कूनो में बढ़ा चीतों का कुनबा, बोत्स्वाना से लाए गए 9 चीतों को क्वारेंटाइन बाड़े में छोड़ा गया

मध्यप्रदेश के कूनो में अब चीतों का कुनबा और बढ़ गया है। बोत्स्वाना से लाए गए 9 चीतों को आज कूनो में छोड़ा गया। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी महाद्वीप बोत्स्वाना से लाए गए चीतों को क्वारेंटाइन बाड़े में ...

Feb 28, 2026 - 18:31
 0
कूनो में बढ़ा चीतों का कुनबा, बोत्स्वाना से लाए गए 9 चीतों को क्वारेंटाइन बाड़े में छोड़ा गया


मध्यप्रदेश के कूनो में अब चीतों का कुनबा और बढ़ गया है। बोत्स्वाना से लाए गए 9 चीतों को आज कूनो में छोड़ा गया। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी महाद्वीप बोत्स्वाना से लाए गए चीतों को क्वारेंटाइन बाड़े में छोड़ा।

बोत्स्वाना से लाए गए 9 चीतों को आज सुबह ग्वालियर से भारतीय वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों से कूनो नेशनल पार्क लाया गया। कूनो नेशनल पार्क में बनाए गए 5 हेलीपैड पर चीतों की सफल लैंडिग के बाद पार्क में तैयार किए गए बाड़ों में चीतों को छोड़ा गया। इन बाड़ों में चीते लगभग एक महीने तक क्वारंटाइन में रहेंगे।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता अब अपने प्रारंभिक चरण से आगे बढ़कर स्थायी स्थापना और सफल प्रजनन के चरण में प्रवेश कर चुका है। चीता प्रोजेक्ट की शुरूआत में  दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों में से 8 वर्तमान में कूनो में पूरी स्वस्थ हैं। इनमें से 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में भेजा जा चुका है। वहीं दक्षिण अफ्रीकी मादा चीतों से जन्मे 10 शावक जीवित और स्वस्थ हैं।

वहीं भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा चीता मुखी ने 5 शावकों को जन्म दिया है, जो चीता प्रोजेक्ट की उपलब्धि है। वहीं मादा चीता गामिनी ने दूसरी बार चार नए शावकों को जन्म दिया है। इससे पहले गामिनी ने 3 शावकों को जन्म दिया था तो पूरी तरह स्वस्थ है। वहीं मादा चीता वीरा अपने 13 माह के शावक के साथ खुले जंगल में घूम रही है, जबकि निर्वा अपने 10 माह के तीन शावकों के साथ संरक्षित बाड़े में है।