अजीत पवार के बाद महाराष्ट्र की सत्ता की कुर्सी पर कौन? प्रफुल्ल पटेल, सुनिल तटकरे या सुनेत्रा पवार – उपमुख्यमंत्री की दौड़ में उभरे नाम

अजीत पवार के असामयिक निधन ने महाराष्ट्र की राजनीति को हिला दिया है। विमान हादसे में 'दादा' के जाने से न केवल एनसीपी (अजित गुट) में खालीपन पैदा हुआ है, बल्कि महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की कुर्सी अब खाली है। नवीनतम रिपोर्ट्स और राजनीतिक ...

Jan 29, 2026 - 11:45
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अजीत पवार के बाद महाराष्ट्र की सत्ता की कुर्सी पर कौन? प्रफुल्ल पटेल, सुनिल तटकरे या सुनेत्रा पवार – उपमुख्यमंत्री की दौड़ में उभरे नाम

prafulla Patel, sunil tatkare or sunetra pawar who will be maharashtra deputy cm अजीत पवार के असामयिक निधन ने महाराष्ट्र की राजनीति को हिला दिया है। विमान हादसे में 'दादा' के जाने से न केवल एनसीपी (अजित गुट) में खालीपन पैदा हुआ है, बल्कि महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की कुर्सी अब खाली है। नवीनतम रिपोर्ट्स और राजनीतिक चर्चाओं से साफ है कि इस पद के लिए तीन प्रमुख नाम उभर रहे हैं: 

प्रफुल्ल पटेल – एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और अजित पवार के सबसे करीबी सहयोगी। वे पार्टी के अनुभवी रणनीतिकार हैं और अजित गुट के कई विधायकों पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। कई विश्लेषणों में उन्हें उपमुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार बताया जा रहा है, क्योंकि वे केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर सक्रिय रहे हैं।

 

सुनिल तटकरे– कोकण क्षेत्र में एनसीपी का मजबूत आधार रखने वाले नेता। वे पार्टी के महाराष्ट्र इकाई अध्यक्ष भी रह चुके हैं और सहकारी क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ है। तटकरे का नाम उपमुख्यमंत्री की रेस में इसलिए प्रमुख है क्योंकि वे क्षेत्रीय संतुलन बनाए रख सकते हैं।

 

सुनेत्रा पवार– अजीत पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद। परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनका नाम सबसे भावनात्मक और प्रत्यक्ष विकल्प है। सुनेत्रा पहले से ही राजनीति में सक्रिय हैं और बारामती की जड़ों से जुड़ी हैं। यदि परिवार की एकता को प्राथमिकता दी गई, तो वे उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं, हालांकि उनकी राजनीतिक अनुभव की तुलना में पटेल या तटकरे अधिक अनुभवी हैं।

 

यह दौड़ महायुति गठबंधन (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) के भीतर शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी। यदि एनसीपी के विधायक एकजुट रहे, तो उपमुख्यमंत्री पद एनसीपी को ही मिल सकता है, लेकिन भाजपा का दबदबा बढ़ने से कोई आश्चर्य नहीं होगा।

 

दूसरी ओर, शरद पवार और सुप्रिया सुले की भूमिका अब निर्णायक हो गई है। अजीत पवार के जाने के बाद पवार परिवार में एकता की लहर दिख रही है – सुप्रिया सुले, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार एक साथ बारामती पहुंचे हैं। शरद पवार की उम्र को देखते हुए, सुप्रिया सुले एनसीपी (एसपी) की कमान संभालने के साथ-साथ पूरे परिवार और संभावित विलय की प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभा सकती हैं।

 

क्या यह एनसीपी के दो गुटों का पूर्ण विलय होगा? क्या सुप्रिया सुले 'ताई' से 'नेता' बनकर महाराष्ट्र की राजनीति में नई जगह बनाएंगी? या परिवार की विरासत अब सुनेत्रा और पार्थ जैसे नए चेहरों पर टिकेगी?

 

अजीत पवार के बाद महाराष्ट्र की सियासत एक नई, अनिश्चित लेकिन रोमांचक दिशा में बढ़ रही है – जहां व्यक्तिगत दुख, राजनीतिक महत्वाकांक्षा और परिवार की एकता सब एक साथ टकरा रहे हैं। आने वाले दिनों में ये सवाल तय करेंगे कि पवार विरासत का भविष्य क्या होगा।