जोधपुर विधायक ने ट्रांसफर की अर्जी के लिए बनाया मंदिर:बोले- भगवान की मर्जी से सबका काम होगा, हम सिर्फ डाकिया हैं
ट्रांसफर की सिफारिश के लिए नेताओं के दरवाजे खटखटाने का चलन पुराना है, लेकिन जोधपुर में एक विधायक ने इसका नया ‘आध्यात्मिक मॉडल’ निकाल लिया। विधायक अतुल भंसाली ने बाकायदा ‘डिजायर मंदिर’ बनवा दिया है, जहां ट्रांसफर की अर्जी सीधे भगवान श्रीराम के चरणों में डाली जाती है। विधायक का कहना है- ‘हम भगवान नहीं, सिर्फ डाकिया हैं।’ जोधपुर शहर के भाजपा विधायक ने इस डिजायर मंदिर में प्रभु श्री राम की तस्वीर लगाई है। साथ ही तस्वीर के आगे एक बॉक्स रखा है। लोग इस पेटी में ट्रांसफर की अर्जी डाल रहे हैं। सबसे पहले देखिए- कैसा है डिजायर मंदिर मंदिर बनवाने को लेकर विधायक का क्या है तर्क? डिजायर लेते रहेंगे तो काम कब करेंगे: अतुल भंसाली ने बताया- विधायक बनने के बाद से रोजाना 17 से 18 घंटे तक फील्ड और ऑफिस में काम करते हैं। यदि दिनभर डिजायर के लिए ही बैठे रहेंगे तो जनता ने जिन मुद्दों के लिए चुनकर भेजा है, वो काम कैसे हो पाएंगे। इसलिए डिजायर मंदिर बनाया गया है। सभी को जोधपुर में नहीं लगाया जा सकता: करीब 10 साल पहले मेरे काका स्वर्गीय कैलाश भंसाली विधायक रहे थे। तब से मैं ये सब देख रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर संगठन के पदाधिकारी ने भी यही कहा की डिजायर की बीमारी से हमेशा दूर ही रहना। सभी सरकारी कर्मचारियों को जोधपुर में नहीं लगाया जा सकता है। सभी काम हो जाएं, इससे सहमत नहीं: जो डिजायर आती है उसमें सरकार की नीति और नियमों के अनुसार ही काम होता है, लेकिन लोगों का ऐसा मानना है कि एक बार विधायक को यदि कोई काम सौंप दिया जाता है तो वह 100% हो जाएगा। मैं इससे सहमत नहीं है। भगवान के चरणों में अर्पित कर दो डिजायर- विधायक अतुल भंसाली ने बताया- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों के हित में ट्रांसफर से बैन हटाया है। राजस्थान में स्थानीय विधायक की अनुशंसा के आधार पर ही ट्रांसफर किए जाते हैं। मैं इस परपंरा के खिलाफ हूं। क्योंकि हर किसी के चरित्र का सर्टिफिकेट मैं नहीं दे सकता। फिर भी लोग हमारे पास लोग अनुशंसा लेकर आते हैं, लेकिन हम भगवान नहीं विधायक हैं। हम महज एक डाकिया हैं। इसलिए जो भी यहां पर डिजायर लेकर आता है, उसे यही कहा जाता है कि भगवान के चरणों में अर्पित कर दो। भगवान की मर्जी से ही सबका काम होगा। ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए 16 दिन के लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटाया राजस्थान सरकार ने 19 जून को सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटा दिया है। ये रोक 5 जुलाई तक के लिए हटाई गई है। करीब 16 दिन के लिए हटाए गए बैन से शिक्षा विभाग में ग्रेड थर्ड टीचर और चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को भी अलग रखा गया है। चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को भी अलग रखा है। पूरी खबर पढ़िए… 178 RAS का ट्रांसफर, 3 मंत्रियों के सहायक बदले राजस्थान सरकार ने 178 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अफसरों के तबादले किए हैं। तीन मंत्रियों के विशिष्ट सहायक (SA) भी बदले गए हैं। 12 एपीओ आरएएस को पोस्टिंग दी गई है, जबकि 5 आरएएस के तबादले रद्द किए गए हैं। बीज निगम में घूसकांड के खुलासे के बीच नए प्रबंध निदेशक (MD) की पोस्टिंग हुई है। पूरी खबर पढ़िए…
ट्रांसफर की सिफारिश के लिए नेताओं के दरवाजे खटखटाने का चलन पुराना है, लेकिन जोधपुर में एक विधायक ने इसका नया ‘आध्यात्मिक मॉडल’ निकाल लिया। विधायक अतुल भंसाली ने बाकायदा ‘डिजायर मंदिर’ बनवा दिया है, जहां ट्रांसफर की अर्जी सीधे भगवान श्रीराम के चरणों में डाली जाती है। विधायक का कहना है- ‘हम भगवान नहीं, सिर्फ डाकिया हैं।’ जोधपुर शहर के भाजपा विधायक ने इस डिजायर मंदिर में प्रभु श्री राम की तस्वीर लगाई है। साथ ही तस्वीर के आगे एक बॉक्स रखा है। लोग इस पेटी में ट्रांसफर की अर्जी डाल रहे हैं। सबसे पहले देखिए- कैसा है डिजायर मंदिर मंदिर बनवाने को लेकर विधायक का क्या है तर्क? डिजायर लेते रहेंगे तो काम कब करेंगे: अतुल भंसाली ने बताया- विधायक बनने के बाद से रोजाना 17 से 18 घंटे तक फील्ड और ऑफिस में काम करते हैं। यदि दिनभर डिजायर के लिए ही बैठे रहेंगे तो जनता ने जिन मुद्दों के लिए चुनकर भेजा है, वो काम कैसे हो पाएंगे। इसलिए डिजायर मंदिर बनाया गया है। सभी को जोधपुर में नहीं लगाया जा सकता: करीब 10 साल पहले मेरे काका स्वर्गीय कैलाश भंसाली विधायक रहे थे। तब से मैं ये सब देख रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर संगठन के पदाधिकारी ने भी यही कहा की डिजायर की बीमारी से हमेशा दूर ही रहना। सभी सरकारी कर्मचारियों को जोधपुर में नहीं लगाया जा सकता है। सभी काम हो जाएं, इससे सहमत नहीं: जो डिजायर आती है उसमें सरकार की नीति और नियमों के अनुसार ही काम होता है, लेकिन लोगों का ऐसा मानना है कि एक बार विधायक को यदि कोई काम सौंप दिया जाता है तो वह 100% हो जाएगा। मैं इससे सहमत नहीं है। भगवान के चरणों में अर्पित कर दो डिजायर- विधायक अतुल भंसाली ने बताया- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों के हित में ट्रांसफर से बैन हटाया है। राजस्थान में स्थानीय विधायक की अनुशंसा के आधार पर ही ट्रांसफर किए जाते हैं। मैं इस परपंरा के खिलाफ हूं। क्योंकि हर किसी के चरित्र का सर्टिफिकेट मैं नहीं दे सकता। फिर भी लोग हमारे पास लोग अनुशंसा लेकर आते हैं, लेकिन हम भगवान नहीं विधायक हैं। हम महज एक डाकिया हैं। इसलिए जो भी यहां पर डिजायर लेकर आता है, उसे यही कहा जाता है कि भगवान के चरणों में अर्पित कर दो। भगवान की मर्जी से ही सबका काम होगा। ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए 16 दिन के लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटाया राजस्थान सरकार ने 19 जून को सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटा दिया है। ये रोक 5 जुलाई तक के लिए हटाई गई है। करीब 16 दिन के लिए हटाए गए बैन से शिक्षा विभाग में ग्रेड थर्ड टीचर और चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को भी अलग रखा गया है। चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को भी अलग रखा है। पूरी खबर पढ़िए… 178 RAS का ट्रांसफर, 3 मंत्रियों के सहायक बदले राजस्थान सरकार ने 178 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अफसरों के तबादले किए हैं। तीन मंत्रियों के विशिष्ट सहायक (SA) भी बदले गए हैं। 12 एपीओ आरएएस को पोस्टिंग दी गई है, जबकि 5 आरएएस के तबादले रद्द किए गए हैं। बीज निगम में घूसकांड के खुलासे के बीच नए प्रबंध निदेशक (MD) की पोस्टिंग हुई है। पूरी खबर पढ़िए…