गृह मंत्रालय बोला-जनगणना 2027 के दूसरे चरण जाति जनगणना होगी:कुछ लोग सिर्फ भ्रम फैला रहे; अखिलेश यादव ने कहा था- BJP जाति जनगणना नहीं कराएगी

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जाति जनगणना भी की जाएगी। सरकार ने कहा कि देश भर में फरवरी 2027 से जनगणना शुरू हो जाएगी। गृह मंत्रालय ने कहा कि जनगणना 2027 के बारे में पूरी जानकारी 12 दिसंबर, 2025 को एक प्रेस नोट के माध्यम से जारी की गई थी। फिर भी, कुछ लोग जानबूझकर जनगणना-2027 और विशेष रूप से जाति जनगणना के बारे में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, सपा चीफ अखिलेश यादव ने x पर एक पोस्ट में दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का जाति जनगणना कराने का कोई इरादा नहीं है। पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय को धोखा दिया है।जनगणना नोटिफिकेशन में जाति के लिए कोई कॉलम ही नहीं है। मंत्रालय ने आगे बताया कि जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके क्षेत्रों और गैर-समकालिक क्षेत्रों सितंबर, 2026 में ही इसे पूरा किया जाएगा। अखिलेश यादव बोले- जाति जनगणना BJP का जुमला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का जाति जनगणना कराने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने PDA समुदाय - पिछड़े (पिछड़ी जातियां), दलित और अल्पसंख्यक (माइनॉरिटी) को धोखा देने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जनगणना नोटिफिकेशन में जाति के लिए कोई कॉलम भी नहीं है। वे क्या गिनेंगे? जाति जनगणना भी BJP का जुमला है। कांग्रेस बोली- मोदी सरकार की गंभीरत पर सावल सोमवार को, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार की तरफ से जारी किए हाउसलिस्टिंग शेड्यूल में शामिल किए जाने वाले विषयों की सूची में सवाल नंबर 12 में पूछा गया है। उन्होंने कहा कि इसमें पूछा गया है कि क्या घर का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य श्रेणियों से संबंधित है। रमेश ने कहा कि इसकी जगह OBC और सामान्य श्रेणियों के बारे में साफ तौर पर पूछा जाए। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि चूंकि जाति जनगणना जनगणना 2027 का हिस्सा होनी है, इसलिए जिस तरह से सवाल 12 बनाया गया है। यह मोदी सरकार के असली इरादों और एक व्यापक, निष्पक्ष, राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठाता है। 22 जनवरी: सरकार ने सवालों की लिस्ट जारी की थी इससे पहले सरकार ने 22 जनवरी को जनगणना में पूछे जाने वाले सवालों की लिस्ट जारी की थी। सरकार ने बताया था कि इसमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं। जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी। जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी। ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं। ------------ ये खबर भी पढ़ें… देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी, राहुल बोले- फैसले का समर्थन, डेडलाइन तय हो देश में आजादी के बाद पहली बार जाति जनगणना कराई जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल 2025 को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसे मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। जाति जनगणना के ऐलान के बाद राहुल गांधी ने कहा था- आखिरकार सरकार ने जाति जनगणना की बात कह दी है। हम इसे सपोर्ट करते हैं, लेकिन सरकार को इसकी समय सीमा बतानी होगी। पूरी खबर पढ़ें…

Jan 29, 2026 - 11:44
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गृह मंत्रालय बोला-जनगणना 2027 के दूसरे चरण जाति जनगणना होगी:कुछ लोग सिर्फ भ्रम फैला रहे; अखिलेश यादव ने कहा था- BJP जाति जनगणना नहीं कराएगी
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जाति जनगणना भी की जाएगी। सरकार ने कहा कि देश भर में फरवरी 2027 से जनगणना शुरू हो जाएगी। गृह मंत्रालय ने कहा कि जनगणना 2027 के बारे में पूरी जानकारी 12 दिसंबर, 2025 को एक प्रेस नोट के माध्यम से जारी की गई थी। फिर भी, कुछ लोग जानबूझकर जनगणना-2027 और विशेष रूप से जाति जनगणना के बारे में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, सपा चीफ अखिलेश यादव ने x पर एक पोस्ट में दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का जाति जनगणना कराने का कोई इरादा नहीं है। पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय को धोखा दिया है।जनगणना नोटिफिकेशन में जाति के लिए कोई कॉलम ही नहीं है। मंत्रालय ने आगे बताया कि जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके क्षेत्रों और गैर-समकालिक क्षेत्रों सितंबर, 2026 में ही इसे पूरा किया जाएगा। अखिलेश यादव बोले- जाति जनगणना BJP का जुमला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का जाति जनगणना कराने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने PDA समुदाय - पिछड़े (पिछड़ी जातियां), दलित और अल्पसंख्यक (माइनॉरिटी) को धोखा देने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जनगणना नोटिफिकेशन में जाति के लिए कोई कॉलम भी नहीं है। वे क्या गिनेंगे? जाति जनगणना भी BJP का जुमला है। कांग्रेस बोली- मोदी सरकार की गंभीरत पर सावल सोमवार को, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार की तरफ से जारी किए हाउसलिस्टिंग शेड्यूल में शामिल किए जाने वाले विषयों की सूची में सवाल नंबर 12 में पूछा गया है। उन्होंने कहा कि इसमें पूछा गया है कि क्या घर का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य श्रेणियों से संबंधित है। रमेश ने कहा कि इसकी जगह OBC और सामान्य श्रेणियों के बारे में साफ तौर पर पूछा जाए। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि चूंकि जाति जनगणना जनगणना 2027 का हिस्सा होनी है, इसलिए जिस तरह से सवाल 12 बनाया गया है। यह मोदी सरकार के असली इरादों और एक व्यापक, निष्पक्ष, राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठाता है। 22 जनवरी: सरकार ने सवालों की लिस्ट जारी की थी इससे पहले सरकार ने 22 जनवरी को जनगणना में पूछे जाने वाले सवालों की लिस्ट जारी की थी। सरकार ने बताया था कि इसमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं। जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी। जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी। ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं। ------------ ये खबर भी पढ़ें… देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी, राहुल बोले- फैसले का समर्थन, डेडलाइन तय हो देश में आजादी के बाद पहली बार जाति जनगणना कराई जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल 2025 को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसे मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। जाति जनगणना के ऐलान के बाद राहुल गांधी ने कहा था- आखिरकार सरकार ने जाति जनगणना की बात कह दी है। हम इसे सपोर्ट करते हैं, लेकिन सरकार को इसकी समय सीमा बतानी होगी। पूरी खबर पढ़ें…