बांका में वैक्सिनेशन के बाद बच्चे की मौत:परिजनों ने ANM पर लापरवाही का आरोप लगाया, जांच के आदेश

बांका के फुल्लीडुमर प्रखंड अंतर्गत वनवर्षा गांव में टीकाकरण के बाद एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि वैक्सीन लगने के तुरंत बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसकी जान चली गई। मृतक बच्चे की पहचान निकेश कुमार और सपना कुमारी के बेटा निशांत रजक के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर नियमित टीकाकरण सत्र के दौरान निशांत सहित चार से पांच बच्चों को पेंटा श्री वैक्सीन दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि एएनएम सुनीता कुमारी द्वारा वैक्सीन लगाए जाने के तुरंत बाद निशांत की हालत बिगड़ने लगी। बच्चे को बांका सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू रेफर कर दिया बच्चे की हालत गंभीर होते देख परिजन और आशा कार्यकर्ता पिंकू देवी उसे तुरंत खेसर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति को नाजुक बताते हुए बच्चे को बांका सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद निशांत को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब बच्चे की हालत बिगड़ने लगी तो आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर एएनएम सहित अन्य कर्मी वहां से चले गए। माता-पिता का कहना है कि यदि वैक्सीन सही तरीके से लगाई जाती तो उनके बच्चे की जान बच सकती थी। बच्चे के परिजनों तथा अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और बच्चे के परिजनों तथा अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बच्चे की मौत अत्यंत दुखद है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Jan 22, 2026 - 15:48
 0
बांका में वैक्सिनेशन के बाद बच्चे की मौत:परिजनों ने ANM पर लापरवाही का आरोप लगाया, जांच के आदेश
बांका के फुल्लीडुमर प्रखंड अंतर्गत वनवर्षा गांव में टीकाकरण के बाद एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि वैक्सीन लगने के तुरंत बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसकी जान चली गई। मृतक बच्चे की पहचान निकेश कुमार और सपना कुमारी के बेटा निशांत रजक के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर नियमित टीकाकरण सत्र के दौरान निशांत सहित चार से पांच बच्चों को पेंटा श्री वैक्सीन दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि एएनएम सुनीता कुमारी द्वारा वैक्सीन लगाए जाने के तुरंत बाद निशांत की हालत बिगड़ने लगी। बच्चे को बांका सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू रेफर कर दिया बच्चे की हालत गंभीर होते देख परिजन और आशा कार्यकर्ता पिंकू देवी उसे तुरंत खेसर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति को नाजुक बताते हुए बच्चे को बांका सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद निशांत को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब बच्चे की हालत बिगड़ने लगी तो आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर एएनएम सहित अन्य कर्मी वहां से चले गए। माता-पिता का कहना है कि यदि वैक्सीन सही तरीके से लगाई जाती तो उनके बच्चे की जान बच सकती थी। बच्चे के परिजनों तथा अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार चौधरी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और बच्चे के परिजनों तथा अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बच्चे की मौत अत्यंत दुखद है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।