रोहतक के मदीना में पानी की निकासी पर विवाद:दो पक्षों में बढ़ा तनाव, घरों के आगे खड़ा गंदा पानी
रोहतक जिले के महम क्षेत्र के मदीना गांव में गली के पानी की निकासी को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। घरों के सामने गंदा पानी जमा होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह विवाद अब डीसी और एसपी कार्यालय तक पहुंच गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दबंगई का आरोप लगा रहे हैं और अपनी-अपनी बात को सही ठहरा रहे हैं। विवाद की शुरुआत गली निर्माण कार्य के दौरान हुई थी और यह लगातार बढ़ रहा है। पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही पिछले कुछ दिनों से गली का गंदा पानी घरों के सामने जमा हो गया है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। इस कारण ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत समिति महम के पूर्व चेयरमैन सुनील कुमार उर्फ कल्लू का कहना है कि सरपंच ने नीची गली के सामने वाली गली को ऊंचा उठाकर मिट्टी डाल दी है, जिससे पानी रुक गया है। वहीं, सरपंच अंजू देवी के पति राजा शर्मा ने इन आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि मिट्टी डालकर पानी को दूसरे पक्ष के लोगों ने ही बंद किया है। निकासी को लेकर दो मतों में बंटे ग्रामीण मामला यह है कि गिंधराण द्वितीय ग्राम पंचायत गांव में शिवालय कुआं से लेकर मोखरा मोड़ तक आने वाली मुख्य गली का निर्माण करवा रही है। इस गली के पानी निकासी को लेकर ग्रामीण दो मतों में बंट गए हैं। दोनों पक्षों ने बहु अकबरपुर थाना पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। ग्राम पंचायत जहां से गली का पानी निकाल रही है, इस बात को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों को एतराज है। दोनों ही पक्ष पानी निकासी को लेकर अपनी बात को तर्क संगत बता रहे हैं। सरपंच ने पुलिस को दी शिकायत वहीं गंदे पानी की निकासी कहां से हो, इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच सवाल बना हुआ है। सरपंच ने इस संबंध में गांव के कई लोगों की पुलिस में शिकायत दी है। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने भी जिला उपायुक्त व एसपी को शिकायत दी हैं। विवाद बढ़ जाने की वजह से फिलहाल काम रुका हुआ है। हालांकि जिला प्रशासन ने गली निर्माण को सम्पन्न करवाने के लिए पुलिस बल भी भेजा था और ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किया था। गली का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ सका। लोगों का घरों से निकलना हुआ दूभर जिला व उपमंडल प्रशासन को मामले में हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों की बात को सुनकर उचित समाधान करना चाहिए, ताकि गांव में विवाद से उत्पन्न हुए आपसी तनाव को कम किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि वैसे तो पिछले 9 महीने से गली के पानी की निकासी को लेकर समस्या है, लेकिन पिछले तीन दिन से तो हालात ऐसे हो गए हैं, कि घरों से निकलना दूभर हो गया है।
रोहतक जिले के महम क्षेत्र के मदीना गांव में गली के पानी की निकासी को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। घरों के सामने गंदा पानी जमा होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह विवाद अब डीसी और एसपी कार्यालय तक पहुंच गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दबंगई का आरोप लगा रहे हैं और अपनी-अपनी बात को सही ठहरा रहे हैं। विवाद की शुरुआत गली निर्माण कार्य के दौरान हुई थी और यह लगातार बढ़ रहा है। पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही पिछले कुछ दिनों से गली का गंदा पानी घरों के सामने जमा हो गया है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है। इस कारण ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत समिति महम के पूर्व चेयरमैन सुनील कुमार उर्फ कल्लू का कहना है कि सरपंच ने नीची गली के सामने वाली गली को ऊंचा उठाकर मिट्टी डाल दी है, जिससे पानी रुक गया है। वहीं, सरपंच अंजू देवी के पति राजा शर्मा ने इन आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि मिट्टी डालकर पानी को दूसरे पक्ष के लोगों ने ही बंद किया है। निकासी को लेकर दो मतों में बंटे ग्रामीण मामला यह है कि गिंधराण द्वितीय ग्राम पंचायत गांव में शिवालय कुआं से लेकर मोखरा मोड़ तक आने वाली मुख्य गली का निर्माण करवा रही है। इस गली के पानी निकासी को लेकर ग्रामीण दो मतों में बंट गए हैं। दोनों पक्षों ने बहु अकबरपुर थाना पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। ग्राम पंचायत जहां से गली का पानी निकाल रही है, इस बात को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों को एतराज है। दोनों ही पक्ष पानी निकासी को लेकर अपनी बात को तर्क संगत बता रहे हैं। सरपंच ने पुलिस को दी शिकायत वहीं गंदे पानी की निकासी कहां से हो, इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच सवाल बना हुआ है। सरपंच ने इस संबंध में गांव के कई लोगों की पुलिस में शिकायत दी है। वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने भी जिला उपायुक्त व एसपी को शिकायत दी हैं। विवाद बढ़ जाने की वजह से फिलहाल काम रुका हुआ है। हालांकि जिला प्रशासन ने गली निर्माण को सम्पन्न करवाने के लिए पुलिस बल भी भेजा था और ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किया था। गली का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ सका। लोगों का घरों से निकलना हुआ दूभर जिला व उपमंडल प्रशासन को मामले में हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों की बात को सुनकर उचित समाधान करना चाहिए, ताकि गांव में विवाद से उत्पन्न हुए आपसी तनाव को कम किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि वैसे तो पिछले 9 महीने से गली के पानी की निकासी को लेकर समस्या है, लेकिन पिछले तीन दिन से तो हालात ऐसे हो गए हैं, कि घरों से निकलना दूभर हो गया है।