पायलट ने पूछा-'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' का क्या हुआ:कहा- राम मंदिर चंदा चोरी विवाद में सिर्फ लीपापोती हो रही
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट और चंदे के विवाद पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंनें कहा कि 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' के नारे का क्या हुआ? पायलट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, जहां लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई से 2, 5, 10 और 100 रुपए अपनी श्रद्धा से दान किए। अब वहां करोड़ों रुपए का गबन जगजाहिर है, लेकिन एफआईआर में मुख्य जिम्मेदार लोगों की जगह ड्राइवर और चपरासी के नाम डालकर केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड केस का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 1 रुपए का भी नकद लेन-देन नहीं हुआ, फिर भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं, जांच हो रही है और चार्जशीट दाखिल की जा रही है। पायलट वागड़ क्षेत्र के कुशलगढ़ में हुए एक कार्यक्रम के बाद बांसवाड़ा सर्किट हाउस पहुंचे थे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान वागड़ के प्रमुख कांग्रेस नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया, अर्जुन सिंह बामणिया सहित जिले के तमाम बड़े नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सरकार चुनाव से डर रही है सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट ने कहा कि जो सरकार लंबे समय से 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की बात करती आई है, वह आज खुद चुनाव कराने से पीछे भाग रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूनिवर्सिटी-कॉलेजों के छात्रसंघ चुनाव, पंचायत चुनाव और शहरी निकायों के चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं। हाईकोर्ट द्वारा सरकार को नोटिस देने और फटकार लगाने के बावजूद सरकार कोई न कोई बहाना बनाकर चुनाव टालने में लगी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा सरकार असलियत जानती है। उन्हें पता है कि जैसे ही चुनाव होंगे, जनता को अपना रुख दिखाने का मौका मिलेगा और भारी बहुमत के साथ कांग्रेस चुनाव जीतेगी। यही वजह है कि सरकार चुनाव से डरी हुई है और पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। लेकिन अंततः हमारे दबाव और कोर्ट के आदेश के कारण सरकार को चुनाव कराने ही पड़ेंगे, हम हर जगह चुनाव लड़ेंगे और कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी। नौकरशाही के भरोसे चल रहा है तंत्र पायलट ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों (सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख) की जगह पूरा तंत्र अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है। आज जहां भी प्रशासक लगे हुए हैं, उन्हें आम जनता, गांव और गरीब की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। जनप्रतिनिधि जनता की उम्मीदों और सरकार के संसाधनों के बीच एक सेतु का काम करते हैं, लेकिन अब वे शक्तिहीन हैं। शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। सरकार सिर्फ अखबारों, टीवी और सोशल मीडिया पर प्रचार करने में व्यस्त है, जबकि धरातल पर जनता परेशान है। वागड़ में बीएपी (BAP) से गठबंधन को लेकर भी दिया जवाब वागड़ क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पायलट ने कहा कि हम लोग अपने दम पर चुनाव लड़ते आए हैं और आगे भी चुनाव लड़ेंगे। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में हमारा 'इंडिया अलायंस' (INDIA Alliance) का गठबंधन हुआ था और वह अलायंस आज भी मजबूत है। लेकिन अलग-अलग राज्यों में स्थानीय स्थिति और परिस्थितियों को देखकर निर्णय लिया जाता है। जैसे बंगाल, केरल या राजस्थान जैसे राज्यों की बात हो, तो समय आने पर 'इंडिया अलायंस' के शीर्ष नेता ही इस पर अंतिम फैसला करेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट और चंदे के विवाद पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंनें कहा कि 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' के नारे का क्या हुआ? पायलट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, जहां लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई से 2, 5, 10 और 100 रुपए अपनी श्रद्धा से दान किए। अब वहां करोड़ों रुपए का गबन जगजाहिर है, लेकिन एफआईआर में मुख्य जिम्मेदार लोगों की जगह ड्राइवर और चपरासी के नाम डालकर केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड केस का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 1 रुपए का भी नकद लेन-देन नहीं हुआ, फिर भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं, जांच हो रही है और चार्जशीट दाखिल की जा रही है। पायलट वागड़ क्षेत्र के कुशलगढ़ में हुए एक कार्यक्रम के बाद बांसवाड़ा सर्किट हाउस पहुंचे थे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान वागड़ के प्रमुख कांग्रेस नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया, अर्जुन सिंह बामणिया सहित जिले के तमाम बड़े नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सरकार चुनाव से डर रही है सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए पायलट ने कहा कि जो सरकार लंबे समय से 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की बात करती आई है, वह आज खुद चुनाव कराने से पीछे भाग रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूनिवर्सिटी-कॉलेजों के छात्रसंघ चुनाव, पंचायत चुनाव और शहरी निकायों के चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं। हाईकोर्ट द्वारा सरकार को नोटिस देने और फटकार लगाने के बावजूद सरकार कोई न कोई बहाना बनाकर चुनाव टालने में लगी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा सरकार असलियत जानती है। उन्हें पता है कि जैसे ही चुनाव होंगे, जनता को अपना रुख दिखाने का मौका मिलेगा और भारी बहुमत के साथ कांग्रेस चुनाव जीतेगी। यही वजह है कि सरकार चुनाव से डरी हुई है और पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। लेकिन अंततः हमारे दबाव और कोर्ट के आदेश के कारण सरकार को चुनाव कराने ही पड़ेंगे, हम हर जगह चुनाव लड़ेंगे और कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी। नौकरशाही के भरोसे चल रहा है तंत्र पायलट ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों (सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख) की जगह पूरा तंत्र अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है। आज जहां भी प्रशासक लगे हुए हैं, उन्हें आम जनता, गांव और गरीब की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। जनप्रतिनिधि जनता की उम्मीदों और सरकार के संसाधनों के बीच एक सेतु का काम करते हैं, लेकिन अब वे शक्तिहीन हैं। शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। सरकार सिर्फ अखबारों, टीवी और सोशल मीडिया पर प्रचार करने में व्यस्त है, जबकि धरातल पर जनता परेशान है। वागड़ में बीएपी (BAP) से गठबंधन को लेकर भी दिया जवाब वागड़ क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पायलट ने कहा कि हम लोग अपने दम पर चुनाव लड़ते आए हैं और आगे भी चुनाव लड़ेंगे। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में हमारा 'इंडिया अलायंस' (INDIA Alliance) का गठबंधन हुआ था और वह अलायंस आज भी मजबूत है। लेकिन अलग-अलग राज्यों में स्थानीय स्थिति और परिस्थितियों को देखकर निर्णय लिया जाता है। जैसे बंगाल, केरल या राजस्थान जैसे राज्यों की बात हो, तो समय आने पर 'इंडिया अलायंस' के शीर्ष नेता ही इस पर अंतिम फैसला करेंगे।