ललन राम 21,288 वोटों से जीतकर दूसरी बार विधायक बने:कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार को करारी हार, 6 सीटों में 5 पर NDA का कब्जा

औरंगाबाद जिले की कुटुंबा विधानसभा सीट के लिए हुई मतगणना शुक्रवार को संपन्न हो गई, इस बार विधानसभा चुनाव का मुकाबला काफी हाई-प्रोफाइल माना जा रहा था। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं उम्मीदवार राजेश कुमार को करारी हार का सामना करना पड़ा। उनके प्रतिद्वंद्वी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के उम्मीदवार ललन राम ने 21,288 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की है। कुल मतगणना के सभी राउंड में ललन राम ने मजबूत बढ़त बनाए रखी। पहले ही राउंड से उनकी बढ़त शुरू हो गई थी, जो अंतिम राउंड तक लगातार कायम रही। चुनावी विश्लेषकों का कहना है कि इस सीट पर एनडीए के पक्ष में लहर स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसका सीधा लाभ ललन राम को मिला। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण इस सीट पर राजेश कुमार की जीत की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन नतीजों ने सभी अनुमान बदल दिए। जीत के बाद ललन राम का बयान विजय हासिल करने के बाद ललन राम ने कहा कि यह पूरे कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र के लोगों की जीत है। पूरे बिहार के लोगों ने एनडीए के विकास पर भरोसा जताया है। उन्होंने बिहारवासियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। कुटुंबा में इस चुनाव के दौरान मतदान शांतिपूर्ण रहा था और मतदान प्रतिशत भी उत्साहजनक था। अब चुनाव परिणाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। इस महत्वपूर्ण जीत के साथ हम (से.) और एनडीए को कुटुंबा में बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली है, जबकि कांग्रेस के लिए यह परिणाम गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी बार विधायक बने ललन राम ललन राम पहली बार 2010 में जदयू के टिकट पर कुटुंबा से विधायक बने थे। उन्होंने राजद के पूर्व मंत्री सुरेश पासवान को हराया था। इसके बाद उनका टिकट कट गया था। 2015 में कुटुंबा सीट हम के खाते में चली गई। हम पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन एनडीए प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे लेकिन उनकी हार हुई थी और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे राजेश कुमार ने पहली बार जीत हासिल की। दूसरी बार वर्ष 2020 में राजेश कुमार ने हम पार्टी के प्रत्याशी श्रवण भुइयां को हराकर दुबारा जीत हासिल की। जबकि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में ललन राम निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थे। उन्हें 20000 मत प्राप्त हुए थे। इस बार पार्टी ने उन पर भरोसा जताकर टिकट दिया था।

Nov 14, 2025 - 21:45
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ललन राम 21,288 वोटों से जीतकर दूसरी बार विधायक बने:कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार को करारी हार, 6 सीटों में 5 पर NDA का कब्जा
औरंगाबाद जिले की कुटुंबा विधानसभा सीट के लिए हुई मतगणना शुक्रवार को संपन्न हो गई, इस बार विधानसभा चुनाव का मुकाबला काफी हाई-प्रोफाइल माना जा रहा था। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं उम्मीदवार राजेश कुमार को करारी हार का सामना करना पड़ा। उनके प्रतिद्वंद्वी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के उम्मीदवार ललन राम ने 21,288 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की है। कुल मतगणना के सभी राउंड में ललन राम ने मजबूत बढ़त बनाए रखी। पहले ही राउंड से उनकी बढ़त शुरू हो गई थी, जो अंतिम राउंड तक लगातार कायम रही। चुनावी विश्लेषकों का कहना है कि इस सीट पर एनडीए के पक्ष में लहर स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसका सीधा लाभ ललन राम को मिला। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण इस सीट पर राजेश कुमार की जीत की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन नतीजों ने सभी अनुमान बदल दिए। जीत के बाद ललन राम का बयान विजय हासिल करने के बाद ललन राम ने कहा कि यह पूरे कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र के लोगों की जीत है। पूरे बिहार के लोगों ने एनडीए के विकास पर भरोसा जताया है। उन्होंने बिहारवासियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। कुटुंबा में इस चुनाव के दौरान मतदान शांतिपूर्ण रहा था और मतदान प्रतिशत भी उत्साहजनक था। अब चुनाव परिणाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। इस महत्वपूर्ण जीत के साथ हम (से.) और एनडीए को कुटुंबा में बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली है, जबकि कांग्रेस के लिए यह परिणाम गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी बार विधायक बने ललन राम ललन राम पहली बार 2010 में जदयू के टिकट पर कुटुंबा से विधायक बने थे। उन्होंने राजद के पूर्व मंत्री सुरेश पासवान को हराया था। इसके बाद उनका टिकट कट गया था। 2015 में कुटुंबा सीट हम के खाते में चली गई। हम पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन एनडीए प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे लेकिन उनकी हार हुई थी और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे राजेश कुमार ने पहली बार जीत हासिल की। दूसरी बार वर्ष 2020 में राजेश कुमार ने हम पार्टी के प्रत्याशी श्रवण भुइयां को हराकर दुबारा जीत हासिल की। जबकि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में ललन राम निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थे। उन्हें 20000 मत प्राप्त हुए थे। इस बार पार्टी ने उन पर भरोसा जताकर टिकट दिया था।