हनुमान ने उसके छल को पहचान कर उसका वध कर दिया।
edited by : Nrapendra Gupta



