यूट्यूब से की तैयारी, पहले प्रयास में NDA पास:सब-लेफ्टिनेंट बनकर सोनीपत लौटा सचिन, पूरे गांव ने किया स्वागत
सोनीपत जिले के गांव भूर्री के युवा सचिन कौशिक भारतीय नौसेना (नेवी) में सब-लेफ्टिनेंट बनकर अपने गांव लौटे हैं। गांव पहुंचने पर उनका ऐसा स्वागत हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया। फूल मालाओं, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच गांव के लोगों ने अपने होनहार बेटे को सिर आंखों पर बिठा लिया। गांव में प्रवेश करते ही सब-लेफ्टिनेंट सचिन कौशिक का फूल मालाओं और तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया। इसके बाद सचिन ने पूरे गांव की परिक्रमा कर अपने बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों का काफिला उनके साथ चला। गांव के एक निजी विद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में भी उन्हें बड़ी माला पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक कुमार भारद्वाज, गांव भूर्री के सरपंच राम रूप कौशिक और बड़ी संख्या में लोगों ने स्वागत किया। 'मातृभूमि से बड़ा कोई नहीं, गांव की मिट्टी को नमन करने आया' सम्मान समारोह में सचिन कौशिक ने कहा कि आज का दिन उनके जीवन के सबसे यादगार दिनों में से एक है। उन्होंने कहा कि अपने पैतृक गांव में इतना प्यार और सम्मान मिलना उनके लिए गर्व की बात है। सचिन कौशिक ने कहा कि मातृभूमि से बढ़कर कुछ भी नहीं होता और इसलिए लेफ्टिनेंट बनने के बाद सबसे पहले अपने गांव की मिट्टी को नमन करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि गांव भूर्री जैसे ऐतिहासिक गांव में जन्म लेना उनका सौभाग्य है और यह पल उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। 4 साल की ट्रेनिंग के बाद बने लेफ्टिनेंट सचिन कौशिक ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उनका चयन नेशनल डिफेंस एकेडमी में हुआ, जहां उन्होंने 3 वर्षों तक कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद इंडियन नेवी अकादमी में प्रशिक्षण पूरा किया। करीब 4 वर्षों की कठिन और अनुशासित ट्रेनिंग के बाद उन्होंने 29 मई को अपनी पासिंग आउट परेड पूरी की और लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्ति प्राप्त की। कोविड में यूट्यूब बना गुरु, पहले प्रयास में मिली सफलता सचिन कौशिक की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के दौरान कोचिंग संस्थान बंद होने के कारण उन्होंने यूट्यूब और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की सहायता से तैयारी शुरू की थी। लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में NDA परीक्षा पास कर ली। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई छात्र सेना में जाना चाहता है तो उसे 11वीं कक्षा से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए और 12वीं में रहते हुए परीक्षा देनी चाहिए। इससे समय रहते अकादमी में प्रवेश लेकर बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त किया जा सकता है। बेटे ने पहले प्रयास में NDA पास किया सचिन के पिता मनोज कौशिक ने बताया कि सचिन ने पहले ही प्रयास में NDA परीक्षा उत्तीर्ण की थी और ऑल इंडिया स्तर पर 239वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने कहा कि आज गांव के बड़े-बुजुर्गों, माताओं और बहनों ने जिस प्रकार उनके बेटे का स्वागत किया है, उससे पूरे परिवार की खुशी कई गुना बढ़ गई है। 'देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा' सचिन कौशिक ने कहा कि उन्हें जिस विश्वास और अपेक्षा के साथ देश सेवा का अवसर मिला है, उसे वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना उनका सपना था और अब वह इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गांव से उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा और आज जो कुछ भी हैं, उसमें उनके गांव और ग्रामीणों का बड़ा योगदान है। नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने सचिन कौशिक गांव भूर्री के सरपंच राम रूप कौशिक ने कहा कि सचिन कौशिक ने न केवल गांव बल्कि पूरे सोनीपत जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से गांव के बच्चे और युवा प्रेरणा लेंगे तथा देश सेवा के लिए आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज पूरा गांव अपने इस होनहार बेटे को आशीर्वाद देने के लिए एकजुट हुआ है। उन्होंने सचिन की माता को भी बधाई देते हुए कहा कि ऐसे संस्कारवान और देशभक्त बेटे को जन्म देकर उन्होंने पूरे गांव का सम्मान बढ़ाया है। ये रहे समारोह में मौजूद प्रमुख लोग स्वागत समारोह में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक कुमार भारद्वाज, गांव भूर्री के सरपंच राम रूप कौशिक, पूर्व सरपंच रामचंद्र, रामपत, दीपचंद, श्रवण कुमार, शिवकुमार, जयकुवार, सुरेंद्र, रामनिवास, मास्टर संजीव, सुभास, पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बड़ौली का स्टाफ, सरकारी स्कूल गढ़ी घसीटा का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सोनीपत जिले के गांव भूर्री के युवा सचिन कौशिक भारतीय नौसेना (नेवी) में सब-लेफ्टिनेंट बनकर अपने गांव लौटे हैं। गांव पहुंचने पर उनका ऐसा स्वागत हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया। फूल मालाओं, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच गांव के लोगों ने अपने होनहार बेटे को सिर आंखों पर बिठा लिया। गांव में प्रवेश करते ही सब-लेफ्टिनेंट सचिन कौशिक का फूल मालाओं और तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया। इसके बाद सचिन ने पूरे गांव की परिक्रमा कर अपने बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों का काफिला उनके साथ चला। गांव के एक निजी विद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में भी उन्हें बड़ी माला पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक कुमार भारद्वाज, गांव भूर्री के सरपंच राम रूप कौशिक और बड़ी संख्या में लोगों ने स्वागत किया। 'मातृभूमि से बड़ा कोई नहीं, गांव की मिट्टी को नमन करने आया' सम्मान समारोह में सचिन कौशिक ने कहा कि आज का दिन उनके जीवन के सबसे यादगार दिनों में से एक है। उन्होंने कहा कि अपने पैतृक गांव में इतना प्यार और सम्मान मिलना उनके लिए गर्व की बात है। सचिन कौशिक ने कहा कि मातृभूमि से बढ़कर कुछ भी नहीं होता और इसलिए लेफ्टिनेंट बनने के बाद सबसे पहले अपने गांव की मिट्टी को नमन करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि गांव भूर्री जैसे ऐतिहासिक गांव में जन्म लेना उनका सौभाग्य है और यह पल उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। 4 साल की ट्रेनिंग के बाद बने लेफ्टिनेंट सचिन कौशिक ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद उनका चयन नेशनल डिफेंस एकेडमी में हुआ, जहां उन्होंने 3 वर्षों तक कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद इंडियन नेवी अकादमी में प्रशिक्षण पूरा किया। करीब 4 वर्षों की कठिन और अनुशासित ट्रेनिंग के बाद उन्होंने 29 मई को अपनी पासिंग आउट परेड पूरी की और लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्ति प्राप्त की। कोविड में यूट्यूब बना गुरु, पहले प्रयास में मिली सफलता सचिन कौशिक की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के दौरान कोचिंग संस्थान बंद होने के कारण उन्होंने यूट्यूब और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की सहायता से तैयारी शुरू की थी। लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में NDA परीक्षा पास कर ली। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई छात्र सेना में जाना चाहता है तो उसे 11वीं कक्षा से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए और 12वीं में रहते हुए परीक्षा देनी चाहिए। इससे समय रहते अकादमी में प्रवेश लेकर बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त किया जा सकता है। बेटे ने पहले प्रयास में NDA पास किया सचिन के पिता मनोज कौशिक ने बताया कि सचिन ने पहले ही प्रयास में NDA परीक्षा उत्तीर्ण की थी और ऑल इंडिया स्तर पर 239वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने कहा कि आज गांव के बड़े-बुजुर्गों, माताओं और बहनों ने जिस प्रकार उनके बेटे का स्वागत किया है, उससे पूरे परिवार की खुशी कई गुना बढ़ गई है। 'देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा' सचिन कौशिक ने कहा कि उन्हें जिस विश्वास और अपेक्षा के साथ देश सेवा का अवसर मिला है, उसे वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना उनका सपना था और अब वह इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गांव से उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा और आज जो कुछ भी हैं, उसमें उनके गांव और ग्रामीणों का बड़ा योगदान है। नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने सचिन कौशिक गांव भूर्री के सरपंच राम रूप कौशिक ने कहा कि सचिन कौशिक ने न केवल गांव बल्कि पूरे सोनीपत जिले का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से गांव के बच्चे और युवा प्रेरणा लेंगे तथा देश सेवा के लिए आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि आज पूरा गांव अपने इस होनहार बेटे को आशीर्वाद देने के लिए एकजुट हुआ है। उन्होंने सचिन की माता को भी बधाई देते हुए कहा कि ऐसे संस्कारवान और देशभक्त बेटे को जन्म देकर उन्होंने पूरे गांव का सम्मान बढ़ाया है। ये रहे समारोह में मौजूद प्रमुख लोग स्वागत समारोह में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक कुमार भारद्वाज, गांव भूर्री के सरपंच राम रूप कौशिक, पूर्व सरपंच रामचंद्र, रामपत, दीपचंद, श्रवण कुमार, शिवकुमार, जयकुवार, सुरेंद्र, रामनिवास, मास्टर संजीव, सुभास, पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बड़ौली का स्टाफ, सरकारी स्कूल गढ़ी घसीटा का स्टाफ तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।